सरकारी कामकाजक भाषा मे मैथिली आ लिम्बू लागू करबाक मांग संग विराटनगरमे जुलूस-प्रदर्शनी
विराटनगर, १९ जुलाई २०२५ ।
नेपाल मे संघीय लोकतांत्रिक गणतंत्र स्थापना आ नव संविधान घोषणा कयल जेबाक लगभग १० वर्ष बीति रहल अछि । संविधान द्वारा निर्देशित भाषा नीति लेल भाषा आयोगक गठन आ ५ वर्षक समयसीमा भीतर सरकारी कामकाज सम्बन्धी सुझाव देबाक अधिकार अनुसार भाषा आयोग केर सिफारिश २०७८ साल मे नेपाल सरकारक तत्कालिन प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउवा केँ सौंपि देल गेल अछि । एहि सिफारिश अनुसार नेपालक ७ प्रदेश मे भाषा बजनिहारक जनगणनाक तथ्यांक मुताबिक विभिन्न भाषा केँ नेपालीक बाद ‘दोसर सरकारी कामकाजक भाषा’ रूप मे मान्यता प्रदान करबाक सिफारिश कयल गेल अछि । एहि क्रम मे कोशी प्रदेश आ मधेश प्रदेश मे मैथिली, लिम्बू, भोजपुरी, बज्जिका आदि केँ प्रदेशक सरकारी कामकाजक भाषा रूप मे मान्यता प्रदान करबाक सिफारिश कयल गेल अछि । परञ्च लगभग ४ वर्ष बीति गेलाक बाद एखन धरि प्रदेश सभा सँ एहि सन्दर्भित कोनो ऐन-कानून पारित नहि कयल जा सकल अछि । एकर विरोध मे निरन्तर आन्दोलन होइत आबि रहल अछि । आन्दोलन केँ निरन्तरता दैत काल्हि १८ जुलाई २०२५ विराटनगर मे जुलूस-प्रदर्शनीक आयोजन कयल गेल ।
भाषा आयोग द्वारा कयल गेल सिफारिश अनुसार कोशी प्रदेश मे मैथिली तथा लिम्बू भाषा केँ सरकारी कामकाजक भाषा रूप मे मान्यता प्रदान करबाक मांग सहित काल्हि विराटनगर मे मैथिली आ लिम्बू भाषाभाषी संस्था प्रतिनिधिमूलक जुलूस-प्रदर्शनीक आयोजन कयलक । एहि प्रदर्शनी सँ उपरोक्त मांग दोहराबैत संयोजक रामरिझन यादव एवं अमित थेवे कोशी प्रदेश सरकार केँ चेतावनी सेहो देलनि । मैथिली आ लिम्बू भाषाभाषी समुदायक संख्या प्रदेश मे लगभग ६ लाख तथा ४ लाख क्रमशः जनगणनाक तथ्यांक सँ स्पष्ट अछि । भाषा आयोग केँ नेपालक नव संविधान द्वारा देल गेल निर्देशन मुताबिक फिलहाल यैह दुइ गोट भाषा केँ प्रदेशक कामकाजी भाषा रूप मे मान्यता देबाक सिफारिश २०७८ साल भाषा आयोग अपन प्रतिवेदन मे सिफारिश कएने अछि । परञ्च सत्ताक राजनीति करयवला प्रमुख राजनीतिक दल आ एकर नेतृत्व कतहु न कतहु एहि सन्दर्भ मे मौन भ’ प्रदेशो स्तर पर नेपाली वाहेक आर कोनो भाषा केँ मान्यता नहि दय सकल छथि । तेँ आगामी समय मे ई आन्दोलन आर उग्र होयत तथा एहि दिशा मे मतदाता जागरण अभियान मार्फत जनप्रतिनिधि लोकनिक बहिष्कार आ मतदान मे उचित जवाब देबाक कार्य कयल जायत से संयोजक द्वय मैथिली जिन्दाबाद केँ बतेलनि ।
काल्हिक जुलूस प्रदर्शनी सँ आमलोक लेल परचा मार्फत सब बात स्पष्ट कयल गेल । सरकारक कोनो प्रतिनिधि केँ कोनो तरहक विज्ञप्ति वा मांगपत्र वा स्मारपत्र बिना सौंपने ई जुलूस संसारीमाई स्थान सँ मोरंग जिला प्रशासन कार्यालय धरि जाय नुक्कड़ सभा मे परिणत भ’ समापन कयल गेल छल । एहि मे मैथिली सेवा समितिक अध्यक्ष डा. एस. एन. झा, मैथिली एसोसिएशन नेपालक अध्यक्ष प्रवीण नारायण चौधरी, विराट मैथिल नाट्यकला परिषदक अध्यक्ष ज्योति कामत लगायत विनोद झा, राकेश देव, प्रेम नारायण झा, प्रा. महेन्द्र यादव, डा. कामेश्वर यादव, प्रा. सूर्य नारायण यादव, रौनियार सेवा समितिक अध्यक्ष संजय साह, अधिवक्ता एवं अधिकारकर्मी संजु कुमारी साह, लिम्बू भाषा संघर्ष समितिक दिनेश लिम्बू, सुवास तेयुङ, अमित थेवे सहित दर्जनों अन्य भाषा-अभियानी व संस्था प्रमुख लोकनिक सहभागिता छल ।
