अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन २०२५
(सम्पूर्ण प्रतिवेदन)
त्रिमूर्तिधाम (त्रिमूर्ति चौक) कोचाखाल-विराटनगर अवस्थित महाकवि विद्यापति, भाषाशास्त्री महानन्द सापकोटा एवं आदिकवि भानुभक्त आचार्य सहितक स्मारक स्थल व त्रिमूर्ति पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन सँ अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन-२०२५ केर शुभारम्भ भेल ।
एहि अवसर पर प्रमुख अतिथि माननीय सदानन्द मंडल, पर्यटन, वन तथा वातावरण मंत्री, कोशी प्रदेश तथा विशिष्ट अतिथि विराटनगर महानगरपालिकाक नगर प्रमुख (मेयर) नागेश कोइराला द्वारा दीप प्रज्वलन – माल्यार्पण एवं शब्द-श्रद्धाञ्जलि अर्पण करैत ‘विद्यापति स्मृति सभा’ आयोजित कयल गेल ।
त्रिमूर्तिधाम सँ मुख्य बाजार होइत रंगी होटल धरिक कुल ५ किलोमीटर शोभा यात्रा जेकर बीच मे उदघाटनकर्ता प्रमुख अतिथि माननीय डा. सुरेन्द्र लाभ – प्रदेश प्रमुख, मधेश प्रदेश सेहो सहभागिता जनबैत शोभा यात्राक गरिमा केँ आर बेसी बढ़ा देलनि ।
महिला आ पुरुषक उल्लेख्य सहभागिता मे शोभा यात्रा कार्यक्रम स्थल पर पहुँचि सम्मेलनक ऐगला प्रस्तुति आचार्य धर्मेन्द्र नाथ मिश्रक वेद ऋचा पाठ एवं शंखघोषक संगहि नटराज डान्स एकेडमीक कलाकार सब द्वारा मिथिलाक लोक संस्कृति सहितक सांस्कृतिक झाँकी तथा डा. बिपिन मिश्रक सुप्रसिद्ध आ लोकप्रिय शंखघोष केर प्रस्तुति कयल गेल ।
पुनः प्रमुख अतिथि द्वारा सम्मेलनक औपचारिक उदघाटन दीप प्रज्वलन सँ कयल गेल । ‘जय-जय भैरवि’ वन्दना, राष्ट्रगीत आ ज्ञात-अज्ञात समस्त शहीद प्रति श्रद्धाञ्जलि अर्पण लेल सम्पूर्ण प्रतिनिधि व अतिथि लोकनि सामूहिक रूप मे प्रस्तुत भेलाह ।
विशिष्ट अतिथिक रूप मे माननीय सदानन्द मंडल, पर्यटन, वन तथा वातावरण मंत्री, कोशी प्रदेश सरकारक संग पूर्व-मंत्री एवं प्रतिनिधि सभा सदस्य जितेन्द्र नारायण देव, मधेश प्रज्ञा प्रतिष्ठानक प्रमुख राम भरोस कापड़ि भ्रमर, राष्ट्रीय समाचार समितिक प्रमुख धर्मेन्द्र झा विह्वल, कवयित्री नमिता झा, मुख्य प्रायोजक नेपोभिट टाइल्स केर मलकाइन एवं मैथिली कवि-अभियानी विभा झा, वरिष्ठ कवयित्री एवं सत्र प्रायोजक छिन्नमस्ता अस्पताल राजविराजक मलकाइन करुणा झा, नेपाली भाषाक विद्वान् प्राज्ञ कमल तिगेला, पूर्व राष्ट्रिय सभा सदस्य खेम नेपाली, मैथिली विकास कोषक अध्यक्ष जिबनाथ चौधरी, मिथिला नाट्यकला परिषद् जनकपुरक अध्यक्ष सुनील मल्लिक, वरिष्ठ लेखक-नाटककार प्राज्ञ रमेश रंजन झा, वरिष्ठ कवि-गीतकार कालीकान्त झा तृषित, वरिष्ठ कवि-गीतकार बुद्धिनाथ मिश्र, मैथिली विकास कोषक सचिव श्यामसुन्दर शशि, आम जनसंचार मधेश प्रदेशक पूर्व प्रमुख श्यामसुन्दर यादव पथिक, मैथिली साहित्य परिषद राजविराजक अध्यक्ष अबधेश झा एवं अन्य विभिन्न विशिष्ट व्यक्तित्वक उपस्थिति रहल ।
