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प्रवीण नारायण चौधरी

मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल मुम्बई केर तैयारी पूरा – सह-संयोजक दीपक झा संग अन्तर्वार्ता

सब तैयारी पूरा भ’ गेल – अतिथि आगमनक प्रतीक्षा अछिः सह-संयोजक दीपक झा मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल मुम्बई मे दोसर बेर आयोजन भ’ रहल अछि । यैह आगामी ३, ४ आ ५ अप्रैल २०२६ – शुक्र, शनि आ रवि दिन धरि तीन-दिवसीय आयोजन मे २५ गोट सत्र मे सैकड़ों लेखक-साहित्यकार, फिल्मकार-कलाकार, रंगकर्मी-सिनेकर्मी एवं मैथिली भाषा-साहित्यक विभिन्न मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल मुम्बई केर तैयारी पूरा – सह-संयोजक दीपक झा संग अन्तर्वार्ता

कि मिथिलावाद ओरा गेल ?

कतय हेरायल मिथिलावाद ? काल्हि २२ मार्च २०२६ – जहाँ-तहाँ ‘बिहार दिवस’ केर धूम देखय मे आयल । बुराड़ी (नई दिल्ली) मे सांसद मनोज बाजपेयी जी केँ मंच पर गबैत-गबाबैत देखलहुँ फेसबुक लाइव मे । बड़ा राजनीतिक युग्म मिलबैत अपन मनभावन सुर-ताल मे गाबि-गाबिकय लोकक मन रिझा रहल छलथि । उत्तराखंडक लोक आ बिहारक लोक कि मिथिलावाद ओरा गेल ?

भागलपुर मे सेहो आरम्भ भेल मैथिली साहित्यिक चौपाड़ि

रिपोर्टः नित्यानन्द मिश्र (साभार फेसबुक) भागलपुरक प्रथम मैथिली साहित्यिक चौपाड़िक आयोजन : एकटा प्रतिवेदन भागलपुर, 22 मार्च 2026 । आइ दिनांक 22 मार्च 2026 क’ भागलपुर स्थित जयप्रकाश उद्यानमे भागलपुरक प्रथम ‘मैथिली साहित्यिक चौपाड़ि’क ऐतिहासिक आ’ गरिमामय आयोजन कयल गेल । एहि साहित्यिक गोष्ठीक सफल संचालन आ’ संयोजन नित्या नन्द मिश्र एवं सह-संयोजन नीतीश कुमार भागलपुर मे सेहो आरम्भ भेल मैथिली साहित्यिक चौपाड़ि

मिथिलाभाषा रामायण केर गेय-रूप लेल आम-आह्वान

मिथिलाभाषा रामायणः मैथिली साहित्य मे निस्सन क्रान्ति मैथिली साहित्यक इतिहास मे कविश्वर चन्दा झाक उल्लेख महाकवि विद्यापतिक मध्ययुगीन साहित्यिक योगदान उपरान्तक दोसर महत्वपूर्ण एवं क्रान्तिकारी योगदान देनिहार रूप मे पढ़ने रही । लिखल अछि – With the advent of Chanda Jha (1831-1907) an era of awakening dawned in Maithili poetry. He revolutionised the whole realm मिथिलाभाषा रामायण केर गेय-रूप लेल आम-आह्वान

मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल २०२६ मादे किछु विशेष समाद आ संस्मरण

मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल केर विशेषता मैथिली भाषा-साहित्य केँ हृष्ट-पुष्ट कयनिहार दिवंगत स्रष्टा लोकनि केँ श्रद्धाञ्जलि शब्दक वाचन संग शब्द-श्रद्धा-सुमन अर्पित करब बड पैघ विलक्षणता लगैत अछि । विडम्बना ई जरूर लगैछ जे स्रष्टा सभक जिबिते हुनकर सृजित साहित्य पर लोकचर्चा कम भेल करैछ मैथिल समाज मे । सब अपनहिं गुमान आ निजकर्तव्य-कर्मक अहंताक भार मे मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल २०२६ मादे किछु विशेष समाद आ संस्मरण

