मैथिली भाषा-साहित्यक पुरोधागण – लेकिन नव पीढ़ी मे परिचय नगण्य
आइ एकटा विशेष कार्यक्रमक चर्चा करय चाहब । जाहि कार्यक्रम सँ अत्यधिक प्रेरणा प्राप्त करबाक अवसर हमरहु भेटल छल । ई कार्यक्रम गूगल मीट पर आदरणीय स्रष्टा रविन्द्र नारायण मिश्रक अगुवाई मे आयोजित भेल छल । अवसर छल डा. इन्द्रकान्त झा – मैथिलीक वरिष्ठ कवि व लेखक-साहित्यकार केर जन्मदिन पर हुनक व्यक्तित्व ओ कृतित्वक चर्चा । तारीख छल ९ जनवरी २०२६ ।
आयोजक स्रष्टा आर एन मिश्र केर योजना जे मैथिलीक वरिष्ठ साहित्यकार जिनकर सम्बन्ध मे आजुक समाज मे जेहेन चर्चा हेबाक चाही से नहि भ’ पबैछ तिनकर सम्बन्ध मे चर्चा करबाक चाही, एहि बातक समर्थन मे आर कतेको वरिष्ठ व वरेण्य साहित्यकार लोकनिक संग भेटलनि । एहि अभियान जे सब जुड़लाह तिनकर परिचय पर एक नजरि दी अपने सबः
स्वयं रविन्द्र नारायण मिश्र, फीजिक्स मे बीएससी ओनर्स सीएम कालेज दरभंगा सँ १९७१ ई. मे – एलएलबी दिल्ली यूनिवर्सिटी सँ १९९२ मे – अखिल भारतीय प्रतियोगिता परीक्षा सँ उत्तीर्ण भ’ दिल्ली मे केन्द्रिय सचिवालय सेवा मे १९७७ सँ कार्य करैत भारत सरकार केर सेवा मे उपसचिव पदक पदाधिकारी बनि सेवानिवृत्त भेलाह २०१४ मे । तदोपरान्त फेर सँ लगभग साढ़े तीन साल दिल्ली हाई कोर्ट मे स्पेशल मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट रूप मे कार्य कयलनि । सम्प्रति अधिवक्ता रूप मे दिल्ली बार एसोसिएशन केर मेम्बर तथा दिल्लीक विभिन्न कोर्ट मे कानून प्रैक्टिस कय रहल छथि । मूल निवासी अरेड़ – जिला मधुबनी केर छथि । साहित्यिक पक्ष मे मैथिली मे तैंतीस टा पोथी प्रकाशित छन्हि, जाहिमे एक्कैस टा उपन्यास, तीन टा कथा संग्रह,तीन टा संस्मरण, दुइ टा यात्रा प्रसंग, आत्मकथा प्रसंग एक, तीन टा निबंध संग्रह छन्हि ।
संग देनिहार सुविज्ञ साहित्यकार कामेश्वर चौधरी – बीएचयू सँ १९७४ मे इंजीनियरिंग केर पढाइ पुर्ण कयलनि, तदोपरान्त आईईएस प्रतियोगिता परीक्षा उत्तीर्ण कय भारतीय रेलवे विभागक उच्चाधिकारी पद सँ २०१२ मे सेवानिवृत्त भेलाह । मैथिली संग-संग हिन्दी लेखन मे रुचि रखैत छथि । मैथिली मे ३ टा पुस्तक प्रकाशित छन्हि – ‘अपन अपन दीप’ (आत्मकथा), ‘अहाँक संग संग’ (संस्मरण) आदि । हिन्दी मे गद्य संग्रह सेहो लिखलनि अछि जे जल्द विमोचित होयत दिल्ली मे । मूल निवासी बेदौल, पंडौल, मधुबनी सँ छथि ।
तहिना राजकिशोर मिश्र जी, जे बीएचयू सँ इंजीनियरिंग केर पढाइ पूरा कय चीफ जेनरल मैनेजर (बीएसएनएल) सँ सेवानिवृत्त छथि । मैथिली लेखन मे १६ गोट कविता संग्रह प्रकाशित छन्हि । हिन्दी मे ११ कविता संग्रह प्रकाशित छन्हि । ई सेहो अरेड़ निवासी (मधुबनी) छथि ।
सहयोगी रूप मे ‘बर्थडे ब्वाइ’ डा. इन्द्रकान्त झाक एक समर्पित शिष्या प्रो. रंजना झा जे पाटलिपुत्र कालेज मे मैथिलीक लेक्चरर छथि ओहो रहथि ।
