किछु कहबाक अछि – सन्दर्भ युवा आ राजनीति
(जेन-जी क्रान्ति आ नकारात्मक राजनीति)
विचार
– प्रवीण नारायण चौधरी
नेपाल राजनीतिक रूप सँ बहुत संवेदनशील देश अछि । एतय घरही कोनो न कोनो पार्टीक समर्थक आ लगभग ९०% लोक राजनीतिक साक्षर बुझाइछ । कारण बहुते रास छैक । नेपालक राजतंत्र सँ प्रजातंत्र, गणतंत्र, संघीयता, समानुपातिक समावेशिकता, आदि भारी-भारी शब्दाडम्बरी संज्ञा-विशेषण बच्चा-बच्चा बुझैत छैक । ताहि पर सँ वैश्विक भूराजनीतिक क्रीड़ाभूमि – अर्थात् नेपाल मे भारत, चीन, अमेरिका, बेलायत, जापान, आस्ट्रेलिया, आदि विभिन्न दाता-देश सभक अपन-अपन स्वार्थ आ तेकरा संग फूटबल खेलेनिहार नेपालक कतेको सरोकारवाला लोक – पैसा मे तुरन्त बिकायवला आ विदेशी एजेन्डा पर नेपालक हित ताकयवला लोकक कमी नहि छैक एतय ।
जेन-जी क्रान्तिक पृष्ठभूमि
नेपाल मे लोकतंत्र स्थापित करबाक लेल भारतक स्वतंत्रता उपरान्त काफी रास आन्दोलन, क्रान्ति, व्यवस्था आ संविधान परिवर्तनक इतिहास अछि । प्रत्येक १० वर्ष मे एकटा पैघ क्रान्ति होइत रहल छैक । नहि पता, कोनो रहस्यपूर्ण गुत्थीक परिणामस्वरूप एना होइत छैक, अथवा आने कोनो कारणे – मुदा हरेक १० वर्ष मे एकटा पैघ क्रान्ति हेब्बे टा करैत छैक । २००७, २०१७, २०२७, २०३७, २०४७, २०५७, २०६७, २०७७, २०८७…. आर एहिना-एहिना, एहि सब वर्षक अगल-बगल मे पैघ-पैघ बदलाव आयल छैक । एकर अन्तिम कड़ी मे ‘जेन-जी क्रान्ति’ केर नाम लेल जाइछ ।
नेपाल मे ‘केपी ओली सरकार’ द्वारा सामाजिक संजाल यानि ‘सोशल मीडिया’ पर प्रतिबन्ध लगा देल गेलैक । फेसबुक, व्हाट्सअप, आदि आधुनिक टूल्स केर प्रयोग पर प्रतिबन्ध एकटा कथित राष्ट्रवादी नेता तत्कालीन नेपालक प्रधानमंत्री के. पी. ओली आ संगहि-संग सत्ता-साझेदार नेपाली कांग्रेस केर सरकारक ई कार्य एहेन प्रतिक्रिया उत्पन्न कय देलकैक जे युवा वर्गक भीड़ एकत्रित कय केँ पाछाँ सँ खतरनाक खेलाड़ी सभक गैंग एकाएक देश भरिक अदालत, अड्डा, संसदभवन, रेकर्ड रूम्स, जिला प्रशासन कार्यालय आदि केँ डाहिकय सुड्डाह कय देलकैक ।
एहि जेन-जी क्रान्ति मे आगि लागय सँ पहिनहिं हेकड़ीबाज ओली-सरकारक सिपहसलार अनियन्त्रित भीड़ केँ सम्हारबाक लेल धड़ल्ले सँ गोली मारिकय कतेको मायक कोखि उजाड़ि देलकैक – यानि बेतरतीब नरसंहार कय केँ देशक जनता मे एहेन आक्रोश उत्पन्न कय देने रहैक जे देश मे आखिरकार आगि लागि गेलैक आ नेपाली सेनाक कनेक देरी सँ मुदा सही समय पर कमान सम्हारि लेबाक चलते बाकी लोक बचि गेलैक, धरि ताबत तक कतेको प्राइवेट उद्यमी व उद्योगीक सम्पत्ति सेहो जराकय खकस्याय कय देल गेल छलैक ।
पुनः गैर-राजनीतिक पृष्ठभूमिक सरकार बनाकय नव सरकार गठन हेतु गछल समय मे चुनाव करा हाल नवोदित राजनीतिक शक्ति जाहि मे ‘जेन-जी’ बाहुल्यता आ युवा-नेतृत्व केँ जिम्मेदारी देल गेल छैक, एखन नेपाल एहि तरहें शासन व्यवस्था देखि रहल अछि ।
