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प्रवीण नारायण चौधरी

रामचरितमानस मोतीः रामायण माहात्म्य, तुलसी विनय तथा फलस्तुति

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती रामायण माहात्म्य, तुलसी विनय तथा फलस्तुति काकभुशुण्डिजी द्वारा मानस रोग, ओकर उपचार आ भजन महिमा कहि यथामति संग रामचरितमानस गरुड़जी केँ सुनेबाक वृत्तान्त कहैत आगू बढ़ि रहल छथि – १. अपने जे हमरा सँ शुकदेवजी, सनकादि तथा शिवजीक मोन केँ प्रिय लागयवाली अति पवित्र रामकथा पुछलहुँ से हमरा रामचरितमानस मोतीः रामायण माहात्म्य, तुलसी विनय तथा फलस्तुति

रामचरितमानस मोतीः भजन महिमा

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती भजन महिमा १. श्री रघुनाथजीक भक्ति संजीवनी जड़ी छी। श्रद्धा सँ पूर्ण बुद्धि मात्र अनुपान (दवाइ संग लेल जायवला मधु आदि) छी। एहि तरहक संयोग हो तँ ओ रोग (मानस रोग, जेकर वर्णन पूर्व अध्याय मे कयल गेल अछि) भले नष्ट भ’ जाय, नहि तँ करोड़ों प्रयत्नक बादो रामचरितमानस मोतीः भजन महिमा

शौर्य सिमेन्ट मिथिला लोक चित्रकला प्रतियोगिता २०८० केर दोसर चरण सँ ७५ गोट सहभागी चयन भेल

सन्तोष लाल दास, जनकपुरधाम। १० दिसम्बर २०२३ । मैथिली जिन्दाबाद!! शौर्य सिमेन्ट इन्डस्ट्रिज लिमिटेड (नेपाल) – शौर्य सिमेन्ट केर निर्माता कम्पनी द्वारा कारपोरेट सामाजिक दायित्व (सीएसआर) केर जिम्मेदारी केँ देशक मौलिक कला आ संस्कृति संग बहुभाषिक-बहुसांस्कृतिक नेपाली पहिचान मे मैथिल पहिचान केँ संरक्षण, संवर्धन आ प्रवर्धन निमित्त आयोजित कार्यक्रम “शौर्य सिमेन्ट मिथिला लोक चित्रकला प्रतियोगिता शौर्य सिमेन्ट मिथिला लोक चित्रकला प्रतियोगिता २०८० केर दोसर चरण सँ ७५ गोट सहभागी चयन भेल

रामचरितमानस मोतीः गरुड़जीक सात प्रश्न आ काकभुशुण्डिजीक उत्तर

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती गरुड़जीक सात प्रश्न आ काकभुशुण्डिजीक उत्तर गरुड़जीक जिज्ञासा भक्ति आ ज्ञान बीचक भेद केर निरूपणक समुचित उत्तर देलाक बाद…. १. पक्षीराज गरुड़जी बहुते प्रेमपूर्वक काकभुशुण्डिजी सँ कहलखिन – “हे कृपालु! हमरा उपर अपनेक बहुते प्रेम अछि। हे नाथ! अपन सेवक जानि हमर आरो सात टा प्रश्नक उत्तर बखानिकय रामचरितमानस मोतीः गरुड़जीक सात प्रश्न आ काकभुशुण्डिजीक उत्तर

गिद्धों का विलुप्त होना मानव और पर्यावरण के लिए घातक

लेख – डॉ ए कुमार, एम.बी.बी.एस, एम.डी., एम पी एच (संस्थापक, पर्ज फाउंडेशन, श्रीकांन्ठ प्राइवेट लिमिटेड, अन्वी ग्रुप ऑफ एजुकेशनल ट्रस्ट, स्वामी विवेकानन्द एजुकेशनल ट्रस्ट) गिद्धों का विलुप्त होना मानव और पर्यावरण के लिए घातक 2003 के बाद भारत समेत दुनियाभर से गिद्ध विलुप्त होते जा रहे हैं। भारतीय गिद्धों का विलुप्त होना मनुष्य और गिद्धों का विलुप्त होना मानव और पर्यावरण के लिए घातक

