निखंड साड़ी आ काकी संग बरसाइत पाबनिक पूजा
मैथिली लघुकथा – रूबी झा बरसाइत पावैन छल। मीना कहली पति सँ सब आय नव नुवा पहिरै छै, हमरा त अहाँ किनो नै देलौं। पिछलो साल नैहर गेल रही भातिजक उपनयन में भेटल विदाई में नुवा उहे पहिर क’ केलौं। एते बात सुनि बजला विद्या नन्द (मीना के पति), “अगर अहाँ २०टा टका हर महिना … निखंड साड़ी आ काकी संग बरसाइत पाबनिक पूजा