जेन-जी क्रान्ति मे तत्कालीन ओली सरकारक हेकड़ीबाजी – यानि कथित राष्ट्रवादक नाम पर जे-से निर्णय करैत देशहित केँ नकारबाक विरोधक अन्डर-करेन्ट, सफेदपोश नेता आ ओकर भरदार-खरदार सभक धियापुता ‘नेपोकिड्स’ केर लहक-चहक-समृद्धि आ बाकी लोक प्रति सरकारक उदासीन रवैया, न आर्थिक प्रगति, न भौतिक पूर्वाधारक तेहेन कोनो खास विकास, न रोजी-रोजगार – देश सँ युवा पलायनक अबस्था – हताश-निराश जनता आ ताहि मे जियो-पोलिटिक्स केर मल्टिपल वैदेशिक शक्ति द्वारा परिचालित कतेको एनजीओ आ थिंक-टैंक सभक किरदानी – मिलाजुला कय जेन-जी क्रान्ति ‘संविधान’ केँ सम्मानपूर्वक मान्यता दितो, व्यवस्था परिवर्तन करय मे सफल भेलैक ।
एहि वर्तमान सरकारक कतेको रास निर्णय सब आन्तरिक भ्रष्टाचार आ सीमित लोक मे समेटल पद-प्रतिष्ठा आ राष्ट्रक ‘ढुकुटी’ (खजाना) केँ ३ करोड़ नेपाली जनताक हित मे उपलब्ध करेबाक लेल सुधारोन्मुख बुझाइछ । धरि, मूल परिवर्तन आर्थिक प्रगतिक मादे शिथिले छैक । उपर सँ एहेन भयावह त्रासदीपूर्ण रसुवा-भोटेकोशी बाढ़ि, कतहु भू-स्खलन मे सुखा पहाड़क बाढ़ि, हजारों लोक त्राहि-त्राहि कय केँ मृत्युक मुख मे समा गेनाय – ई सब विडम्बनापूर्ण प्राकृतिक घटना सँ नेपाल आक्रान्त अछि ।
भारतीय राजनीति मे जेन-जी क्रान्ति लेल आतुरता
उपरोक्त विवरण नेपालक जेन-जी क्रान्ति, तदोपरान्त सत्ता परिवर्तन आ सत्ता-संचालनक स्थिति, प्राकृतिक आवोहवा आ आक्रान्त-त्रस्त नेपाली जनताक मादे राखल । आब आउ भारत पर । एखन भारत मे सेहो ‘जेन-जी, जेन-जी’ खूबे भ’ रहल अछि । आगि लगेबाक लेल कतेको रास टीम सब अहोराति खटैत देखा रहल अछि । विपक्षक नेता जेकर उपनाम पप्पू बेस लोकप्रिय छैक, जेकरा जोकर सँ बढ़िकय भारतीय राजनीति मे किछु नहि मानल जा रहल छैक, जेकर आइ धरि गम्भीर आ राष्ट्रानुकूल अन्तर्क्रिया तक देखबाक लेल कतहु नहि भेटैछ, खाली ‘छात्रों की गूंज’, ‘रोड शो – भारत जोड़ो यात्रा’, ‘मनुस्मृति जला दो’, ‘स्त्री स्वतंत्रता का पश्चिमी सभ्यता वाली शैली अपनाओ’, यैह सब इवेन्ट केर आयोजन आ सोशल मीडिया मे लाखों-करोड़ों पोस्ट्स सब पोस्टाकय एल्गोरिदम केर लाभ उठा सत्ता पेबाक होड़ मात्र देखा रहल छैक । तहिना केजरी गैंग, कौकरोच गैंग, सपा गैंग, राजद गैंग, तृणमूल गैंग – ई सबटा गैंगबाज सभक समूह देश मे ‘जेन-जी क्रान्ति’ केर रिक्त सपना देखि रहल अछि ।
सभक लेल समग्र सन्देश यैह जे आगि लगेबाक सख जुनि पालू । जेहो किछु आर्थिक उन्नति देश मे भेल, ताहि सँ फाजिल आर केना देश बढ़त ताहि दिशा मे सार्थक आ आलोचना सँ सुधारक नीति पर देश केँ आगू बढ़ाउ । विकल्प तैयार करू । जेकरा सँ असन्तुष्ट छी, तेकरा लोकतांत्रिक तरीका सँ परास्त करू । संवैधानिक निकाय पर झूठ-मूठ आंगूर ठाढ़ करब आ वोट-चोरीक आरोप पर वर्तमान सरकार केँ हड़कायब, से भारतक जनता नहि मानत । नेपाल जेकाँ भारत मे अन्ध-राष्ट्रवाद आ विभाजित मानसिकता नहि छैक । तेँ, ई खतरनाक कुकृत्य कय अपन स्थिति आर खराब नहि करू । हाल धरिक अपडेट यैह अछि जे २०२९ मे अहाँ सब फेर हारब । उत्तरप्रदेश फेर हारब । जीत केर सम्भावना दूर-दूर धरि नहि अछि । होश मे आउ ।
हरिः हरः!!