उद्घाटन सत्र मे प्रमुख अतिथि सहित सम्पूर्ण विशिष्ट अतिथि द्वारा ‘मिथिला टाइम्स’ – अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन २०२६ विशेषांक केर प्रकाशक राम रिझन यादवक उपस्थिति मे विमोचन कयल गेल छल । विदित हो जे विराटनगर मे २००० ई. मे एक गोट अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलनक आयोजन स्वयं राम रिझन यादवक संयोजकत्व मे भेल छल, तहिना २०१९ ई. मे प्रवीण नारायण चौधरीक संयोजकत्व मे दोसर अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन आ एहि वर्षक तेसर बेरुक आयोजन अमैस रूप मे भेल । एहि सब बातक दस्तावेज स्वरूपक ‘मिथिला टाइम्स’ केर विमोचन कयल गेल ।
अध्यक्षता आयोजक मंडलक वरिष्ठ संस्था मैथिली सेवा समितिक अध्यक्ष डा. एस. एन. झा, सह-अध्यक्षता विराट देव सेवा समितिक अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद देव कयलनि । तहिना सत्र संचालनक जिम्मेदारी संयोजक सह मैथिली एसोसिएशन नेपाल अध्यक्ष प्रवीण नारायण चौधरी कयलहुँ ।
प्रमुख अतिथि डा. लाभ सहित अन्यान्य वक्ता लोकनि अपन सारगर्भित विचार रखलनि । सम्मेलनक सफलताक कामना कयलनि । विषय केन्द्रित विमर्श मे विषयक सान्दर्भिकता पर स्वयं प्रमुख अतिथि द्वारा विशद् विचार प्रस्तुति कयल गेल छल । तहिना वक्ताक रूप मे माननीय जितेन्द्र नारायण देव, धर्मेन्द्र झा, राम भरोस कापड़ि भ्रमर, नमिता झा आदिक शुभकामना सन्देश प्रस्तुत भेल । आयोजक संस्था मैथिली एसोसिएशन नेपालक उपाध्यक्षद्वय आभा अनुपमा एवं पंकज वर्मा द्वारा स्वागत अभिभाषण एवं संस्थाक परिचय संगहि कार्यक्रम मूल उद्देश्य पर प्रकाश देल गेल ।
ठंढ़ बहुत बेसी बढ़ि जेबाक आ कार्यक्रम सेहो खुल्ला परिसर मे रखबाक कारण थोड़ेक व्यवधान आ कष्टक बावजूद कार्यक्रम अपन गति सँ चलैत रहल । पहिल दिन ३ गोट विषय पर विमर्श प्रस्तुत भेल – ‘मिथिला लोकसंस्कृति’, ‘भाषा सँ रोजगार’, ‘नेपाल मे राजनीतिक स्थिरता’ जेहेन समय-सान्दर्भिक विषय पर विमर्श कयल गेल ।
सन्ध्याकाल श्री कालीकान्त झा तृषित एवं डा. बुद्धिनाथ मिश्र केर प्रमुख आतिथ्यता मे ‘किछु मैथिली – किछु हिन्दी’ शीर्षक अन्तर्गत डा. बुद्धिनाथ मिश्रक एकल कविता पाठ केर प्रस्तुति भेल जेकर संचालन संस्कृति मिश्रा द्वारा कयल गेल छल । तहिना नवोदित कवयित्री दीपिका चन्द्राक एकल प्रस्तुति कयल गेल जेकर संचालन किसलय कृष्ण द्वारा भेल । तदोपरान्त प्रेम विदेह ललन एवं पूनम झा मैथिलीक एकल वाचन सत्रक छल । तथा काव्य सम्मेलनक अन्तिम सत्र ‘सिंगरल केर सेशन’ कवि शिव नारायण पंडित सिंगल द्वारा संचालित छल जाहि मे दर्जनों कवि लोकनि अपन कविता पाठ प्रस्तुत कएने रहथि ।
सम्मेलनक पहिल दिवसक सन्ध्याक अन्तिम सत्र मे लोकनृत्यक प्रस्तुति सब समाहित छल । नटराज डान्स एकेडमीक प्रशिक्षु कलाकार सब द्वारा भव्य नृत्यक प्रस्तुति मे कठोर शीतलहर केँ भोगितो दर्शक सब आनन्द-विभोर भ’ अबेर धरि बैसल रहला आ आर प्रस्तुतिक मांग पर अड़ल रहलाह। राति ९ बजे कार्यक्रमक समापन घोषणा कयल गेल छल ।
दोसर दिन पूस १३ गते रवि दिन भोर शीतलहरीक शीतल हवाक कारण प्रतिनिधि लोकनि होटलक रूम सँ बाहर निकलय तक सँ परहेज कय रहल छलथि । येन-केन-प्रकारेण १० बजे सँ विमर्शक सत्र आरम्भ भेल ।
