रिपोर्टः नित्यानन्द मिश्र (साभार फेसबुक)
भागलपुरक प्रथम मैथिली साहित्यिक चौपाड़िक आयोजन : एकटा प्रतिवेदन
भागलपुर, 22 मार्च 2026 ।आइ दिनांक 22 मार्च 2026 क’ भागलपुर स्थित जयप्रकाश उद्यानमे भागलपुरक प्रथम ‘मैथिली साहित्यिक चौपाड़ि’क ऐतिहासिक आ’ गरिमामय आयोजन कयल गेल । एहि साहित्यिक गोष्ठीक सफल संचालन आ’ संयोजन नित्या नन्द मिश्र एवं सह-संयोजन नीतीश कुमार मिश्रा द्वारा कयल गेल । कार्यक्रमक स्वरूप आ’ दिशा-निर्देशनमे मार्गदर्शकक रूप मे डॉ. पंकज प्रियांशु जीक विशिष्ट भूमिका रहल ।
साहित्यिक प्रस्तुति आ’ विमर्श
एहि चौपाड़िमे मिथिलाक विभिन्न पीढ़ीक रचनाकार लोकनि अपन मौलिक रचनासँ वातावरणकेँ साहित्यमय बना देलनि । गोष्ठीक मुख्य आकर्षण निम्नलिखित प्रस्तुति सभ रहल ।
कविता आ’ गजल:
नवलश्री पंकज: अपन शानदार गजल आ’ ओजस्वी कविताक प्रस्तुतिसँ साहित्यिक चौपाड़िमे थय -थय कए देलनि ।
नित्या नन्द मिश्र: आधुनिक कालक तकनीकी द्वंद्वकेँ दर्शबैत अपन कविता ‘ए.आई. कें मोनक व्यथा’ आ’ एकांत दर्शनकेँ समेटि ‘एकांतक अनुक्रम’क पाठ कयलनि ।
कुमार राहुल: अपन यात्रा संस्मरण पर आधारित कविता ‘यात्रा’ प्रस्तुत कयलनि जे एक प्रकारक काव्यायात्रांस्मरणक अनुभव छल ।
कुमार आशुतोष राजेश अपन विद्यापतिक पदावली अनुसारें लिखल कवि पत्नीक मनोदशाकेँ दर्शाबैत अद्वितिय काव्यपाठ वा कहु काव्यगीतकेँ प्रस्तुत कयलनि ताहिकेँ बाद नीतीश कुमार मिश्रा सेहो अपन जीवन प्रथम कविताक प्रस्तुति आ से अपन-अपन सामर्थयानुसारें उत्कृष्ट कविताक वाचन क’ क’ श्रोताकेँ मंत्रमुग्ध कयलनि ।
कथा वाचन:
पंकज प्रियांशु: अपन कथा ‘श्राद्ध’ क पाठ कयलनि, जे अपन मार्मिक विषय-वस्तु सँ सभक धियान खींचलक ।
नेहा झा: सेहो अपन नव रचित कथा प्रस्तुत क’ क’ अपन कथा-शिल्पक परिचय देलनि ।
उपस्थिति आ’ सहभागिता
एहि गोष्ठी मे प्रो. डॉ. रामसेवक सिंह, कुमार आशुतोष राजेश, नवलश्री पंकज, पंकज प्रियांशु, कुमार राहुल, नित्या नन्द मिश्र, नितीश कुमार मिश्रा, नेहा झा, दीपक कुमार, गोविंद कुमार शर्मा एवं मिथुन कुमार आदि विद्वान एवं युवा रचनाकार लोकनिक सक्रिय सहभागिता रहल ।
निष्कर्षः
भागलपुरक साहित्यिक आकाशमे ई ‘चौपाड़ि’ एकटा नव प्रयोगक रूपमे देखल जा रहल अछि, जाहिसँ मैथिली भाषा-साहित्यक संवर्धन आ’ नव प्रतिभा सभकेँ एकटा सुदृढ़ मंच भेटत । विशेष धन्यवादक पात्र नवलश्री पंकज जी जे पटनासँ आबि एहि आयोजनकेँ गरिमा बढौलनि आ अपन नामानुरूप एहि कार्यक्रममे ‘श्री’केँ स्थापित कयलनि । उपस्थित विद्वान लोकनि एहि प्रयासक सराहना करैत एकरा निरंतर जारी रखबाक संकल्प लेलनि ।
सम्पादकीय नोटः
मैथिली भाषा-साहित्यक संरक्षण, संवर्द्धन ओ प्रवर्द्धन मे सदिखन स्वयंसेवी स्रष्टा ओ भाषाप्रेमीक योगदानक भूमिका होइत आयल अछि । एहि क्रम मे भागलपुर जेहेन मैथिलीक प्राचीन उर्वर भूमि केँ पुनः सींचन करय मे युवातुरक भूमिका महत्वपूर्ण भेल अछि । पंकज प्रियांशु ओ नवलश्री आदिक संग-सहयोग प्रेरणास्पद भेल । मैथिली जिन्दाबादक एहि नव उपक्रम लेल हार्दिक बधाई !!
