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स्वामी स्वरूपानन्द कृत् गीताक अंग्रेजी अनुवाद एवं भाष्यक हिन्दी एवं मैथिली अनुवाद

1612 भ्यूज

श्रीमद्भागवद्गीताक अंग्रेजी अनुवाद

– स्वामी स्वरूपानन्द

(प्रथम अध्यक्ष, वेदान्त आश्रम, मायावती, पिथौड़ागढ़)

हिन्दी एवं मैथिली अनुवादक

– प्रवीण नारायण चौधरी

(मैथिली अभियन्ता एवं संपादक, मैथिली जिन्दाबाद वेब पत्रिका)

प्रस्तुत हिन्दी-मैथिली अनुवाद स्वामी स्वरूपानन्द कृत् अंग्रेजी अनुवादक विलक्षण रसास्वादन लेल मात्र कयल गेल अछि । एहि मशीनी युग मे मशीनक सहयोग सँ ई अनुवाद कार्य स्वयं अनुवादक अपन प्रबोधन आ धियापुताक सम्बोधन सहित प्रस्तुत कयलक । अभीष्ट एतबा छैक जे श्रीमद्भागवद्गीताक सारगर्भित सन्देश केँ सहजता सँ बुझल जा सकय । याद रहय, गीताक स्वाध्याय लेल पूर्ण शान्तचित्त मन हेबाक चाही । उछल-कूद शैली मे गीता केँ अनन्त जन्महु धरि कियो नहि बुझि सकैछ । तेँ एकर अध्ययन क्रमिक, एक-एक श्लोक केँ आपस मे जुड़ल आ क्रमिक रूप मे बुझबाक यत्न जे करब हुनकर जीवन मे समस्त अभीष्ट पूर्ण होयत । सभक लेल शुभकामना !!

हरिः हरः!!

विषय-सूची

*सम्पूर्ण गीता – मूल अंग्रेजी अनुवाद – स्वामी स्वरूपानन्द

१. पहिल अध्यायः अर्जुनक शोक-चिन्ता – The Grief of Arjuna

२. दोसर अध्यायः ज्ञानक मार्ग – The Way of Knowledge

३. तेसर अध्यायः कर्मक मार्ग – The Way of Karma

४. चारिम अध्यायः ज्ञान मे कर्म सँ संन्यासक मार्ग – The Way of Renunciation of Action in Knowledge

५. पाँचम अध्यायः संन्यासक मार्ग – The Way of Renunciation 

६. छठम अध्यायः योगक (ध्यानक) मार्ग – The Way of Meditation

७. सातम अध्यायः अनुभूतिक संग ज्ञानक मार्ग – The Way of Knowledge with Realisation 

८. आठम अध्यायः अक्षर-ब्रह्मक मार्ग – The Way To the Imperishable Brahman

९. नवम अध्यायः राजसिक ज्ञान एवं राजसिक रहस्यक मार्ग – The Way of the Kingly Knowledge and the Kingly Secret

१०. दसम अध्यायः दिव्य महिमाक झलक – The Glimpses of the Divine Glory

११. एगारहम अध्यायः ब्रह्माण्डीय रूपक दृष्टि – The Vision of the Universal Form

१२. बारहम अध्यायः भक्तिक मार्ग – The Way of Devotion

१३. तेरहम अध्यायः क्षेत्र आ क्षेत्रज्ञक भेद – The Discrimination of the Kshetra and the Ksherajna

१४. चौदहम अध्यायः तीन गुणक भेद – The Discrimination of the Three Gunas

१५. पन्द्रहम अध्यायः परमपिता परमात्माक मार्ग – The Way to the Supreme Spirit

१६. सोलहम अध्यायः दिव्य आ गैर-दिव्य गुण-धर्मक वर्गीकरण – The Classification of Divine and Non-Divine Attributes

१७. सत्रहम अध्यायः त्रिगुणात्मक श्रद्धाक बारे जिज्ञासा – The Enquiry into the Threefold Sraddha

१८. अठारहम अध्यायः संन्यास मे मुक्तिक मार्ग – The Way of Liberation in Renunciation

*अनिवार्य पठनीयः गीताक माहात्म्य – The Greatness of Gita (A must read chapter)

कोनो जरूरी नहि जे सब केँ विश्वास होयत, लेकिन हमर यैह दृढ़विश्वास अत्यन्त बाल्यकाल सँ रहल जे शास्त्रीय वचन (शिक्षा, सन्देश, आदि) एकहु टा गलत नहि कहैछ । आर हँ, एकर फलित हेबाक वैज्ञानिक कारण सेहो छैक, से कथा हम कोनो आन दिन कहब । नर्व्स सिस्टम आ पल्स केर माध्यम सँ कौस्मिक एनर्जीक शरीरधारी उपयोग करैछ । लेकिन, जेकर मोबाइल के सिमे खराब रहत, ओ कि टावर पकड़त – से वाली बात !!

हरिः हरः!!

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