Search

चेतना समारोह २०२६ केर रिपोर्ट कोलकाताः नवचेतना समितिक अनुकरण योग्य चेतनाक संचार

54 भ्यूज

डा. अनमोल झा, कोलकाता । १९ अगस्त २०२६, मैथिली जिन्दाबाद !!

मिथिला नव चेतना समिति, रिषड़ाक “चेतना समारोह–२०२६”

मिथिला, मैथिली भाषा-साहित्य एवं सांस्कृतिक चेतनाक संरक्षण-संवर्धन लेल निरंतर क्रियाशील मिथिला नव चेतना समिति, रिषड़ा (पश्चिम बंगाल) द्वारा १५ अगस्त २०२६ कऽ स्वतंत्रता दिवसक पावन अवसर पर वार्षिक “चेतना समारोह” हर्षोल्लास, गरिमा आ साहित्यिक-सांस्कृतिक वातावरणमे आयोजित कयल गेल । भोरमे राष्ट्रीय ध्वजारोहणसँ आरम्भ भेल ई समारोह आ दिनभरि विभिन्न सत्रमे संचालित होइत साँझ धरि चलल । एहि अवसर पर समितिक वरिष्ठ, संस्थापक एवं युवा सदस्यक संग साहित्य, कला आ संस्कृतिक क्षेत्रसँ जुड़ल अनेक गणमान्य व्यक्तिक उल्लेखनीय सहभागिता रहल ।

समारोहक शुभारम्भ भोर १० बजे राष्ट्रीय ध्वजारोहणसँ भेल । समितिक वरिष्ठ एवं संस्थापक सदस्य श्री राजेन्द्र झा जीक कर-कमलसँ राष्ट्रीय ध्वज फहराओल गेल । स्वतंत्रता दिवसक एहि मंगल अवसर पर उपस्थित सदस्य एवं अतिथिगण राष्ट्रक प्रति अपन श्रद्धा आ सम्मान प्रकट कयलनि । राष्ट्रीय चेतनाक एहि वातावरणक संग दिनभरि चलयवला कार्यक्रमक विधिवत शुरुआत भेल ।

प्रथम सत्र : वार्षिक आम समारोह एवं नव कार्यकारिणीक उद्घोषणा –

पूर्वाह्न ११ बजे समितिक वार्षिक आम समारोहक प्रथम सत्र आरम्भ भेल । एहि सत्रक अध्यक्षता समितिक अध्यक्ष श्री कालीकान्त मिश्र जी कयलनि । मंच पर समितिक वरिष्ठ सदस्य एवं पदाधिकारीगणमे श्री नीरज झा, श्री शिव चन्द्र झा तथा श्री नरेश मिश्र (चेयरमेन साहब) उपस्थित छलाह ।

सत्रमे समितिक विगत वर्षक क्रियाकलाप, उपलब्धि, सांगठनिक गतिविधि एवं आगामी योजनासँ संबंधित विभिन्न विषय पर विस्तारपूर्वक चर्चा भेल । उपस्थित वरिष्ठ एवं युवा सदस्य अपन-अपन विचार आ सुझाव रखलनि । समितिक कोषाध्यक्ष, सहकोषाध्यक्ष तथा अन्य सदस्य सेहो सांगठनिक गतिविधिक संबंधमे अपन बात रखलनि । वक्तागणमे श्री प्रभाकर झा, श्री तपेश्वर चौधरी तथा श्री विजय चौधरी प्रमुख छलाह ।

एहि अवसर पर समितिक भरि सालक आय-व्ययक विवरण प्रस्तुत कयल गेल आ नव कार्यकारिणीक उद्घोषणा सेहो भेल । नव कार्यकारिणीमे पुनः श्री कालीकान्त मिश्र अध्यक्ष, श्री रंजीत कुमार झा सचिव एवं श्री तपेश्वर चौधरी कोषाध्यक्ष निर्वाचित/मनोनीत भेलाह । उपस्थित सदस्यगण नव कार्यकारिणीक प्रति शुभकामना व्यक्त करैत समितिक गतिविधि केँ आरो व्यापक एवं प्रभावी बनयबाक अपेक्षा व्यक्त कयलनि ।

द्वितीय सत्र : “नव चेतना”क ११म अंकक विमोचन –

वार्षिक आम समारोहक पश्चात् दोसर सत्र आरम्भ भेल, जकर मुख्य आकर्षण छल समितिद्वारा प्रकाशित स्मारिका “नव चेतना”क ११म अंकक विमोचन । एहि अंकक सम्पादन वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. अनमोल झा जी कयने छथि ।

