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स्त्री केँ त्याग वा स्वाभिमानक संग सम्मान भेटतनि तखनहि नारी केर अस्तित्व सुरक्षित रहत

नारी सशक्तिकरण खाली गप्पहिमे वास्तवमे एखनहु प्रताड़ित भ’ए रहलीह यत्र -तत्र

पलायन रोकबाक लेल उचित समाधान आवश्यक तखनहि मिथिलाक संस्कृति आ गौरव सुरक्षित रहत

यज्ञोपवीत संस्कार आत्मशुद्धि आ ज्ञानक मार्ग थिक उत्सव वा स्टेटस सिंबल नहि

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श्रीमद्भागवद्गीता बारहम अध्याय

ॐ श्री परमात्मने नमः !! ॥ द्वादशोऽध्यायः ॥ अर्जुन उवाच । एवं सततयुक्ता ये भक्तास्त्वां पर्युपासते ॥ ये चाप्यक्षरमव्यक्तं तेषां के योगवित्तमाः ॥१२-१॥ अर्जुन कहलनि: जे भक्त, हमेशा दृढ़ इच्छा…

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श्रीमद्भागवद्गीता एगारहम अध्याय

ॐ श्री परमात्मने नमः !! ॥एकादशोऽध्यायः॥ अर्जुन उवाच । मदनुग्रहाय परमं गुह्यमध्यात्मसंज्ञितम् ॥ यत्त्वयोक्तं वचस्तेन मोहोऽयं विगतो मम ॥११-१॥ अर्जुन कहलनि: हे भगवन ! अपने हमरा उपर दया कयकेँ आत्मज्ञान…

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श्रीमद्भागवद्गीता – दसम अध्याय

ॐ श्री परमात्मने नमः !! ॥दशमोऽध्यायः॥ श्रीभगवानुवाच । भूय एव महाबाहो शृणु मे परमं वचः ॥ यत्तेऽहं प्रीयमाणाय वक्ष्यामि हितकाम्यया ॥१०-१॥ भगवान कहलनि: फेर सँ, हे महाबाहु, हमर सबसँ पैघ…

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