सब तैयारी पूरा भ’ गेल – अतिथि आगमनक प्रतीक्षा अछिः सह-संयोजक दीपक झा
मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल मुम्बई मे दोसर बेर आयोजन भ’ रहल अछि । यैह आगामी ३, ४ आ ५ अप्रैल २०२६ – शुक्र, शनि आ रवि दिन धरि तीन-दिवसीय आयोजन मे २५ गोट सत्र मे सैकड़ों लेखक-साहित्यकार, फिल्मकार-कलाकार, रंगकर्मी-सिनेकर्मी एवं मैथिली भाषा-साहित्यक विभिन्न स्रष्टाक संग भाषा-सहोदरी मे अन्य भारतीय भाषाक विद्वान लोकनिक सहभागिता होयत ।
एमएलएफ-२०२६ केर तैयारीक सन्दर्भ मे सह-संयोजक दीपक झा संग मैथिली जिन्दाबादक सम्पादक प्रवीण नारायण चौधरीक बातचीतक अंशः
प्रश्नः मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल – मुम्बई मे दोसर बेरुक आयोजनक तैयारी कि-केना चलि रहल अछि ?
दीपकजीः तैयारी बहुत बढियाँ सँ भ’ रहल अछि । काल्हि २२ मार्च हम सब आयोजक समिति कार्यक्रम स्थलक निरीक्षण लेल गेल रही । ओहिठामक सब व्यवस्था – स्टेज, डेकोरेशन, सिटिंग अरेन्जमेन्ट आदिक संग आगन्तुक अतिथि लोकनिक रहबाक आ भोजनक व्यवस्था सब सुनिश्चित भ’ गेल अछि । आब अतिथि सभक अन्तिम सूची पर १-२ दिन मे निर्णय करबाक जिम्मेदारी संयोजक विनोद कुमार झा ‘सरकार’ पर छोड़ल गेल छन्हि । हम सब आयोजक मुम्बई केर मैथिल समाजक प्रतिष्ठा केँ ध्यान मे रखैत एक-एक विन्दु पर पूरा ध्यान दय रहल छी । पूर्वक आयोजनक कमी-कमजोरी सब ध्यान मे रखैत एहि वर्ष ‘न भूतो न भविष्यति’ वला भव्यता सँ एमएलएफ केर दोसर खण्ड सम्पन्न करबाक इच्छा रखैत छी ।
प्रश्नः मुम्बई मे सहयोगी हाथक कमी नहि – शुभ सीता फाउन्डेशन, सुमित मिश्र समान आर्ट डायरेक्टर, कतेको रास सामाजिक संस्था, मैथिल सभक बीच समन्वय सँ सारा काज करबाक लेल एक सँ एक जिम्मेदार लोक सब – विगत केर आयोजन मे किछु चूक रहितो एहि वर्ष त सब गोटे बढ़ि-चढ़िकय आयल हेताह ?
उत्तरः मैथिली सभक भाषा थिक । प्रत्येक मैथिलीभाषी लेल ई आयोजन अपन खास आ विशेष आयोजन हेबाक आत्मबोध हेबाक चाहियनि । हालांकि सहयोगक वास्ते मूल रूप सँ मुख्य संयोजक सरकार लोक सब सँ सम्पर्क मे छथि, लेकिन हम व्यक्तिगत तौर पर कोनो आयोजनक हिस्सा छी त हमरा सँ इतर विषय मे अन्तिम घड़ी कोनो तरहक तर्क-कुतर्क आ के कि देलनि – नहि देलनि ताहि सब मे नहि ओझराइत छी । जग के काज जगदीश के ! ई काज स्वयं मैथिली यानि सीताक थिकन्हि । आ हम सब ओतबो विपन्न नहि रहि गेल छी । आयोजन नीक सँ हेतैक । सब कमी पूरा भ’ जेतैक । पराम्बा जानकी स्वयं सब किछु पूरा करथिन ।
प्रश्नः शुभ सीता फाउन्डेशनक मुख्य भूमिका विगत मे सेहो छल । एहि बेर सेहो मनोरमा मैथिली काफी उत्साह सँ भूमिका निभा रहल छथि । आरो नव प्रायोजक लोकनि सोझाँ अयलाह कि नहि ?