रामचरितमानस मोतीः ज्ञान-भक्ति-निरुपण, ज्ञान-दीपक तथा भक्ति केर महान्‌ महिमा

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती ज्ञान-भक्ति-निरुपण, ज्ञान-दीपक तथा भक्ति केर महान्‌ महिमा लोमश ऋषि सँ राममन्त्रक प्राप्ति उपरान्त काकभुशुण्डिजी द्वारा भक्ति व ज्ञानक महिमा पर सुन्दर व्याख्यान – १. काकभुशुण्डिजी गरुड़जी सँ कहलनि – हम हठ कय केँ भक्ति पक्ष पर अड़ल रहलहुँ, ताहि सँ महर्षि लोमश हमरा श्राप देलनि। लेकिन ओकर फल रामचरितमानस मोतीः ज्ञान-भक्ति-निरुपण, ज्ञान-दीपक तथा भक्ति केर महान्‌ महिमा

रामचरितमानस मोतीः काकभुशुण्डिजीक लोमशजी लग गेनाय आ श्राप एवं अनुग्रह पेनाय

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती काकभुशुण्डिजीक लोमशजी लग गेनाय आ श्राप एवं अनुग्रह पेनाय प्रसंग काकभुशुण्डिजी द्वारा पूर्व जन्म केर कथा आ कौआक शरीर प्राप्तिक गरुड़जीक प्रश्नक उत्तर क्रम जारी – क्रमशः सँ आगू – १. गुरुजीक वचन स्मरण कयकेँ हमर मन श्री रामजीक चरण मे लागि गेल। हम क्षण-क्षण नव-नव प्रेम प्राप्त रामचरितमानस मोतीः काकभुशुण्डिजीक लोमशजी लग गेनाय आ श्राप एवं अनुग्रह पेनाय

रामचरितमानस मोतीः गुरुजी द्वारा शिवजी सँ अपराध क्षमापन, शापानुग्रह आर काकभुशुण्डिक आगूक कथा

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती गुरुजी द्वारा शिवजी सँ अपराध क्षमापन, शापानुग्रह आर काकभुशुण्डिक आगूक कथा रुद्राष्टक केर स्तुतिगान उपरान्त – १. सर्वज्ञ शिवजी विनती सुनलनि आ ब्राह्मणक प्रेम देखलनि। फेर मन्दिर मे आकाशवाणी भेलैक जे हे द्विजश्रेष्ठ! वर माँगू। ब्राह्मण कहलखिन – “हे प्रभो! यदि अपने हमरा पर प्रसन्न छी आ हे रामचरितमानस मोतीः गुरुजी द्वारा शिवजी सँ अपराध क्षमापन, शापानुग्रह आर काकभुशुण्डिक आगूक कथा

रामचरितमानस मोतीः रुद्राष्टक

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती रुद्राष्टक पूर्व अध्यायक प्रसंग जाहि मे काकभुशुन्डिजी अपन पूर्व जन्म केर कथा – कौआक शरीर प्राप्तिक कारण उजागर करैत अपन गुरु प्रति श्रद्धा-समर्पणक अभाव केर बात कहि शिव मन्दिर मे गुरु प्रति अनादरक भाव देखि महादेवक कोप आ श्रापक वर्णन कयलनि, जाहि पर हुनक गुरु ब्राह्मणदेव केँ दया रामचरितमानस मोतीः रुद्राष्टक

भारत में एचआईवी-एड्स (HIV-AIDS) की बढ़ती चिंता

आलेख भारत में एचआईवी-एड्स (HIV-AIDS) की बढ़ती चिंता – डा ए कुमार, एम.बी.बी.एस., एम.डी., एम.पी.एच एचआईवी-एड्स HIV-AIDS को यदि वर्तमान समय में दुनिया की कुछ प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल किया जाए तो यह अतिशयोक्ति नहीं होगी, क्योंकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, वर्ष 2018 के अंत तक वैश्विक स्तर पर लगभग 38 भारत में एचआईवी-एड्स (HIV-AIDS) की बढ़ती चिंता