सत्रक मंगलारम्भ कविकोकिल विद्यापति रचित प्रसिद्ध भगवती वन्दना “जय जय भैरवि…” केर स्तुति-गायनसँ भेल । एकर भावपूर्ण प्रस्तुति श्री ईश्वर चन्द्र झा ‘व्यास जी’ कयलनि, जाहिसँ समूचा सभागार भक्तिमय एवं सांस्कृतिक भावसँ ओतप्रोत भऽ गेल ।

एहि सत्रक अध्यक्षता वरिष्ठ कवि एवं साहित्यकार श्री लक्ष्मण झा सागर कयलनि । मंच पर वरिष्ठ रंगकर्मी श्री गंगा झा, श्री भवनाथ झा, स्मारिकाक सम्पादक डॉ. अनमोल झा तथा श्रीमती शैल झा सागर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित छलाह । मंचस्थ अतिथिगणक कर-कमलसँ “नव चेतना”क ११म अंकक सामूहिक विमोचन सम्पन्न भेल ।

विमोचनक पश्चात् आयोजित वैचारिक सत्रमे वक्तागण मिथिला-मैथिली तथा कोलकातामे मैथिली भाषा-साहित्यक वर्तमान स्थिति एवं परिस्थिति पर अपन-अपन विचार रखलनि । चर्चा दौरान भाषा-साहित्यक संरक्षण, नव पीढ़ीक सहभागिता, महानगरीय परिवेशमे मैथिलीक उपस्थिति तथा साहित्यिक-सांस्कृतिक गतिविधिक निरन्तरताक आवश्यकता पर विशेष जोर देल गेल ।

द्वितीय सत्रक समापनक पश्चात् समिति द्वारा उपस्थित अतिथि, साहित्यकार, सदस्य एवं कार्यकर्तागण लेल भवनक दोसर तल्ला पर अपराह्न भोजनक समुचित व्यवस्था कयल गेल छल । भोजनमे पूरी, आलू दम, चना दालि, पापड़, रसगुल्ला, दही आदि परोसल गेल । अतिथिसँ लऽ कऽ कार्यकर्ता धरि सभ गोटे एक संग भोजनक आनन्द लेलनि । एहि सामूहिक भोजनसँ समारोहक आत्मीयता आ पारस्परिक सद्भाव आरो प्रगाढ़ भेल ।

तृतीय सत्र: “डिजिटल युगमे भाषा ओ साहित्य : अवसर आ चुनौती”-

अपराह्न ४ बजे समारोहक तेसर सत्र आरम्भ भेल। ई सत्र समकालीन विषय पर केन्द्रित आलेख-पाठ एवं विचार-विमर्श लेल समर्पित छल । विषय छल — “डिजिटल युगमे भाषा ओ साहित्य : अवसर आ चुनौती” ।

एहि सत्रक अध्यक्षता श्री गंगा झा कयलनि । विषयक प्रमुख वक्ता छलाह श्री रूपेश त्योथ, श्री संतोष मिश्र एवं श्री रोशन चौधरी । वक्तागण डिजिटल युगमे भाषा आ साहित्यक बदलैत स्वरूप पर सारगर्भित विचार रखलनि ।

चर्चामे डिजिटल माध्यम द्वारा मैथिली भाषा-साहित्यक प्रचार-प्रसार, नव पाठक वर्ग धरि पहुँच, साहित्यक दस्तावेजीकरण एवं विश्वस्तर पर उपलब्धताक अवसर पर विचार भेल । संगहि डिजिटल माध्यमक कारण उत्पन्न चुनौती, भाषिक शुद्धता, गुणवत्तापूर्ण सामग्रीक अभाव तथा नव पीढ़ी केँ भाषा-साहित्यसँ सार्थक रूपेँ जोड़बाक आवश्यकता पर सेहो विस्तारसँ गप्प भेल । एहि तरहें सत्रमे डिजिटल युगक अवसर आ चुनौती — दुनू पक्ष पर व्यापक विचार-विमर्श सम्पन्न भेल ।

चतुर्थ सत्र: कवि सम्मेलन-

साँझ ५ बजे समारोहक चारिम एवं अत्यन्त आकर्षक सत्र कवि सम्मेलन आरम्भ भेल । एहि सत्रक अध्यक्षता सेहो वरिष्ठ रंगकर्मी श्री गंगा झा कयलनि ।

कवि सम्मेलनमे श्री पवन कुमार झा ‘गुमनाम फरिश्ता’, श्री लखनपति झा, श्री विजय इस्सर, श्री अशोक झा ‘भोली’, श्री भवनाथ झा, श्री कामेश्वर झा ‘कमल’, श्रीमती शैल झा सागर तथा श्री रंजीत कुमार झा अपन-अपन रचनाक पाठ कयलनि । विविध भाव, विषय एवं अभिव्यक्तिसँ युक्त कवितासभ श्रोतागणक भरपूर सराहना प्राप्त कयलक । एहि काव्यमय वातावरणक संग चेतना समारोह अपन समापन दिस अग्रसर भेल ।

