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प्रवीण नारायण चौधरी

आधुनिक तकनीकी दुनिया मे मैथिलीक प्रसिद्ध साहित्यकार लोकनिक खोजक सन्दर्भ

मैथिली भाषा-साहित्यक पुरोधागण – लेकिन नव पीढ़ी मे परिचय नगण्य आइ एकटा विशेष कार्यक्रमक चर्चा करय चाहब । जाहि कार्यक्रम सँ अत्यधिक प्रेरणा प्राप्त करबाक अवसर हमरहु भेटल छल । ई कार्यक्रम गूगल मीट पर आदरणीय स्रष्टा रविन्द्र नारायण मिश्रक अगुवाई मे आयोजित भेल छल । अवसर छल डा. इन्द्रकान्त झा – मैथिलीक वरिष्ठ कवि आधुनिक तकनीकी दुनिया मे मैथिलीक प्रसिद्ध साहित्यकार लोकनिक खोजक सन्दर्भ

मैथिली भाषाक कवि-गीतकार-कथाकार ‘रा. ना. सुधाकर’ लेल शब्द-श्रद्धाञ्जलि सन्देशः मैथिली एसोसिएशन नेपाल

श्रद्धाञ्जलि सन्देश राम नारायण दास उर्फ रा. ना. सुधाकर (जन्मदिनः २००१-१२-०६ पुण्यतिथिः २०८२-०९-२३ विक्रम संवत साल) हे मैथिली कविश्रेष्ठ-कथाकार ‘रा. ना. सुधाकर’ जी, सर्वप्रथम अपनेक रचित अमर ‘काव्य’ केर किछु विशेष भाष गबैत छी । मोन पाड़ैत छी एक पूर्ण निरपेक्ष ‘कवि’ केँ जे सब दिने सर्वतंत्र-स्वतंत्र मानल जाइत छथि । जिनका परमात्मा सेहो कोनो मैथिली भाषाक कवि-गीतकार-कथाकार ‘रा. ना. सुधाकर’ लेल शब्द-श्रद्धाञ्जलि सन्देशः मैथिली एसोसिएशन नेपाल

जनकपुर – विराटनगर मे रंगारंग नहि विमर्श प्रधान मैथिली कार्यक्रम होइछ

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी जनकपुर मे ५, ६, ७ आ ८ गते फागुन २०८२ साल – ४ दिन धरि मैथिली भाषा-साहित्य, कला, रंगकर्म, सिनेकर्म, पुस्तक मेला, चित्रकला प्रदर्शनी, विद्वत् सम्मेलन आ सब सँ बेसी आकर्षक विन्दु होयत “अन्तर्राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव” जाहि मे नेपाल, भारत आ अन्य मुलुक केर नाट्य समूह सब भाग लेता । जनकपुर – विराटनगर मे रंगारंग नहि विमर्श प्रधान मैथिली कार्यक्रम होइछ

जनकपुर साहित्य, कला तथा अन्तर्राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव २०८२ – फागुन ५ सँ ८ गते जनकपुरधाम मे

जनकपुरधाम साहित्य, कला तथा अन्तर्राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव २०८२ फागुन ५ सँ ८ गते २०८२ साल – कुल चारि दिनक भाषा-साहित्य, संस्कृति, अर्थ, कला, पर्यावरण संग मिथिलाक अद्भुत रंग-परम्पराक अन्तर्राष्ट्रीय महोत्सव केर घोषणा कयल गेल अछि । विदित हो जे पराम्बा जानकी “मैथिली” केर अंगना मे प्रत्येक दुइ वर्ष पर एहेन महाकुम्भक आयोजना कयल जाइछ । जनकपुर साहित्य, कला तथा अन्तर्राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव २०८२ – फागुन ५ सँ ८ गते जनकपुरधाम मे

वेद – समग्र परिचयः कांचीपीठ शंकराचार्य चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती द्वारा लिखल पुस्तक मैथिली मे अनुवाद

वेद मूल पुस्तक – द वेदाज, मूल लेखकः चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती, मूल प्रकाशकः भारतीय विद्या भवन मुम्बई, भारत  मैथिली आ हिन्दी अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी, विराटनगर, नेपाल । सम्पर्क ईमेलः [email protected] Whatsapp: +9779801722981 वेदः एक परिचय वेद केर कोनो आरम्भ नहि अछि । ई सामान्य ज्ञान (कॉमनसेंस) केर विरूद्ध बात भ’ सकैत छैक । हमरा लोकनिक वेद – समग्र परिचयः कांचीपीठ शंकराचार्य चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती द्वारा लिखल पुस्तक मैथिली मे अनुवाद