पहिल सत्रक मुख्य वक्ता प्रो. उदय शंकर मिश्र आ संचालक प्रवीण नारायण चौधरी द्वारा संघीय गणराज्य मे राज्यक अवधारणा आ मिथिला राज्य विषयक विस्तृत विमर्श प्रस्तुत कयलनि । वक्ता रूप मे डा. रविन्द्र कुमार चौधरी, राम भरोस कापड़ि भ्रमर तथा राम कुमार सिंह अपन-अपन विचार रखलनि ।
दोसर सत्रक मुख्य वक्ता डा. सुभाषचन्द्र यादव अथवा डा. प्रवीण कुमार प्रभंजनक अनुपस्थिति मे संयोगवश डा. देव चन्द्र यादव, सदस्य मधेश प्रज्ञा प्रतिष्ठानक उपस्थिति मे मैथिली भाषाक विभिन्न स्वरूप विषय पर विमर्श कयलनि । एकर संचालन नित्यानन्द मंडल रहथि । सहभागी विमर्शी मे जिबनाथ चौधरी, श्यामसुन्दर शशि एवं सुनील मल्लिक केर उपस्थिति छल । विमर्श मे मैथिली भाषाक विविध स्वरूप पर चर्चा कयल गेल ।
तेसर सत्रक मुख्य वक्ता धर्मेन्द्र झा ‘विह्वल’ आ संचालक वरिष्ठ संचारकर्मी अबधेश झा संग सह-वक्ता श्यामसुन्दर यादव पथिक द्वारा मैथिली भाषा एवं संचार विषयक विमर्शक प्रस्तुति भेल छल । श्री विह्वल सहित तीनू विमर्शी संचार क्षेत्रक विशेषज्ञता अनुसार बहुत रास महत्वपूर्ण विन्दु सब पर प्रकाश देने रहथि ।
चारिम सत्रक मुख्य वक्ता श्रीमती करुणा झा आ संचालक प्रवीण नारायण चौधरी संगहि विमर्शीक रूप मे डा. एस. एन. झा, आभा अनुपमा, इं. अरविन्द कर्ण तथा वन्दना चौधरी द्वारा मिथिला संस्कृतिक क्षरण तथा रोकथामक उपाय विषयक विशद् विमर्श प्रस्तुत भेल । समस्याक अतिरिक्त निदानक उपाय पर केन्द्रित छल ई विमर्श ।
पाँचम सत्रक मुख्य वक्ता माननीय जितेन्द्र नारायण देव तथा संचालक प्रवीण नारायण चौधरी संग सह-वक्ता डा. नारायण कुमार एवं दिनेश श्रेष्ठ संग नेपाल भारत मैत्री आ मिथिला भूमिका विषयक चर्चा कयल गेल । एहि मे नेपाल आ भारत बीच मैत्रीक मुख्य सेतु मिथिला रहितो दुइ देशक कूटनीतिक सम्बन्ध मे मिथिलाक लोक केँ कात रखबाक रहस्यपूर्ण व्यवहार आ काठमान्डू-दिल्ली बीच केवल हवाई-मार्गीय सम्बन्ध पर प्रकाश दैत मैत्री केँ प्रगाढ़ बनेबाक लेल मिथिला आ मैथिलीक भूमिका दिश आर बेसी ध्यान देबाक आग्रह प्रस्तुत भेल ।
छठम सत्रक मुख्य वक्ता राजकुमार महतो आ संचालक जय राम यादव यदुवंशी संग मैथिली फिल्म सँ जुड़ल विभिन्न महत्वपूर्ण व्यक्तित्वक सहभागिता मे विमर्श प्रस्तुत भेल । नेपाली फिल्म जगत केर चर्चित चेहरा पूर्णेन्दु कुमार झा, मैथिली फिल्मक इतिहास लिखनिहार लेखक किसलय कृष्ण, लक्ष्मीनाथ गोसाईं केर जीवन पर फीचर फिल्मक निर्माण मे लागल व्यक्तित्व सुमित सुमन, मैथिली व अन्य फिल्म केर साहित्यक अध्येता डा. कृष्ण मुरारी झा केर उपस्थिति मे ई विमर्श सेहो अत्यन्त सारगर्भित रहल ।
सातम सत्र युवा जेन-जी केन्द्रित छल । एकर मुख्य वक्ता रूप मे जेन-जी आन्दोलनक एक चर्चित चेहरा ‘पुरुषोत्तम यादव’ केँ राखल गेल छलन्हि जे नहि आबि सकलाह । तहिना मोरंग कैम्पस केर छात्र नेता रोहित यादव केर सेहो अनुपस्थिति रहल । तेहेन स्थिति मे संचालक भाष्कर चौधरी आ वक्ता रिम्मी चौधरीक संगहि दुइ अभिभावक वक्ता रंजित कुमार झा एवं पंकज वर्माक संग संछिप्त विमर्शक प्रस्तुति कयल गेल ।
