एकटा माय केर संघर्ष, सफलता आ आस्था
(लाखों के रोल मोडल “संगीता मिश्र”)
मानव जीवन मे सुख आ दुःख केर कतेको लीला होयब स्वाभाविक छैक । परमब्रह्म परमात्माक बनायल एहि ब्रह्माण्डीय संरचना मे भोर छैक त साँझो छैक; दिन छैक त रातियो छैक, खुशी छैक त गमो छैक । मुदा एहि समस्त द्वन्द्व सँ भरल संसार मे हम-अहाँ यदि अपन कर्तव्यपथ पर सही ढंग सँ आगू बढ़ैत छी, संघर्षक बादो अपन पताका आकाश मे फहराबैत छी, अपन दुःखक नोर मात्र नहि बहा हिम्मत आ ताकत सँ अपन सन्तान सब केँ एकटा मंजिल (डेस्टिनी) प्रदान करैत छियैक, ओकरा सभक आत्मबल आ आत्मविश्वास केँ अपन दुःख-कष्ट-संघर्ष सँ कनिकबो डिगय नहि दैत छियैक – त हम-अहाँ ‘रोल मोडल’ (आदर्श पुरुष/नारी/व्यक्ति) कहाइत छी । हमर-अहाँक ठाढ़ कयल उदाहरण आन लोक लेल ‘श्रेष्ठ आ अनुकरणीय’ आचरण बनि जाइत अछि ।
आइ एहने एक रोल-मोडल केर चर्चा करय चाहब । चर्चाक प्रसंग पूर्व दिग्दर्शित गोटेक कथा-वार्ता सँ अछि । आजुक रोल-मोडल थिकीह “संगीता मिश्र” ।
संगीता मिश्र एक सिंगल मदर (एकल माय) रहितो अपन तीन गोट सन्तान केँ एक सँ बढ़िकय एक करियर प्रदान कयलनि अछि । हिनक प्रथम सन्तान चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट, दोसर सन्तान दिल्ली विश्वविद्यालयक छात्रा एवं छात्र नेतृ (जेनरल सेक्रेटरी) संग-संग एडमिशन हेल्प-डेस्क केर संचालिका तथा तेसर सन्तान एस आर एम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी एन सी आर कैम्पस सँ कम्प्यूटर साइंस इंजीनियरिंग केर तेसर वर्षक छात्र हेबाक संगहि कन्टेन्ट क्रिएटर आ एडिटर केर कार्य करैत नहि केवल अपन पढ़ाइ केर खर्च जुटा रहला अछि, बल्कि गौरवान्वित माता आ परिजनक संग दर्जनों अन्य लेल सेहो मददगार सिद्ध भेला अछि, भ’ रहला अछि ।
बच्चा सब अत्यन्त छोट अवस्था सँ यदि माय केँ तनावग्रस्त आ नोर बहबैत देखत, त ओ सब सेहो विकल भ’ पढ़ाइ-लिखाइ सँ दूर भ’ जायत । ओकर जीवन पटरी पर नहि आबि पेतैक । तेँ, संगीता मिश्र, अपन सम्पूर्ण ऊर्जा आ शक्ति ओकरा सभक भरण-पोषण मे लगा देलिह । किन्नहुं बच्चा सब आँखिक नहि देखय – कतहु कोनो बात कम नहि पड़ैक – स्कूल या समाज या राष्ट्रक कोनो फोरम पर ओ सब अपन सबलता कम नहि होबए दिअए – यैह स्पिरिट (भाव) सँ ओ अपन तीनू बच्चा लेल निजी सख सब बिसरिकय अत्यन्त कठोर संघर्ष करैत रहलिह । ई बहुत पैघ आदर्श थिकैक आ एकर प्रेरणा लाखों संघर्षशील महिला लेल अनुकरणीय अछि ।
बच्चा सभक पालन-पोषण आ शिक्षा-दीक्षा मे अपनेक योगदानक जतेक प्रशंसा कयल जाय से कम होयत । विदिते अछि जे दाम्पत्य जीवन मे कनिकबो टा मतान्तर अत्यन्त भयावह परिणाम देल करैछ, तथापि अपने कानूनी तौर पर न्याय प्राप्तिक संघर्ष करैत, आदर्श सिद्धान्त जे नारीक कर्तव्य पति सँ बेसी सन्तानक पक्ष मे हेबाक चाही तेकर निर्वाह करैत तथा जीवन-निर्वाह लेल पति वा सासुर परिवारक दया-कृपाक कोनो अपेक्षा कएने बिना अपन निजी उद्यमिताक सहारे ‘विदेह’ अगरबत्ती सहित अनेकों ब्राण्ड आ प्रोडक्ट्स केर उद्योग संचालन, बाजार वितरण, मार्केटिंग, विज्ञापन आदिक कुशल संचालन करैत अपन सतीत्व आ गरिमा केँ उच्च सम्मान प्रदान कयल अछि ।
हिनका संग मैथिली जिन्दाबाद वास्ते भेल साक्षात्कार-वार्ताक किछु अंशः
हमः आदरणीया भाभीजी केँ प्रवीणक सादर प्रणाम । आशा अछि अपने सब कुशलपूर्वक छी । एखन बच्चा सब कतय-कतय कि-कि कय रहल अछि ?
