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प्रवीण नारायण चौधरी

अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन २०२५ः सम्पूर्ण प्रतिवेदन

अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन २०२५ (सम्पूर्ण प्रतिवेदन) त्रिमूर्तिधाम (त्रिमूर्ति चौक) कोचाखाल-विराटनगर अवस्थित महाकवि विद्यापति, भाषाशास्त्री महानन्द सापकोटा एवं आदिकवि भानुभक्त आचार्य सहितक स्मारक स्थल व त्रिमूर्ति पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन सँ अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन-२०२५ केर शुभारम्भ भेल । एहि अवसर पर प्रमुख अतिथि माननीय सदानन्द मंडल, पर्यटन, वन तथा वातावरण मंत्री, कोशी प्रदेश तथा विशिष्ट अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन २०२५ः सम्पूर्ण प्रतिवेदन

मनुष्य मे टेढ़पनीक मुख्य कारण कि होइत छैक – मैथिल सब एतेक टेढ़ कियैक होइत अछि

टेढ़ प्रवीणक सोझ मीमांसा (केवल फिलौसोफिकल चिन्तक लेल) एक दिन हम अत्यन्त गहन चिन्तन करैत अपना केँ चिन्हबाक चेष्टा कय रहल छलहुँ । हम मनुष्य छी । हम फल्लाँ जातिक छी । हमरा माता-पिता, हमर सर-समाज, कर-कुटुम्ब आदि-आदि; एहि सब विन्दु पर सोचि रहल छलहुँ । अन्त मे ई सेहो अबैत छल जे हम मिथिलाक मनुष्य मे टेढ़पनीक मुख्य कारण कि होइत छैक – मैथिल सब एतेक टेढ़ कियैक होइत अछि

जुड़िशीतल पर दरभंगा मे हास्य कवि सम्मेलन

समाचार साभारः हरिश्चन्द्र हरित, दरभंगा । १६ अप्रैल २०२६, मैथिली जिन्दाबाद !! विद्यापति सेवा संस्थान, दरभंगाक तत्त्वावधान मे ‘जुड़िशीतलक दिन कविगणक अधीन’ शीर्षक अन्तर्गत हास्य कवि सम्मेलनक आयोजन कयल गेल । एहि सन्दर्भ मे कवि हरिश्चन्द्र हरित सामाजिक संजाल फेसबुक पोस्ट मार्फत निम्न सूचना प्रवाह कएने छथि – शब्द नहि अछि हमरा लग जे. ……. जुड़िशीतल पर दरभंगा मे हास्य कवि सम्मेलन

परवाहा लोक संस्कृति उत्सव – प्रवीणक संस्मरण

परवाहा लोक संस्कृति उत्सव – २०८२: प्रवीण अनुभूति नव वर्ष २०८३ आरम्भ भेल । सम्पूर्ण सज्जनवृन्द मे शुभकामना । पराम्बा जानकी संग पुरुषोत्तम राम आ गौरी संग शंकर केर कृपा सब पर बनल रहय । सन्दर्भ मिथिलाक लोकसंस्कृति आ मूल्यवान् परम्पराक संरक्षण-संवर्धन हेतु विभिन्न प्रयासक अछि । प्रवास क्षेत्र मे मैथिल लोक जाग्रत देखाइते रहल परवाहा लोक संस्कृति उत्सव – प्रवीणक संस्मरण

परवाहा लोक संस्कृति उत्सव मे संस्कृति आ कर्मकाण्ड विषयक विमर्श

संस्कृति आ कर्मकाण्ड वक्ता – पंडित भवनाथ झा, डा. तारानन्द वियोगी, रोशन जनकपुरी, प्रवीण नारायण चौधरी संचालक – विकास वत्सनाभ वैशाख १ गते २०८३, समयः १० सँ ११ बजे, स्थानः मिथिला सांस्कृतिक केन्द्र, औरही गाउंपालिका, वार्ड नम्बर २, परवाहा, धनुषा, नेपाल । विमर्शक अपेक्षाः “संस्कृति स्थूल नहि होइछ । ओ त अविरल बहैत रहैत अछि परवाहा लोक संस्कृति उत्सव मे संस्कृति आ कर्मकाण्ड विषयक विमर्श