दोसर दिनक आठम आ अन्तिम विमर्शक सत्रक मुख्य वक्ता विभा झा, संचालक सुजित कुमार चौधरी तथा अन्य वक्ता लोकनिक अनुपस्थिति मे संस्थाध्यक्षक रूप मे एक विमर्शीक तौर पर प्रवीण नारायण चौधरी प्रस्तुत भेलाह । मिथिलाक्षेत्र मे उद्योगक अवस्था, सम्भावना आ भविष्य पर विभा झा द्वारा अपन टाइल्स उद्योगक उदाहरणक संग बहुत रास महत्वपूर्ण विन्दु पर प्रकाश देल गेल छल । तहिना प्रवीण नारायण चौधरी द्वारा सेहो पर्यटन आ अन्य आर्थिक विकासक सम्भवना विषय पर विस्तार सँ प्रकाश देल गेल छल ।
सम्मेलनक आखिरी प्रस्तुति अमर आनन्द ओ प्रिया राजक युगल जोड़ीक संग प्रसिद्ध गायक विरेन्द्र झा द्वारा गीत-संगीतक कार्यक्रम प्रस्तुत कयल गेल छल । एहि बीच सम्मेलन द्वारा अमर-प्रियाक जोड़ी केँ ‘मिथिला रत्न युगल जोड़ी’ उपाधि सँ सम्मानित सेहो कयल गेल ।
सम्मेलनक समग्र रिपोर्ट पर सत्र समीक्षक डा. कृष्ण मुरारी झा एवं डा. संजय यादव ‘वसिष्ठ’ द्वारा समीक्षा कयल गेल अछि । घोषणापत्र लेल समयक अभाव मे थोड़ेक समय लैत पूर्ण समीक्षा उपरान्त कयल जेबाक निर्णय संगहि सहयोगी संस्था आ दाता सभक प्रति आभार व्यक्त करैत आब ई अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन प्रत्येक वर्ष मनायल जेबाक निर्णय लेल गेल ।
विराटनगर महानगरपालिका आ मेयर नागेश कोइरालाक प्रतिबद्धता, सामाजिक विकास मंत्रायल एवं पर्यटन मंत्रालयक प्रतिबद्धता संगहि आयोजक मैथिलीभाषी संस्था सभक प्रतिबद्धता सँ ई आयोजन निरन्तर प्रत्येक वर्ष कयल जायत । संस्थाक संरक्षक उमेश यादव एवं सहयोगी संस्थाक महासचिव मृत्युञ्जय मिश्रक संग अध्यक्ष प्रवीण नारायण चौधरी द्वारा सब केँ धन्यवाद ज्ञापन करैत ई प्रतिबद्धता प्रकट कयल गेल । ॐ तत्सत् !!
हरिः हरः!!
आयोजक संस्था द्वारा दुइ सप्ताह बाद समीक्षा बैसार करैत अमैस २०२५ केर १५ बुँदे घोषणापत्र जारी कयल गेल जेकर उतार निम्न अछिः
अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन-२०२५ केर घोषणापत्र
१. भाषा आयोगक सिफारिश अनुसार कोशी आर मधेश प्रदेश मे मैथिली केँ सरकारी कामकाजक भाषाक रूप मे मान्यता प्रदान कयल जेबाक व्यवस्था शीघ्र कार्यान्वयन कयल जाय ।
२. विराटनगरक त्रिमूर्तिधाम जेकाँ नेपालक अन्यान्य क्षेत्र मे सेहो मैथिली आ अन्य भाषाक प्रख्यात कवि, लेखक, साहित्यकार तथा विद्वान् व्यक्तित्व सभक स्मृति मे स्मारक निर्माण कयल जाय । एहेन सत्कार्य सँ सामाजिक-साम्प्रदायिक सद्भाव अभिबृद्धिक संगहि नेपाल मे ‘नेपाली’ राष्ट्रियता प्रति सब नागरिक मे समान भावनाक विकास होएत राष्ट्र एवं राष्ट्रियता केँ बलगर बनाबय मे सहयोग पहुँचत ।
३. विराटनगरक त्रिमूर्तिधाम मे स्थित तीनूजन विभूतिक जीवनी पर प्रकाश देबाक लेल प्रतिनिधिमूलक चित्रकथा सहितक संग्रहालय निर्माण कय देश-विदेश सँ विराटनगर घुमय अयनिहार अतिथिक लेल दर्शनीय पर्यटकीय स्थल रूप मे विकास कयल जाय । कोशी प्रदेशक पर्यटन मंत्रालय तथा विराटनगर महानगरपालिका द्वारा एहि कार्यक सहजीकरण होइक । मैथिली एसोसिएशन नेपाल एहि वास्ते सहकार्य करय लेल तैयार अछि ।
