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ॐ श्री परमात्मने नमः !! ॥चतुर्थोऽध्यायः॥ श्री भगवानुवाच । इमं विवस्वते योगं प्रोक्तवानहव्ययम् ॥ विवस्वान्मनवे प्राह मनुरिक्ष्वाकवेऽब्रवीत् ॥४-१॥ The Blessed Lord said: I told this imperishable Yoga to Vivasvat; Vivasvat…
ॐ श्री परमात्मने नमः !! ॥तृतीयोऽध्यायः॥ अर्जुन उवाच । ज्यायसी चेत्कर्मणस्ते मता बुद्धिर्जनार्दन ॥ तत्किं कर्मणि घोरे मां नियोजयसि केशव ॥३-१॥ व्यामिश्रेणेव वाक्येन बुद्धि मोहयसीव मे ॥ तदेकं वद निश्चित्य…
ॐ श्री परमात्मने नमः !! ॥द्वितीयोऽध्यायः॥ सञ्जय उवाच । तं तथा कृपयाविष्टमश्रुपूर्वाकुलेक्षणम् ॥ विषीदन्तमिदं वाक्यमुवाच मधुसूदनः ॥२-१॥ Sanjaya said: To him who was thus overwhelmed with pity and sorrowing, and…
लेख विचार प्रेषित: शेफालिका दत्त श्रीजा श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि विषय :- ब्राह्मण एवं हुनक संस्कार "बरसाइत पावैनक महत्व"। अप्पन सबहक मिथिला मे…
लेख विचार प्रेषित: निशि कांत पाठक श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि विषय :- ब्राह्मण एवं हुनक संस्कार मिथिलानी लेल बरसाइत पर्वक महत्व मिथिलाक संस्कृति…
लेख विचार प्रेषित: माला झा श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि विषय :- बरसाइत पाबनि : मिथिलाक संस्कृति आ वटसावित्री व्रतक महत्व "बरसाइत" पाबनि सुहागिन…
लेख विचार प्रेषित: अंजू झा आर्या श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि विषय: #बरसाइत_पावनि: मिथिला मे एकर महत्व ओ विशेषता मिथिलाक सांस्कृतिक ओ आध्यात्मिक परंपराक…
लेख विचार प्रेषित: आभा झा अद्विका श्रोत: दहेज मुक्त मिथिला समूह लेखनी के धार ,बृहस्पतिवार साप्ताहिक गतिविधि विषय :- दहेजक दंश आखिर कहिया तक समाजक प्रगति आ आधुनिकताक बात तऽ हम…