दीपकजीः शुभ सीता फाउन्डेशन द्वारा एहि वर्षक आयोजन मे सेहो मुख्य भूमिका निर्वाह कयल जा रहल अछि । मनोरमा मैथिली काफी सजग आ सक्रिय अभियानी सेहो छथि स्वयं । भाषा-साहित्य आ संस्कृति सँ काफी जुड़ाव रहलनि अछि । संगहि समाज मे हुनकर आर काफी योगदान होइत रहलनि अछि । मुम्बई मे हमरा सब बहुते नीक संख्या मे छी । सबलताक पक्ष सेहो मुम्बई केर झुग्गी सँ फ्लैट मे परिवर्तन भेल – कतेको लोक बंगलाक स्वामी सब सेहो मैथिल भेटैत छथि मुम्बई मे । सभक स्वतःस्फूर्त सहयोग भेटि रहल अछि । ओना काल्हिक मीटिंग मे संयोजक जी कनेक हतोत्साह जरूर बुझेलथि, लोक बोल-भरोस दय केँ बजाकय अपेक्षानुकूल सहयोग नहि करैत छथिन त कनेक कष्ट होइत छन्हि । मुदा ई सब मैथिलक गुण-धर्मे बुझू । भगवती सब पार लगौती ।
प्रश्नः बाहर सँ सेहो प्रायोजक लोकनि एहि कार्यक्रम मे भूमिका निभेबाक लेल तत्पर छथि एना सुनय मे आयल ? कि-केना ?
दीपकजीः मुम्बई मे मूल खर्च स्थान आ निवास पर होइत छैक । एहि दुइ पक्ष केँ हम आ मनोरमाजी अपना स्तर धरि पूरा करैत रहल छी । कार्यक्रम स्थलक बुकिंग सँ लैत होटल (रेजिडेन्स) केर बुकिंग एखन धरिक अतिथि मुताबिक पर्याप्त भेल कहि सकैत छी । हँ, तखन आगन्तुक अतिथि लोकनिक बेतहाशा वृद्धिक आशंका – मुम्बईवासी सब केँ एहि आयोजन मे हम भाग ली त हम भाग ली वला उच्च-उत्साह – तखन जँ गेस्ट बढ़ता त रूम बुकिंग करनिहार सेहो बढ़ता से तय मानू । एहि वर्ष पैछला सबटा रेकर्ड टूटयवला अछि, तीने दिन मे एतेक लोक कतय आ केना सम्हरताह तेहेन उजमाइड़ उठि गेल अछि बुझू । बाहर सँ सेहो गोटेक प्रायोजक, नेपाल सँ नेपोभिट टाइल्स एवं छिन्नमस्ता अस्पताल व एजुकेशन संस्थानक नाम चर्चा मे अछि ।
प्रश्नः पैछला बेरुक साज-सज्जा आ स्टेज सेट-अप मे सुमित मिश्र जी समान सहयोगी ठाढ़ छलथि । एहि बेर तेहेन कियो ?
दीपकजीः स्टेज सेट-अप एहि बेर सेहो सुमिते जीक असिस्टेन्ट रहल रंजन जी आदिक उल्लेख्य सहयोग सँ भ’ रहल अछि । सब गोटे उत्साह सँ सहयोग करैत काज भव्य सँ भव्यतम करबाक प्रयास मे छथि । काल्हि स्थल निरीक्षण मे सब स्थिति पर हमरा लोकनि समीक्षा कयलहुँ, प्रस्तुति पूर्वक खाका मुताबिक पैछला बेर सँ बहुत भव्य सेट-अप एहि वर्ष लागत से विश्वास अछि । तीन गोट स्वागत द्वार सेहो बनायल जायत । अतिथि लोकनिक बैसबाक लेल कुर्सी सँ अन्य सब सुविधाक बेजोड़ प्रबन्ध कयल जा रहल अछि ।
उपरोक्त वार्ता सँ स्पष्टे अछि जे मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल मुम्बई पुनः एकटा नया उत्साह आ आत्मविश्वास सँ मैथिलीभाषी करोड़ों लोक मे, संगहि मुम्बई सहित अन्यान्य महानगरक प्रवासी लोक व भाषा-साहित्य प्रति सहानुभूति-समर्थन करनिहार वर्ग मे नया ऊर्जाक संचरण करत । आयोजक केँ अग्रिम शुभकामना !
हरिः हरः!!
