आत्मशान्ति – कियैक आ केना ?
अत्यन्त मननीय लेख आत्मशान्ति – कियैक आ केना ? हरेक मानव केँ आत्मशान्तिक अभिलाषा रहैत छैक । ओना त आत्मशान्ति आत्माक स्वभावहि मे निहित छैक, मुदा जाहि तरहें स्वयं केर नाभि मे रहल कस्तुरी सँ हिरण अनभिज्ञ रहैत अछि, तहिना अन्तरंगक आत्मशान्तिक हम सब अनुभव नहि कय पबैत छी । समुद्रक मध्यबिन्दु मे लहरक उथल-पुथल … आत्मशान्ति – कियैक आ केना ?