४. मैथिली सहित स्थानीय स्तर मे प्रचलित भाषा-साहित्यक विकास आ प्रवर्द्धनक उद्देश्य सँ सम्बद्ध भाषा सभक स्रष्टा लोकनिक बीच समन्वय आ सहयोग बढ़ेबाक लेल “विराटनगर महानगरपालिका प्रज्ञा प्रतिष्ठान” नेतृत्व करय । प्रतिष्ठान द्वारा प्रत्येक महीना एकटा गोष्ठीक आयोजन होइक । मैथिली एसोसिएसन नेपाल प्रतिष्ठान केँ आवश्यक सहयोग करबाक प्रतिबद्धता व्यक्त करैत अछि ।
५. कोशी प्रदेशक राजधानी विराटनगर मे सामाजिक विकास मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय तथा विराटनगर महानगरपालिकाक संयुक्त तत्त्वावधान मे प्रत्येक वर्ष “अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन” आयोजित करबाक आग्रह करैत एहि लेल आवश्यक सहयोग आ सहजीकरणक लेल मैथिली एसोसिएशन नेपाल तैयार रहत ।
६. कोशी प्रदेश मे मैथिली अकादमीक स्थापना कय मैथिली भाषा, साहित्य आ संस्कृतिक संरक्षण तथा उन्नयनक कार्य केँ तीव्रता प्रदान कयल जाय, प्राथमिकता मे राखल जाय ।
७. मिथिलाक लोपोन्मुख लोकगीत, लोककथा आ लोकपद्धति बारे निरन्तर अध्ययन करैत लिप्यान्तरणक माध्यम सँ लिखित प्रकाशन तथा डिजिटल रेकर्डिंग करैत सुरक्षित करबाक कार्यक प्रारम्भ कयल जाय ।
८. मैथिली भाषा मे महत्वपूर्ण विषय सब पर लेखन कयनिहार लेखक लोकनि सँ पांडुलिपि संग्रह करैत प्रकाशन केर व्यवस्था करबाक संगहि स्रष्टा सब केँ प्रोत्साहित करबाक लेल पुरस्कारक व्यवस्था लेल प्रदेश सरकार द्वारा नेतृत्वदायी भूमिका निर्वाह कयल जाय ।
९. मैथिली भाषा, साहित्य, कला, संस्कृतिक क्षेत्र मे क्रियाशील सामाजिक संघ-संस्था सभक संरक्षण, सम्बर्द्धन एवं उत्थानक वास्ते कोशी प्रदेश सरकार द्वारा महत्व दैत प्रमुखताक संग निरन्तर सहयोग आ संरक्षण प्राप्त हो ।
१०. प्राथमिक शिक्षा सँ मैथिली विषय तथा कतिपय मैथिलीभाषी बाहुल्य क्षेत्रक विद्यालय मे प्राथमिक शिक्षाक माध्यम भाषाक रूप मे मैथिली मे पढाइ करबाक व्यवस्थापन होयबाक हिसाब सँ प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षा नीति अपनायल जाय ।
११. मैथिली भाषा मे पत्रकारिता तथा संचारकर्म केर विकासक नीति निर्धारित कयल जाय । स्थानीय स्तर मे सिर्जित सरकारी सूचना सब मैथिली मे सेहो प्रकाशन करेबाक नीति तय करैत बहुलवादी मीडिया प्रवर्द्धनक अवधारणा कार्यान्वयन कयल जाय ।
१२. नेपाल-भारत दुनू राष्ट्रक साझा सम्पत्तिक रूप मे रहल मैथिली भाषा आ मिथिला सभ्यताक अत्यन्त महत्वपूर्ण भूमिका भ’ सकबाक यथार्थ केँ आत्मसात करैत दुनू राष्ट्रबीचक कूटनैतिक सम्बन्ध सुदृढीकरण मे मिथिला क्षेत्रक सेहो उपयोग करबाक नीति तय कयल जाय ।
१३. नेपाल-भारत दुनू राष्ट्रक मिथिलाक्षेत्रक ऐतिहासिक, पौराणिक, पुरातात्विक तथा धार्मिक तीर्थस्थल सब केँ जोड़यवला “मिथिला पर्यटन सर्किट”केर घोषणा करैत राज्यक तर्फ सँ भौतिक पूर्वाधार-संरचना सभक निर्माण करैत पर्यटन केँ बढ़ावा देल जाय । तहिना सीमाक आर-पार औद्योगिक निवेश मे बढ़ोत्तरी करबाक तथा आर्थिक विकासक आरो विभिन्न सम्भावना सभक विकल्प खोजबाक कार्य सेहो पिपुल्स, पब्लिक आ प्राइवेट (पी-पी-पी) पद्धति पर बढ़ायल जाय ।
