रामचरितमानस मोतीः तुलसीदासजी केर दीनता और राम भक्तिमयी कविताक महिमा
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती ६. तुलसीदासजी केर दीनता और राम भक्तिमयी कविताक महिमा एहि सँ पूर्व केर कुल ५ अलग-अलग शीर्षक अन्तर्गत आ प्रथम दिवसक ईश-वन्दना करैत महाकवि तुलसीदास स्वयं केँ सभक दास होयबाक भाव सँ हुनका सब केँ कृपाक खान अपने सब कियो मिलिकय छल छोड़िकय हमरा पर कृपा करू, … रामचरितमानस मोतीः तुलसीदासजी केर दीनता और राम भक्तिमयी कविताक महिमा




