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प्रवीण नारायण चौधरी

५ दिवसीय जनकपुर साहित्य कला आ नाट्य महोत्सव सँ घुरलाक बादक अनुभूति…

– प्रवीण नारायण चौधरी सीधे जनकपुर सँ विराटनगर घुरिकय….. आबि गेलहुँ वापस जनकपुर सँ, मोन धरि टाँगले अछि जनकपुर मे! ५-दिवसीय महाकुम्भ मे ३ दिना डुमकी लगा, आयोजकक स्नेह आ सशक्त व्यवस्थापनक प्रेरणा लय, अग्रज विद्वान् स्रष्टा आ विभिन्न राजनीतिक सशक्त व्यक्तित्व आ सरस्वतीक अनेकों विशिष्ट विद्याधर कलाकार लोकनिक प्रस्तुतिरूपी विलक्षणताक शुभ दर्शन प्रसाद पाबि ५ दिवसीय जनकपुर साहित्य कला आ नाट्य महोत्सव सँ घुरलाक बादक अनुभूति…

जनकपुर मे भव्य साहित्य-कला-नाट्य महोत्सवक शुभारम्भ भेल

जनकपुर साहित्य कला तथा नाट्य महोत्सव पहिल दिनक कार्यक्रम मौसमक प्रभाव मे निर्धारित समय सँ कनेक विलम्ब सँ अवश्य भेल, मुदा भेल सब किछु पूर्व नियोजित ढंग सँ। उद्घाटन सेशन मे राजनेता लोकनि बहुत नीक सँ सम्बन्धित विषय पर अपन-अपन बात रखलनि। मात्र भाषण धरि सीमित राखब यदि हुनका लोकनिक मनसाय रहतनि त एकर जिम्मेदार जनकपुर मे भव्य साहित्य-कला-नाट्य महोत्सवक शुभारम्भ भेल

लाइलाज नहीं है कुष्ठरोग – अत्यन्त पठनीय लेख

– डॉ ए कुमार, एमबीबीएस, एमडी, एमपीएच संस्थापक – जाखु फिल्म प्रोडक्शन, पर्ज फाउंडेशन, श्रीकंठ प्राइवेट लिमिटेड, अन्वी ग्रुप ऑफ एजुकेशनल ट्रस्ट, स्वामी विवेकानन्द एजुकेशनल ट्रस्ट. भारत में हर साल महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 30 जनवरी को कुष्ठ निवारण दिवस के रूप में मनाया जाता है। रोग उन्मूलन और रोकथाम के प्रयासों को बढ़ाने के लिए लाइलाज नहीं है कुष्ठरोग – अत्यन्त पठनीय लेख

मिथिला भाषा रामायण – अयोध्याकाण्ड प्रथम अध्याय

कवि चन्द्र विरचित मिथिला भाषा रामायण ॥अयोध्याकाण्ड॥ ।श्लोक। ।शार्दूलविक्रोडित छन्दः। भाले बालकलाकरं गलगरं वामाङ्गवामाधरं चञ्चन्मौलिसरिद्वरं वृषचरं सर्व्वप्रदं निर्द्दरम्। वन्दे पिङ्गजटं मनाहरनटं विश्रान्तिभूसद्वटं श्रीमन्निष्कपटं सुकृत्तिकपटं भ्राजद्विभूतिच्छटम् ॥१॥ भावार्थः शिवजीक हम वन्दना करैत छी, जिनकर माथा पर बालचन्द्र छथि, गला मे विष छन्हि, बामा अंग मे गौरी विराजमान छथि, सिर पर चञ्चल वेगवती गंगा छथि, जे बसहा मिथिला भाषा रामायण – अयोध्याकाण्ड प्रथम अध्याय

बौआ-बुच्ची लेल मीठ-मीठ गीत

साहित्य – परमेश्वर कापड़ि बालसाहित्यक अध्ययन अनुसन्धानक क्रममे हम हिन्दीक बहुते बालगीतसबके अनुवाद कएने रहिऐ । ओहिमेस’ किछु अनुवादित हिन्दी बालगीत एतए प्रस्तुत अछि – गीत — श्रीप्रसाद हल्लम हल्लम हौदा, हाथी चल्लम चल्लम । हम बैठल हाथीपर, हाथी हल्लम हल्लम । नम्हर नम्हर सूंढ, फटाफट फट्टर फट्टर । नम्मा नम्मा दांत, खटाखट खट्टर खट्टर बौआ-बुच्ची लेल मीठ-मीठ गीत