दिनभरि चलल सम्पूर्ण कार्यक्रमक कुशल संचालन समितिक सचिव श्री रंजीत कुमार झा कयलनि । अलग-अलग प्रकृतिक सत्र केँ क्रमबद्ध रूपसँ जोड़ैत कार्यक्रमक सुचारू संचालनमे हुनकर महत्त्वपूर्ण भूमिका रहल ।

समारोहक अन्तमे समितिक वरिष्ठ एवं संस्थापक सदस्य श्री बद्री नाथ झा धन्यवाद ज्ञापन कयलनि । ओ समारोहमे उपस्थित अतिथि, साहित्यकार, कवि, वक्ता, सदस्य, सहयोगी एवं कार्यकर्तागणक प्रति समितिक दिससँ आभार प्रकट कयलनि ।

सम्पूर्ण आयोजन केँ सफल बनयबामे युवा कार्यकर्ता श्री रोशन झा एवं श्री दीपक कुमार झा विशेष रूपसँ तत्पर रहलाह । आयोजनक विभिन्न व्यवस्था एवं कार्यक्रमक सफल क्रियान्वयनमे हुनका दुनूक सक्रिय सहयोग उल्लेखनीय रहल ।

स्वतंत्रता दिवसक पावन अवसर पर आयोजित मिथिला नव चेतना समितिक ई “चेतना समारोह–२०२६” राष्ट्रीय चेतना, सांगठनिक सक्रियता, साहित्यिक विमर्श, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति आ सामाजिक आत्मीयताक सुन्दर संगम सिद्ध भेल । राष्ट्रीय ध्वजारोहणसँ आरम्भ भऽ वार्षिक गतिविधिक समीक्षा, नव कार्यकारिणीक उद्घोषणा, “नव चेतना”क ११म अंकक विमोचन, मैथिली भाषा-साहित्यक वर्तमान दशा पर विमर्श, डिजिटल युगक अवसर-चुनौती पर आलेख-पाठ तथा कवि सम्मेलन धरि — प्रत्येक सत्र समारोह केँ अपन विशिष्ट गरिमा प्रदान कयलक ।

ई आयोजन एक दिस समितिक सांगठनिक सक्रियता एवं निरन्तरताक परिचायक रहल, तँ दोसर दिस बदलैत समयमे मिथिला, मैथिली भाषा, साहित्य आ संस्कृतिक संरक्षण, संवर्धन एवं नव पीढ़ी धरि हस्तान्तरणक सामूहिक संकल्प केँ सेहो सुदृढ़ कयलक । एहि अर्थमे १५ अगस्त २०२६ कऽ आयोजित चेतना समारोह मिथिला नव चेतना समितिक वार्षिक गतिविधिमे एकटा स्मरणीय एवं महत्त्वपूर्ण अध्याय बनि गेल ।
मिथिला नव चेतना समिति अपन सामाजिक, सांस्कृतिक, साहित्यक, धार्मिक आदि कार्यकलापक लेल विशिष्ट रुप सॅं जानल जाइत अछि । विशेष रूप सँ जखन कि सम्पूर्ण कोलकाता आ एकर उपनगरीय क्षेत्र सँ वर्तमान मे मैथिलीक कोनो पत्र-पत्रिका वा स्मारिकाक प्रकाशन कतेको बरख सँ नहि भऽ रहल अछि से अपन ‘नव चेतना’ स्मारिका प्रकाशित कऽ ठीके मे मैथिली भाषा ओ साहित्यक संरक्षण – संवर्धनक कार्य कयलक अछि ।

मिथिला नव चेतना समिति रिषड़ा, जिला – हुगली (पश्चिम बंगाल) अपन अढाइ कट्ठा जमीन मैथिल समाजक सर्वथा प्राचीन प्रवासस्थल ‘कोलकाता महानगर’ मे वर्तमान सँ लैत भविष्यक पीढ़ी केँ सामाजिक दायित्व सँ जोड़ि रखबाक उद्देश्य सँ ‘अपन मिथिला भवन’ (दू तल्ला मकान) बनेने अछि । उपरोक्त सम्पूर्ण कार्यक्रमक अपन मिथिला भवन सभागार रिषड़ा मे सम्पन्न भेल । एहि प्रवासी मैथिल समाज सँ अन्य नगर – महानगर मे रहैत अपन मैथिल समुदायक संगहि मूल मिथिला मे रहि रहल लोक केँ सेहो बहुत किछु सिखबाक चाही, गर्व करक चाही ।

Related Articles