१४. मैथिली-नेपाली-हिन्दी आर अन्य सहोदरी-सामीप्य भाषा सभक गायक, कलाकार आर भाषा-साहित्य सम्बन्ध केँ प्रगाढ़ता प्रदान करबाक लेल नेपाल आ भारत दुनू दिशक मिथिलाक स्रोत साधन उपयोग करैत सामाजिक विकास केर सन्तुलित अवधारणा तैयार कयल जाय ।
१५. मैथिली फिल्म केँ नेपाल आ भारत दुनू देश मे करमुक्त करैत प्रवर्द्धनक नीति तय कयल जाय आर निर्माणक उचित वातावरण तैयार कयल जाय ।
आयोजकः
१. मैथिली एसोसिएशन नेपाल
२. मैथिली सेवा समिति
३. विराट देव सेवा समिति
अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन २०२५
सहभागी लोकनिक सूची
विराटनगर-१४ स्थित होटल रंगी केर परिसर-सभागार एवं आवास मे आयोजित दिनांक २७-२८ दिसम्बर २०२५ (१२-१३ पुस २०८२) – दुइ दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन मे विभिन्न सत्र मे सहभागी लोकनिक सूची निम्नानुसार अछिः
सत्र – १ विद्यापति स्मृति सभा, स्थानः तिनमूर्ति धाम, कोचाखाल, विराटनगर-५
१. माननीय सदानन्द मंडल, मंत्री, पर्यटन, वन तथा वातावरण मंत्रालय, कोशी प्रदेश – प्रमुख अतिथि
२. श्री नागेश कोइराला, मेयर, विराटनगर महानगरपालिका – विशिष्ट अतिथि
३. श्री संतोष न्यौपाने, वडा अध्यक्ष, वडा ५, विराटनगर महानगरपालिका – अतिथि
४. श्री श्याम अधिकारी, वरिष्ठ समाजसेवी, हिडिप्पा संस्कृति परिवार, विराटनगर-५ – अतिथि
५. श्री देवी प्रसाद पोखरेल, वरिष्ठ समाजसेवी, विराटनगर-५ – अतिथि
६. श्री राम प्रसाद पोखरेल, वरिष्ठ समाजसेवी, विराटनगर-५ – अतिथि
७. श्रीमती नमिता झा, कवि, सहरसा, भारत – अतिथि
८. श्री धर्मेन्द्र झा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय समाचार समिति, काठमांडू – अतिथि
९. श्री कालीकान्त झा तृषित, वरिष्ठ साहित्यकार, काठमांडू – अतिथि
१०. श्री बिपिन मिश्रा, शंख उद्घोषक, दरभंगा, भारत – अतिथि
११. श्रीमती विभा झा, संचालक, नेपोभिट टाइल्स – वीरगंज, नेपाल – अतिथि
१२. श्री विकास वत्सनाभ, अभियन्ता, नेपालगंज – अतिथि
१३. श्री कमल तिगाले, साहित्यकार, धरान – अतिथि
१४. श्री खेम नेपाली, पूर्व राष्ट्रीय सभा सदस्य, विराटनगर – अतिथि
१५. श्री रामरिझन यादव, वरिष्ठ संचारकर्मी, विराटनगर – अतिथि
१६. श्री विपुलेन्द्र झा, वरिष्ठ समाजसेवाी, विराटनगर-५ – अतिथि
१७. श्री शिव नारायण पंडित सिंगल, कवि, विराटनगर-५ – अतिथि
१८. श्री विकास पोखरेल, समाजसेवी, विराटनगर – अतिथि
१९. डा. कृष्ण मुरारी झा, जमशेदपुर, भारत – अतिथि
२०. श्री सुमित रंजन, अभियानी सह फिल्मकर्मी, दरभंगा – अतिथि
२१. श्री राजेन्द्र प्रसाद देव, अध्यक्ष, विराट देव समिति – अतिथि
२२. श्री अनुप झा, अभियानी, समस्तीपुर, भारत – अतिथि
सहित लगभग १०० विभिन्न संस्था सँ आबद्ध व्यक्तित्व – महिला, पुरुष व युवा सहभागिता मे सम्पन्न ।