भाभीजीः जी, सब नीक अछि । अहूँ सभक कुशलता फेसबुक अपडेट सब सँ पता लगिते रहैत अछि । बच्चा सब अपन पैर पर ठाढ़ अछि, पढ़ि-लिखि रहल अछि । हमरा लेल हमर बच्चासभक मेहनति आ सफलता सँ पैघ खुशीक बात दोसर किछु नहि अछि । हमर बड़की बेटी चार्टर्ड एकाउन्टेन्ट (CA Final मे) अछि । ओ अपन मेहनति सँ एतय धरि पहुँचल अछि । हमर बेटा SRM कॉलेज में पढ़ाइक संग-संग Content Writer केर रूपमे काज कऽ रहल अछि आ अपन पढ़ाइक खर्च अपने निकालि रहल अछि, साथ मे हमर छोट-मोट जरुरत कें सेहो पूरा करैत अछि । ई हमरा लेल बहुत गर्वक बात अछि । हमर छोटकी बेटी दिल्ली यूनिवर्सिटी मे पढ़ाइ कऽ रहल अछि । पढ़ाइक संग-संग ओ General Secretary केर भूमिका आ जिम्मेदारी सेहो निभा रहल अछि । अपन पढ़ाइक संग नेतृत्वक जिम्मेदारी उठबैत ओकरा देखिकऽ हमरा बहुत खुशी होइत अछि ।
एकटा सिंगल मदर केर रूपमे बच्चासभक परवरिश, पढ़ाइ आ भविष्यक जिम्मेदारी निभेनाइ आसान नहि छल । जीवनमे बहुत चुनौती आयल, मुदा हम हिम्मत नहि हारलहुँ । आइ हमर बच्चासभ अपन-अपन क्षेत्रमे मेहनत कऽ रहल अछि, तऽ हमरा लगैत अछि जे हमर संघर्ष सफल भेल ।
हमः निस्सन्देह भाभीजी ! अहाँ हमर मिथिला समाजक एकटा रोल मोडल थिकहुँ । एहि द्वारे कहैत छैक लोक – नीक कुल-मूलक सन्तान । अहाँक त्याग-तपस्या आ समर्पण-लगड़पन सचमुच प्रणम्य अछि । अहाँक ‘विदेह’ अगरबत्ती मे नव कि सब तरक्की भेल ?
भाभीजीः हमर अपन व्यवसाय सेहो नीक चलि रहल अछि । विदेह अगरबत्ती मे आर कतेको रास नया ब्राण्ड सब जुड़ि गेल अछि । पैकिंग मशीन सब अटोमेटिक लगेलहुँ, ब्राण्ड इनोवेशन आधुनिक बाजार अनुरूप कयनाय आवश्यक छल । सब ठीक चलि रहल अछि ।
हमः अपनेक संघर्षक कथा सँ सफलताक कथा बेसी चर्चा मे देखि रहल छी । समाज मे भिन्न-भिन्न प्रकारक लोक रहैछ, सभक अलग-अलग मति आ विचार होइत छैक । लेकिन अहाँक ठाढ़ कयल उदाहरण वास्तव मे प्रशंसित आ अनुकरणीय कहल जाइछ । सफलताक श्रेय केकरा दैत छियैक ?