प्राथमिक शिक्षाक माध्यम भाषा मैथिली होयब अत्यावश्यक अछि

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी हम मैथिलीभाषी अन्दाज आ कल्पना सँ न्याय करबाक लेल नव-नव तर्क गढ़ैत रहैत छी । परञ्च नियम कहैछ जे कोनो गम्भीर विषय पर समुचित अध्ययन करबाक चाही, फेर कोनो तरहक आधिकारिक निर्णय किंवा निष्कर्ष पर पहुँचबाक चाही । मैथिलीभाषीक हित लेल प्राथमिक शिक्षाक माध्यम मैथिली होयब अत्यावश्यक अछि । कनि प्राथमिक शिक्षाक माध्यम भाषा मैथिली होयब अत्यावश्यक अछि

११ अप्रैल २०१५ केँ स्थापना भेल छल “मैथिली जिन्दाबाद” केर – ११ वर्ष पूर्णता पर प्रवीण विचार

“मैथिली जिन्दाबाद” केर ११ वर्ष पूरा आइ ११ अप्रैल २०२६ केँ “मैथिली जिन्दाबाद” वेब-पत्रिकाक ११ वर्ष पूरा भ’ गेल । एहि ११ वर्ष मे बहुत किछु अनुभव भेटल । मैथिल समाज केँ लिखित आलेख-रचना आदिक मार्फत नजदीक सँ बुझबाक सामग्री भेटल । आबयवला पीढ़ी – वर्तमान युवा पीढ़ी संग-संग ‘गूगल देवता’ सँ अनेकों मैथिली बात-कथा ११ अप्रैल २०१५ केँ स्थापना भेल छल “मैथिली जिन्दाबाद” केर – ११ वर्ष पूर्णता पर प्रवीण विचार

मैथिली-मिथिलाक बात आन भाषा मे लिखबाक प्रवृत्ति पर प्रवीण टिप्पणी

विराटनगर, १० अप्रैल २०२६ । मैथिली जिन्दाबाद !! मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल २०२६ बस पैछला सप्ताहक शुक्र, शनि आ रवि दिन करैत तीन दिनक कार्यक्रम तारीखक हिसाब सँ ३, ४ आ ५ अप्रैल केँ मुम्बई केर मड आइलैन्ड मे सम्पन्न भेल अछि । एखन एहि साहित्यिक उत्सवक आवाज सँ उठल तरंग सामाजिक संजाल पर ओहिना देखल मैथिली-मिथिलाक बात आन भाषा मे लिखबाक प्रवृत्ति पर प्रवीण टिप्पणी

मिथिलाक ग्रामीण भेग मे बौद्धिक चिन्तनः मैथिली लेल एमएलएफ गाम-गाम धरि

विराटनगर, ९ अप्रैल २०२६ । मैथिली जिन्दाबाद !! नेपालक धनुषा जिलाक परवाहा गाम मे युवा नाट्यकला परिषद् द्वारा दुइ दिवसीय लोक संस्कृति महोत्सवक आयोजन होमय जा रहल अछि । एहि महोत्सव मे मैथिली भाषा, साहित्य आ लोक संस्कृतिक संरक्षण, संवर्धन आ प्रवर्धनक उद्देश्य सँ विभिन्न तरहक प्रदर्शनीय प्रस्तुति कयल जायत । एहि मे मैथिली जिन्दाबादक मिथिलाक ग्रामीण भेग मे बौद्धिक चिन्तनः मैथिली लेल एमएलएफ गाम-गाम धरि

मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल केँ कियैक मानल जाइछ सर्वोत्कृष्ट (विस्तृत रिपोर्ट)

एमएलएफ २०२६ मुम्बई – ३ दिवसीय सफलतम् आयोजन मैथिली भाषा-साहित्यक सर्वोत्कृष्ट विचार-विमर्श – मैथिली नाटक एवं फिल्म पर आधारित प्रदर्शन संगहि मैथिली पुस्तक केर प्रदर्शनी समावेशित कार्यक्रम मुम्बई केर मड‍-आइलैन्ड मे ३-५ अप्रैल २०२६ केँ भव्य सफलताक संग सम्पन्न भेल । आउ पढ़ी, बुझी आ मनन करी जे कि होइत छैक एमएलएफ, आ ई आयोजन मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल केँ कियैक मानल जाइछ सर्वोत्कृष्ट (विस्तृत रिपोर्ट)