२. शोभा यात्रा – विराटनगरक तिनमूर्तिधाम सँ मेन रोड मेन बाजार होइत रोडशेष चौक होइत होटल रंगीक परिसर मे सभा मे परिणत । उद्घाटनकर्ता प्रमुख अतिथि माननीय डा. सुरेन्द्र लाभ एवं माननीय संविधानसभा सदस्य सह पूर्व मंत्री जितेन्द्र नारायण देव केर विशेष सहभागिता मे शोभा यात्राक अलग उत्कर्ष छल ।
३. सांस्कृतिक झाँकी –
– नटराज डान्स एकेडमी, दरभंगा, भारतक १५ कलाकार समूह द्वारा विभिन्न प्रस्तुति । भैरवि वन्दना आ नृत्य आदि ।
– डा. विपिन मिश्र द्वारा शंख उद्घोष एवं महादेवक प्रसिद्ध ननाद ढक्कां केर प्रस्तुति ।
– आचार्य धर्मेन्द्रनाथ मिश्र – वैदिक विद्वान् द्वारा वेद ऋचा एवं स्वस्ति वाचन ।
४. उद्घाटन सत्र –
संचालक – प्रवीण नारायण चौधरी, कार्यक्रम संयोजक सह अध्यक्ष मैथिली एसोसिएशन नेपाल, विराटनगर-१२ ।
अध्यक्षताः डा. एस. एन. जा, अध्यक्ष, मैथिली सेवा समिति, विराटनगर-१० ।
सह-अध्यक्षताः श्री राजेन्द्र प्रसाद देव, विराट देव सेवा समिति, विराटनगर-१३ ।
प्रमुख अतिथिः डा. सुरेन्द्र लाभ, माननीय प्रदेश प्रमुख, मधेश प्रदेश, जनकपुरधाम ।
विशिष्ट अतिथिः
माननीय जितेन्द्र नारायण देव, माननीय संविधासभा सदस्य एवं पूर्व मंत्री, नेपाल सरकार, काठमांडू ।
श्री धर्मेन्द्र जा, राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय समाचार समिति, काठमांडू ।
श्रीमती नमिता झा, कवयित्री, सहरसा, भारत ।
श्रीमती विभा झा, कवयित्री सह मुख्य प्रायोजक, संचालक, नेपोभिट टाइल्स, वीरगंज ।
श्रीमती करुणा झा, कवयित्री सह सत्र-प्रायोजक, संचालक, छिन्नमस्ता अस्पताल, राजविराज, सप्तरी ।
श्री राम भरोस कापड़ि भ्रमर, अध्यक्ष, मधेश प्रज्ञा प्रतिष्ठान, जनकपुरधाम ।
५. मिथिला लोक आ संस्कृति – विमर्श सत्र मे सहभागी विद्वान् – (४ जन)
संचालक – प्रवीण नारायण चौधरी
विद्वान् वक्ता – डा. कालीकान्त झा ‘तृषित’, पंडित तरुण झा, आचार्य धर्मेन्द्रनाथ मिश्र,
६. नेपाल मे राजनीतिक स्थिरता लेल चिन्तन – विमर्श सत्र मे सहभागी विद्वान् – (७ जन)
संचालकः सुजित कुमार चौधरी
विद्वान् वक्ताः प्राज्ञ रमेश रंजन झा, मुख्य वक्ता एवं उमेश यादव, रंजीत कुमार झा, अजय कुमार झा, मृत्युञ्जय मिश्र, मो. फय्याज,
७. भाषा एवं रोजगार – विमर्श सत्र मे सहभागी विद्वान् – (५ जन)
संचालकः विकास वत्सनाभ
विद्वान् वक्ताः डा. नारायण झा, मुख्य वक्ता एवं आभा अनुपमा, कुमार पृथु, कर्ण संजय
८. कवि सम्मेलनः सहभागी कवि (२२ जन)
अध्यक्षताः डा. कालीकान्त झा तृषित
भाग १ः संचालक संस्कृति मिश्रा (दिल्ली) एवं प्रस्तोता वरिष्ठ कवि डा. बुद्धिनाथ मिश्र (देहरादुन)
भाग २ः संचालक किसलय कृष्ण (सहरसा) एवं प्रस्तोता दीपिका चन्द्रा (सुपौल)
भाग ३ः संचालक प्रवीण नारायण चौधरी एवं प्रस्तोता पूनम झा मैथिली (जनकपुर) एवं प्रेम विदेह ललन (जनकपुर)
भाग ४ः संचालक शिव नारायण पंडित सिंगल एवं प्रस्तोता कवि लोकनिक संख्या १५ – ज्योति मिश्रा, संस्कृति मिश्रा, करुणा झा, वन्दना चौधरी, आदि ।
९. सांस्कृतिक सन्ध्याः नटराज डान्स एकेडमी कलाकार सब द्वारा मिथिला लोकगीत एवं लोकनृत्यक प्रस्तुति ।