भाभीजीः अपन मेहनति आ लगनक संग-संग हमरा विश्वास अछि जे ई सभ हमरा भगवान आ शुभचिन्तक लोकनिक आशीर्वाद सँ संभव भेल अछि । हम जे किछु छी आ आइ हमर परिवार जेतय अछि, ताहिमे सब सँ पहिने हमर भाइ आ माँ केर योगदान अछि । हमर मेहनति, हमर बच्चासभक मेहनति आ भगवानक आशीर्वाद— तीनू केर बहुत पैघ योगदान अछि । हम अपन सफलता केवल अपन नहि मानैत छी । एहि यात्रा मे हमर माय, हमर भाइ, हमर बच्चासभ आ भगवानक आशीर्वाद — सभक योगदान अछि ।
हमः संघर्षक बाद सफलता सँ एकटा अलगे आनन्द भेटब स्वाभाविक छैक । अपने बड नीक कहल जे सफलता मे अपन कुल-परिवार, समाज आ ईश्वर सभक सहयोग भेटल । अतीतक याद कतेक अबैत अछि ?
भाभीजीः जखन हम पाछाँ मुड़ि कऽ देखैत छी, तऽ बुझाइत अछि जे कठिन समय हमरा तोड़बाक लेल नहि, बल्कि हमरा आओर मजबूत बनेबाक लेल आयल छल । हमर बच्चासभक सफलता, हमर व्यवसाय केर सफलता आ परिवारक खुशी —ई सभ हमर लेल भगवानक आशीर्वाद अछि । अतीत केँ किछु एना याद करैत छी । बेसी कि कहू ! हमर अपन अतीत मे कि भेल, ओकरा बेर-बेर याद करय नहि चाहैत छी । जे किछु भेल, ओ हमर जीवनक एकटा कठिन अध्याय छल । आब हम ओहि अध्याय केँ फेर सँ खोलि कऽ अपन वर्तमान आ भविष्य केँ प्रभावित नहि करय चाहैत छी । जिनका कारण हमरा जीवनमे दुख आयल, हुनका लेल आब हम किछु नहि कहय चाहैत छी । ओ सभ बात हम अपन ईश्वर पर छोड़ि देने छी । भगवान सभ किछु देखैत छथि आ समय सभ केँ अपन-अपन उत्तर दैत अछि ।
हमः ईश्वर केर न्याय सँ पैघ आन कोनो न्याय नहि । वैह पालनहारो छथि आ वैह कर्मक फलदाता सेहो छथि । न्याय केर एहि संसार मे समाजक सेहो अपन दृष्टि होइत छैक । भविष्यक योजना पर किछु कहू !
भाभीजीः समाज मे किछु लोक छोड़ि देल जाए तऽ बहुत लोकक जीवन पर किछु व्यक्तिक व्यवहारक प्रभाव पड़ैत अछि । मुदा हम एहि बातकेँ व्यक्तिगत बदला या नफरत केर रूप मे नहि देखैत छी । हमर मान्यता अछि जे कर्मक हिसाब भगवानक हाथ मे अछि । जे जेकर कर्म होयत, ओकर फल सेहो ओकरा भेटत । हम आब अपन अतीत मे नहि, अपन बच्चासभक भविष्य, अपन परिवार, अपन व्यवसाय आ अपन मेहनतिक दिश देखय चाहैत छी । हमर इच्छा अछि जे हमर बच्चासभ हमर संघर्ष सँ सीखथि आ जीवनमे नीक इंसान बनथि । बस । हम ककरो लेल खराब नहि चाहैत छी । बस एतबे चाहैत छी जे भगवान सभकेँ सही राह देखाबथि आ सभक जीवनमे सुख आ शांति दिअथि । आब हमर लेल सबसँ महत्वपूर्ण बात अछि — जे भेल, से भेल; आब हमरा आगाँ बढ़बाक अछि ।
धन्यवादक संग ई साक्षात्कार समाप्त भेल । आशा करैत छी जे पाठक लोकनि केँ सेहो सकारात्मक प्रेरणा आ ऊर्जा भेटतनि । वास्तव मे जीवन मे घिसियौर काटय सँ नीक जे नया ऊर्जा, शक्ति आ परिश्रम सँ सफलताक अनेकों पैघ-पैघ मुकाम दिश डेग बढ़ैत रहय । सभक लेल शुभकामना !!
हरिः हरः!!