वेदक उपांगः धर्म शास्त्र – पौराणिक लक्ष्य केँ प्राप्त करबाक मार्ग

वेदक उपांगः धर्म शास्त्र – पौराणिक लक्ष्य केँ प्राप्त करबाक मार्ग एहेन देखल गेल अछि जे पुराणक पात्र सब हमरा सभक आदर्श आ रास्ता देखबयवला होइत छथि । हुनकर कथा-कहानी सब पढ़िकय, हम सब हुनका लोकनिक नीक गुण सब केँ अपनाबय लेल बाध्य भ’ जाइत छी । हालांकि एहेन इच्छा उत्पन्न होइत अछि, मुदा हर हाल वेदक उपांगः धर्म शास्त्र – पौराणिक लक्ष्य केँ प्राप्त करबाक मार्ग

वेदक उपांग – पुराणः वेद केर आवर्धक काँच (मैग्नीफाइंग ग्लास)

वेदक उपांग “पुराण” – वेदक आवर्धक काँच (मैग्नीफाइंग ग्लास) पुराण केँ वेदक ‘आवर्धक काँच’ (‘मैग्नीफाइंग ग्लास’) कहल जा सकैत अछि, कियैक तँ ओ छोट तस्वीर सब केँ पैघ बनाकय पैघ तस्वीर बनबैत अछि । वैदिक आदेश (निर्देश) जे सारगर्भित बात सभक रूप मे होइत अछि, तेकरा पुराण सब मे कहानी या खिस्साक रूप मे पैघ वेदक उपांग – पुराणः वेद केर आवर्धक काँच (मैग्नीफाइंग ग्लास)

मैथिली लेल जमीनी स्तरक कार्य तथा जनसामान्य संग जुड़ावक कारण अत्यधिक नुक्सानी

पोपगिरी करब छोड़ि मैथिलीक शक्तिवर्धनक कार्य जरूरी सन्दर्भः मैथिली अकादमीक निष्क्रियता – औफिस पर ताला – पुनर्संचालनक बात विगत किछु समय सँ विराटनगर मे “अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन-२०२५” केर आयोजन मे संलिप्तताक कारण बहुते रास ‘मैथिली बात’ सब आंशिक तौर पर देखितो स्वयं केँ चुपचाप रखने रही । आब कनेक आफियत भेटल त किछु लिखि रहल मैथिली लेल जमीनी स्तरक कार्य तथा जनसामान्य संग जुड़ावक कारण अत्यधिक नुक्सानी

ईष्टदेव सीताराम केर विशेष स्मरण – मानव जीवन लेल विशेष फलदायी

धनुष-बाण सहित राम महाकवि तुलसीदासक सम्पूर्ण कथन मानू हमरा लेल महान सत्यक आधार अछि । गुरुश्रेष्ठक कथन कोनो बेजा नहि जे एक-एक चौपाइ, एक-एक दोहा, एक-एक सोरठा या एक-एक छन्द मे केवल आ केवल सत्यक निरूपण कयल गेल अछि । एकटा कथन छन्हि जे जँ रामक ओज भरल चेहरा जाहि मे युद्धरत हाथ मे धनुष ईष्टदेव सीताराम केर विशेष स्मरण – मानव जीवन लेल विशेष फलदायी

पत्रकार अर्चना झा सम्मानपत्र सहित सम्मानित

पत्रकार तथा साहित्यकार अर्चना झा “राष्ट्रिय धरोहर नारीरत्न” सम्मान सँ विभूषित काठमाण्डू, १८ पुष — मैथिली “अर्चनाकृत रामायण” केर लेखिका, साहित्यकार तथा पत्रकार अर्चना झा केँ २०८२ सालक प्रतिष्ठित “राष्ट्रिय धरोहर नारीरत्न” सम्मान सँ सम्मानित कएल गेल अछि । ई सम्मान राष्ट्रिय धरोहर संरक्षण प्रतिष्ठान नेपाल द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रममे प्रदान कएल गेल । १३म पत्रकार अर्चना झा सम्मानपत्र सहित सम्मानित