दोसर दिवस –
१. संघीय गणराज्य मे राज्यक अवधारणा तथा भारत व नेपाल मे मिथिला राज्यक स्थापना – विमर्शक सत्र मे सहभागी (५ जन)
संचालकः प्रवीण नारायण चौधरी
वक्ताः प्रो. उदय शंकर मिश्र, दरभंगा, भारत – मुख्य वक्ता एवं राम भरोस कापड़ि भ्रमर (जनकपुरधाम), राम कुमार सिंह (सहरसा), डा. रविन्द्र कुमार चौधरी (जमशेदपुर)
२. मैथिली भाषाक विविध स्वरूप – विमर्शक सत्र मे सहभागी (५ जन)
संचालकः नित्यानन्द मंडल, बहुअर्वा, धनुषा
विद्वान् वक्ताः डा. देव चन्द्र यादव, सदस्य, मधेश प्रज्ञा प्रतिष्ठान, मधेश प्रदेश (मुख्य वक्ता) एवं प्रो. श्यामसुन्दर शशि (जनकपुर), जिबनाथ चौधरी (जनकपुर), सुनील कुमार मल्लिक (जनकपुर) ।
३. मैथिली भाषा एवं संचार – विमर्शक सत्र मे सहभागी (३ जन)
संचालकः अबधेश झा, संचारकर्मी, कान्तिपुर दैनिक, नेपाल ।
विद्वान् वक्ताः श्री धर्मेन्द्र झा ‘विह्वल’, रासस प्रमुख (काठमांडू) मुख्य वक्ता आ श्याम सुन्दर यादव पथिक, पूर्व प्रमुख, आम संचार समिति, मधेश प्रदेश (राजविराज) ।
४. मिथिला संस्कृतिक क्षरण आ सुधारक उपाय – विमर्शक सत्र मे सहभागी (५ जन)
संचालकः प्रवीण नारायण चौधरी
विद्वान् वक्ताः श्रीमती करुणा झा, मुख्य वक्ता (राजविराज) एवं श्रीमती आभा अनुपमा, डा. एस. एन. झा, इं. अरविन्द कर्ण ।
५. नेपाल भारत मित्रता आ मिथिलाक भूमिका – विमर्शक सत्र मे सहभागी (४ जन)
संचालकः प्रवीण नारायण चौधरी,
विद्वान् वक्ताः माननीय जितेन्द्र नारायण देव, मुख्य वक्ता, डा. नारायण कुमार एवं वरिष्ठ समाजसेवी दिनेश श्रेष्ठ ।
६. मैथिली फिल्मः वर्तमान आ भविषय – विमर्शक सत्र मे सहभागी (६ जन)
संचालकः जयराम यादव यदुवंशी
विद्वान् वक्ताः राजकुमार महतो (फिल्म निर्माता एवं चन्द्रनगर गाउंपालिका अध्यक्ष), मुख्य वक्ता, पूर्णेन्दु कुमार झा (फिल्म निर्देशक, काठमांडू), डा. कृष्ण मुरारी झा (लेखक, जमशेदपुर), किसलय कृष्ण (फिल्म समीक्षक, सहरसा) व सुमित सुमन (फिल्म निर्माता, दरभंगा) ।
७. मैथिल/मधेशी जेन-जी कि सोचैत अछि – विमर्शक सत्र मे सहभागी (४ जन)
संचालकः भाष्कर चौधरी, पूर्व छात्र नेता, नेविसं, मोरंग
विद्वान् वक्ताः रिम्मी चौधरी, छात्रा व कलाकार, रंजीत कुमार झा, युवा नेता, नेपाली कांग्रेस, पंकज वर्मा, युवा नेता, नेपाली कांग्रेस ।
८. मिथिला (भारत व नेपाल) – पर्यटन, उद्योग एवं अन्य आर्थिक अपेक्षा – विमर्शक सत्र मे सहभागी (३ जन)
संचालकः सुजित कुमार चौधरी
विद्वान् वक्ताः विभा झा, प्रवीण नारायण चौधरी
९. सांस्कृतिक कार्यक्रम –
संचालकः किसलय कृष्ण
प्रस्तोताः अमर आनन्द व प्रिया आनन्द केर जोड़ी (अररिया, भारत), विरेन्द्र कुमार झा व प्रवीण नारायण चौधरी ।
१०. समापन सत्रः
दुनू दिन लेल – शिव पुस्तक भंडार, पटना द्वारा मैथिली पुस्तक प्रदर्शनी, श्रीमती शीला चौधरी व रिम्मी चौधरी द्वारा मिथिला चित्रकला प्रदर्शनी । पर्यटन सूचना स्टाल – कोशी प्रदेश केर विभिन्न पर्यटन स्थलक जानकारी सहितक पुस्तिका सभक वितरण ।