श्री राम सँ अहाँ कि-कि सिखब

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी श्री रामचरित्र परिचर्चा गोष्ठीक आयोजन विराटनगर मे मैथिली एसोसिएशन नेपाल द्वारा २२ जनवरी २०२४ केँ करायल जायत। एक दिश अयोध्या मे भगवान श्री राम केर बालरूप मूर्ति-विग्रह मे प्राण प्रतिष्ठा नवनिर्मित राममन्दिर मे कयल जेबाक अछि, दोसर दिश पूरे भारत, नेपाल व विभिन्न देश जाहि ठाम श्री राम एक आदर्श श्री राम सँ अहाँ कि-कि सिखब

मोन पड़ै छथि प्रफूल्ल कुमार सिंह ‘मौन’

संस्मरण – रमानन्द झा रमण मोन पड़ै छथि प्रफुल्ल कुमार सिंह ‘मौन’ (20जनबरी 1938 – 20 जुलाइ 2018) – श्रद्धांजलि! पाठकक मौन भङ्ग करैत ‘मौन’क कथा :- मैथिली भाषा-साहित्यक अधीत पाठकक मानस-पटलपर प्रफुल्ल कुमार सिंह‘मौन’क बिम्ब एक लोक साहित्यान्वेषी आ’ भाषा-संस्कृति प्रेमी रचनाकारक रूपमे अछि। ओ कौखन चेचर-बलिराजगढ़मे मिथिलाक गौरवमय परम्परा आ’ सांस्कृतिक धरोहिरक उत्खनन मोन पड़ै छथि प्रफूल्ल कुमार सिंह ‘मौन’

मोनक बात ‍- एक विचित्र अनुभूति

एक विचित्र अनुभूति – प्रवीण नारायण चौधरी (बुकानन हैमिल्टनक लेख सँ प्रेरणा प्राप्ति उपरान्तक ई मनोनुभूति) बाल्यकाल आ पढाई करबाक उमेर मे एतबा रुचि पक्के नहि छलय इतिहास पढ़य मे… खाली गणित… खाली हिसाब जोड़य मे नीक लागल करय। आब जखन इतिहासक पन्ना मे सँ अपन मूल (मौलिकता) बारे कि सब (कतय-कतय) उल्लेखित अछि, से मोनक बात ‍- एक विचित्र अनुभूति

मोरंग केर धरतीक मैथिलीपुत्र – उदय चन्द्र गोपाल

कवि-कृतित्व-व्यक्तित्व उदय चन्द्र गोपाल मोरङ्ग के बुधनगरा निवासी उदय चन्द्र गोपाल सँ २०६९ साल मे आदर्श माध्यमिक विद्यालय (विराटनगर) प्रांगण मे महाकवि विद्यापतिक स्मृति समारोह मे भेंट भेल छल । मोरङ्ग – बुधनगरा निवासी आशुकवि दयानन्द दिक्पाल यदुवंशीक संग उदय चन्द्र गोपाल सँ परिचय-पाती भेल । पुनः ३ वर्ष पूर्व बुधनगरा वयोवृद्ध कवि दिक्पालजी सँ मोरंग केर धरतीक मैथिलीपुत्र – उदय चन्द्र गोपाल

लक्ष्मीनाथ गोसाईं – एक महान् प्रेरणापुरुष

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी लक्ष्मीनाथ गोसाईं – हमरा लेल एक महान प्रेरणापुरुष हमर गाम मे गोसाईं बाबाक पदार्पण भेल छल। पुरखाजन केँ प्रेरणा प्रदान करैत श्री सीताराम भगवानक मन्दिरक स्थापना कयल जेबाक इतिहास अछि। मन्दिर आइ धरि जिबन्त आ आकर्षक ढंग सँ लोक लेल दर्शनीय अछि। बीच मे मूर्ति चोरी घटना उपरान्त नव मूर्तिक लक्ष्मीनाथ गोसाईं – एक महान् प्रेरणापुरुष