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मैथिली मे बाल-साहित्यक विवेचनात्मक अध्ययन – एक ऐतिहासिक एवं महत्वपूर्ण शोधकार्य पूरा

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१२ मार्च २०२६ । मैथिली जिन्दाबाद !!

मधुबनी जिलाक झंझारपुर प्रखंडक नरुआर निवासी स्वर्गीय शिव कान्त झा एवं श्रीमती प्रमिला देवीक ज्येष्ठ पुत्र डॉ. अनमोल झा कें वर्ष २०२०-२१ लेल संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकारक द्वारा मैथिली मे वरिष्ठ अध्येता फेलोशिप प्रदान कयल गेल छलन्हि । डॉ. अनमोल झा द्वारा एहि कार्य केँ ससमय पूरा कय लेल गेल अछि । ‘समकालीन मैथिली बाल साहित्यिक विवेचनात्मक अध्ययन’ विषय पर शोधकार्य पूरा कयल जायब मैथिली भाषा-साहित्य लेल महत्वपूर्ण मानल गेल अछि । मैथिली मे बाल साहित्य पर विगत अढ़ाइ दशक सँ कोनो पैघ शोध नहि भेल छल । डा. झाक एहि काज सँ एकटा माइलस्टोन उपलब्धि हासिल कयल जेबाक चर्चा साहित्य संसार मे भ’ रहल अछि ।

ई शोध प्रबंध कम्प्यूटर टाइपक ए4 साइज मे पौने आठ सए पृष्ठक अछि जाहिमे मैथिली बाल साहित्यक प्रथम सँ एकादश अध्याय संग भूमिका, आभार, उपसंहार, सहायक ग्रंथ एवं पत्र-पत्रिकाक सूची, शोधकार्य सँ सम्बन्धित चित्रावली व शोधकर्ताक परिचय सम्मिलित अछि । एहि वृहत् शोध प्रबंध मे २००० ई. सँ २०२५ ई. धरिक मैथिली बाल साहित्य पर विस्तृत रुप सँ काज कयल गेल अछि जाहिमे करीब एक सए चालीस पोथी यथा कथा, कविता, गजल, उपन्यास, नाटक एकांकी, अनुवाद एवं अन्य विधाक पोथी सबपर चर्चा भेल अछि । एकर अतिरिक्त मैथिली बाल पत्रिका पर सेहो विस्तार सँ जानकारी देल गेल अछि ।

एहि सभक अतिरिक्त मैथिली बाल साहित्यक २००० ई. क पूर्वक इतिहास, पुस्तक, बाल पत्र पत्रिकाक अध्ययन मनन चिंतन कय समकालीन मैथिली बाल साहित्यके देखाओल गेल अछि । निश्चित रूप सँ ई मैथिली भाषा ओ साहित्य मे मैथिली बाल साहित्यक लेल बहुत नीक काज भेल अछि । ई शोध प्रबंध छात्र, शोधकर्ता एवं शिक्षक लोकनि लेल महत्वपूर्ण कार्य भेल मानल जाइछ ।

डॉ. अनमोल झाक हुनक बाल कविता संग्रह ‘लागि जो फूल आकाश’ क लेल २०२१ ई. मे साहित्य अकादेमी नई दिल्ली द्वारा मैथिली मे बाल साहित्य साहित्य पुरस्कारक लेल पुरस्कृत कयल गेल छल । ई मैथिली मे लघुकथा विशेषज्ञक रूप मे जानल जाइत छथि । ई एखन तक साढ़े बारह सौ सँ बेसी मैथिली लघुकथा लिखि चुकल छथि । मैथिली मे हिनक दर्जनाधिक लघुकथा संग्रह, बाल कविता संग्रह एवं अनुवादक पोथी प्रकाशित भेल छन्हि । विभिन्न भारतीय भाषाक यथा बंगला, पंजाबी, मराठी, हिंदी आदि मे सेहो हिनक मैथिली लघुकथाक प्रकाशन समय समय पर होइत रहल अछि ।

हिनक प्रारंभिक शिक्षा अपन पैतृक गांव नरुआरक पाठक स्कूल सँ शुरू भेल छल । फेर भवनाथ मध्य विद्यालय सर्वसीमा, महादेव पूरण टिवड़ेवाल उच्च विद्यालय झंझारपुर, ललित नारायण जनता महाविद्यालय झंझारपुर, सी. एम. कॉलेज दरभंगा, विश्वविद्यालय मैथिली विभाग तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय भागलपुर सॅं एम. ए., यूजीसी-नेट एवं पी-एच.डी. क उपाधि प्राप्त केलनि । पी-एच.डी मे हिनक शोधक विषय ‘मैथिली लघुकथाक स्वरुप: विश्लेषणात्मक अध्ययन’ छल । नालन्दा खुला विश्वविद्यालय, पटना एवं दूरस्त शिक्षा ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगाक पाठ्यक्रम मे हिनक लिखल पाठ सेहो सम्मिलित कयल गेल । वर्तमान मे डॉ. झा कोलकाताक एक नीजी कम्पनी विनार सिस्टम्स प्राइवेट लिमिटेड मे कार्यरत छथि । संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा देल गेल दू बर्खक समय सीमा क मध्य पोनै आठ सए पृष्ठक शोध प्रबंध लिखिकय जमा करब निश्चित रूप सँ अथक परिश्रम आ लगनशीलताक परिचयाक अछि ।

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