महिला सशक्तिकरण आ क्षेत्रीय विकासमे रास्वपाक महिला सांसदसभक प्रतिबद्धता

अर्चना झा, ललितपुर । चैत २ गते २०८२ । राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टी (रास्वपा) क महिला सांसदसभ अपन–अपन क्षेत्रमे महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय आ क्षेत्रीय विकास केँ प्राथमिकतामे राखि काज करबाक प्रतिबद्धता जनौलनि । रास्वपाक नवनिर्वाचित प्रतिनिधिसभा सदस्यसभक लेल चैत ३ आ ४ गते ललितपुरमे आयोजित अभिमुखीकरण कार्यक्रमक दौरान सर्लाही क्षेत्र नम्बर १ क माननीय महिला सशक्तिकरण आ क्षेत्रीय विकासमे रास्वपाक महिला सांसदसभक प्रतिबद्धता

मैथिली भाषा-साहित्य, फिल्म, संचार एवं मंच उद्घोषक किसलय कृष्ण केँ मातृशोक

१७ मार्च २०२६, मैथिली जिन्दाबाद !! हम मानव लेल माय समान अनमोल सम्बन्ध आर किछु नहि । अनिवार्य ईश्वरक श्रेणी सर्वप्रथम माताक स्थान होइत छन्हि । प्रिय किसलय कृष्णक माताश्री प्रभा देवीक स्वर्गवास ११ मार्च २०२६ केँ भ’ गेलन्हि । समय-समय पर पुत्र आ माताक सन्दर्भ अनेकन सामग्री सब सामाजिक संजाल मार्फत हमरा लोकनि देखैत मैथिली भाषा-साहित्य, फिल्म, संचार एवं मंच उद्घोषक किसलय कृष्ण केँ मातृशोक

मन्दिर मे भगवानक दर्शन – एक सहज दर्शन

मन्दिर (सहज दर्शन – Simple Philosophy) एकटा बन्द चहरदेवाल भीतर जीर्ण-शीर्ण अवस्थाक ओ मन्दिर, जेकर त्रिशूल मात्र केर दर्शन होइत अछि – से आइ सँ नहि कइएक दशक सँ…. आ कि मोन पड़ि गेल करैछ – त्रयः शूल निर्मूलनं शूलपाणिं भजेऽहं भवानीपतिं भावगम्यं अर्थात् तीनू तरहक ताप (आध्यात्मिक, आधिदैविक ओ आधिभौतिक) केर हरण कयनिहार त्रिशूलधर्त्ता मन्दिर मे भगवानक दर्शन – एक सहज दर्शन

मैथिली मे बाल-साहित्यक विवेचनात्मक अध्ययन – एक ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण शोधकार्य पूरा

१२ मार्च २०२६ । मैथिली जिन्दाबाद !! मधुबनी जिलाक झंझारपुर प्रखंडक नरुआर निवासी स्वर्गीय शिव कान्त झा एवं श्रीमती प्रमिला देवीक ज्येष्ठ पुत्र डॉ. अनमोल झा कें वर्ष २०२०-२१ लेल संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकारक द्वारा मैथिली मे वरिष्ठ अध्येता फेलोशिप प्रदान कयल गेल छलन्हि । डॉ. अनमोल झा द्वारा एहि कार्य केँ ससमय पूरा कय मैथिली मे बाल-साहित्यक विवेचनात्मक अध्ययन – एक ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण शोधकार्य पूरा

नेपाल मे आब की ?

पुरना राजनीतिक दल दुःखी आ चिन्तित नहि भ’ राष्ट्रनिर्माण मे सहयोगी बनय नेपालक प्रतिनिधिसभा निर्वाचन २०८२ मे पुरना कहायवला नेता आ दल – सभक पत्ता साफ भ’ गेलैक । बड़का-बड़का विश्लेषक आ अनुमान लगेनिहारक सर्वे सेहो फेल भ’ गेलैक । नेपालक जनता एकतरफा मत केवल एक दल – राष्ट्रिय स्वतंत्र पार्टी केँ देलकैक । मधेशी नेपाल मे आब की ?