Search

नेशनल स्कूल अफ ड्रामा (एनएसडी) नई दिल्ली मे स्कूली छात्र लेल गर्मी छुट्टी मे प्रशिक्षणक सुअवसर

207 भ्यूज

३० अप्रैल २०२६, मैथिली जिन्दाबाद!!

एनएसडी द्वारा स्कूली विद्यार्थी लेल प्रशिक्षणक सुअवसर

प्रत्येक वर्ष जेकाँ अहु वर्ष एनएसडी द्वारा १ मासक प्रशिक्षण वर्कशौप स्कूली बाल-बालिका लेल लगायल जा रहल अछि । नाट्य माध्यम सँ शिक्षा – थिएटर इन एजुकेशन स्वरूपक सिलेबस अनुसार ई प्रशिक्षण कार्यक्रम बाल मनोविज्ञान आ ताहि मे नाट्य विधाक विभिन्न गतिविधि सँ जोड़िकय स्कूली विद्यार्थी केँ प्रशिक्षित कयल जाइछ । गर्मी छुट्टीक समय मे आयोजित एहि प्रशिक्षण कार्यक्रम मे कुल १२०० प्रशिक्षु केर प्रवेश लेल जायत, ३०-३० केर प्रत्येक ग्रुप केँ संस्कार रंग टोली (टी-आई-ई कम्पनी, एनएसडी, नई दिल्ली) द्वारा प्रशिक्षित कयल जायत ।

नेशनल स्कूल अफ ड्रामा यानि राष्ट्रीय नाट्य अकादमी नई दिल्ली केर ‘समर टी-आई-ई वर्कशौप’ मे विद्यालय स्तरक छात्र लेल एक मासक प्रशिक्षण कार्यक्रम मे सहभागिता लेल ‘फर्स्ट कम फर्स्ट सर्व’ आधार पर आवेदन फारम पठेबाक सूचना जारी कयल गेल अछि । सूचनाक प्रति (पेपर-कटिंग) फोटो मे संलग्न अछि । आवेदन फौर्म ४ मई २०२६ सँ आधिकारिक वेबसाइत www.nsd.gov.in पर १२ बजे अपराह्न सँ १७ मई २०२६ केर सन्ध्या ५ बजे धरि भरि सकैत छी । जे पहिने भरब तिनके सिलेक्शन पहिने कयल जायत । तेँ बिना कोनो देरी कएने ई काज प्राथमिकता सूची मे राखिकय अवश्य करब ।

एनएसडी मे कार्यरत मैलोरंगक निर्देशक प्रकाश झा एहि बातक सूचना “मैथिली जिन्दाबाद” वेब-पत्रिका मार्फत आम मैथिलजन धरि पठेबाक आशय रखलनि अछि । ओ एहि जानकारी केँ विशेष रूप सँ अपन मैथिली भाषी छात्र-छात्रा धरि पहुँचेबाक विशेष अनुरोध एवं आह्वान सेहो कयलनि अछि ।

बुझले बात अछि जे नाटक विधा साहित्य व समाजक एकटा महत्वपूर्ण अंग होइछ । नाटक नहि केवल मनोरंजनक माध्यम थिक, बल्कि शिक्षा आ संस्कारक प्रसार मे सेहो नाटकीय विधाक प्रयोग ओतबे महत्वपूर्ण होइत अछि । जाहि कोनो गाम मे नाटक खेलेबाक परम्परा रहल, ताहिठाम धियापुता मे शिक्षा-साक्षरता संग जीवन जिबय के विशिष्ट हुनर आ बात-विचार अवश्य प्रचलित भेल ।

हालहि सम्पन्न मलंगिया महोत्सव जे कि मूल रूप सँ मैथिलीक महान नाटककार महेन्द्र मलंगियाक सक्रिय ५० वर्षक साहित्य-सेवा सेहो मूलतः नाट्यविधा मे अपन अमूल्य योगदान करबाक सुअवसर पर हुनकहि लिखल कुल ३५ गोट नाटकक मंचन संगहि भारतक मान्यताप्राप्त कुल २२ भाषाक ५००० सम्बन्धित लोकक सहभागिता सँ एकटा विश्व रेकर्ड बनबाक सुखद उदाहरण बनल अछि दिल्ली मे ।

त नाट्यविधा सँ स्वयं केँ जोड़बाक लेल स्कूली बाल-बालिका लेल ई सुखद अवसरक लाभ उठबय जाउ, समय मे आवेदन पठाउ । ई सुविधा देशहि भरिक बच्चा सब लेल अछि, धरि दिल्ली व एनसीआर मे जे छी तिनका सब लेल त आर सुविधाजनक होयत । सब कियो एहि अवसरक लाभ उठाउ, राज्यप्रदत्त सुविधा अन्तर्गत एहि प्रशिक्षण वर्कशौप सँ जुड़ू ।

हरिः हरः!!

Related Articles