सभाक अध्यक्षता प्रा. डा. प्रमोद कुमार, राजनगर, मधुबनी कयलनि । प्रा. डा. प्रमोद कुमार पांडिचेरी सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी, अर्थशास्त्र विभागक विभागाध्यक्ष रहलथि । कर्ण (कायस्थ) परिवार सँ अत्यन्त प्रतिष्ठित व्यक्तित्व आ भारत स्तर पर गानल जायवला अर्थशास्त्री सेहो छथि । यूपीएससी सँ सिलेक्टेड लगभग ४० साल पूर्व एहि उच्च पद पर शोभायमान भेनिहार मिथिला सपूत आ परम विद्वान् मे गिनती मे अबैत छथि । मैथिली भाषा मे लेखन मे अद्भुत रुचि रखैत छथि । बिहनि कथा मे सुविज्ञ कथाकार रूप मे हिनकर नाम आंगूर पर गानल जाइछ । गीत सेहो लिखैत छथि । हिनका सभक व्यक्तित्व पर आर बेसी प्रकाश देबाक कार्य शीघ्रहि होयत ।
उपरोक्त कार्यक्रमक प्रमुख अतिथि प्रा. डा. कीर्तिनाथ झा रहथि । प्रा. डा. झा आँखि रोग विशेषज्ञ, पांडिचेरी मेडिकल कालेज (जिम्पर) मे नेत्र विभागक प्राध्यापक रहलथि । ताहि सँ पूर्व एक सेवानिवृत्त कर्नल सेहो रहथि । डीएमसीएच सँ एमबीबीएस केर पढाइ कयला उपरान्त उच्च अध्ययन आ भारत सरकार केर सेवा मे महत्वपूर्ण कार्य सब करैत रहलथि । मैथिलीक सधल लेखक रूप मे हिनकर यात्रा प्रसंग पर लिखल पोथी अत्यन्त उच्चस्तरक आ सभक लेल पठनीय छन्हि ।
डा. इन्द्रकान्त झा केर आरो शिष्य व शिष्या लोकनिक उपस्थिति रहल छल एहि कार्यक्रम मे । संयोग सँ हमहुँ फेसबुक पर ई सूचना देखि देल गेल लिंक पर जुड़ि पेलहुँ आ डा. झा संग बितायल मुम्बई एमएलएफ केर गोटेक विशेष क्षण केँ स्मरण करैत डा. झाक जन्मदिन पर दीर्घायु व सुस्वास्थ्यक संग सुख-समृद्धि-शान्तिक शुभकामना दैत आह्लादित भेलहुँ । बड नीक लागल ।
संगीता झा, इन्द्रकान्त झाक शिष्या – इन्द्रकान्त झाक किताबक ‘इन्द्र प्रेमगीत’ केर हिन्दी मे अनुवाद कयनिहाइर सेहो उपलब्ध छलिह । संयोग सँ बाजि नहि पेलिह । परन्तु प्रो. रंजना झा केर डा. इन्द्रकान्त झा सँ शिक्षार्जनक, सफल मानव जीवन लेल परमावश्यक तत्त्व ‘प्रोत्साहन’ आ ‘प्रशिक्षण’ केर लब्धि कोना डा. झा सँ भेटल – ई सब सुनि प्रवीण मंत्रमुग्ध भ’ गेल । आरो महत्वपूर्ण उपस्थिति मे अरविन्द कुमार सिंह झा, आरके कालेज मधुबनीक मैथिली विभागाध्यक्ष मधुबनी ड्योढी निवासी सेहो रहथि । एहि तरहक कार्यक्रम निरन्तरता मे रहय यैह अपेक्षा अछि ।
कनिकबे दिन पूर्व “अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन-२०२६” विराटनगर मे भारतीय मिशन (नेपाल) केर विशेष सहयोग-सहभागिता लेल हमर शिष्य हिरज सिंह सँ मांगल सहयोगक समय केना डा. झा केर सुपुत्र ‘एसपी साहेब मनोज बाबू’ जे संयुक्त उप-निदेशक, आसूचना व्यूरो, भारत सरकार जेहेन प्रतिष्ठित पद पर विराजित छथि, हुनका सँ वार्ता करबाक आ पूज्य स्रष्टा डा. इन्द्रकान्त बाबू द्वारा मुम्बई एमएलएफ केर फोटो आदि साझा करबाक सब प्रसंग काफी आनन्द प्रदान कयलक ।
आइ एतबी कहैत लेख पर विराम देब जे डा. इन्द्रकान्त झाक जन्मदिन पर भेल चर्चा आ ताहि मे भेटला एक सँ एक वरेण्य – वरिष्ठ व्यक्तित्व सभक परिचय पाबि हम काफी प्रेरित भेलहुँ । एहि तरहक आयोजन आरो-आरो स्रष्टा सभ पर आधारित होइत रहबाक चाही । डा. मिश्र संग प्रवीण सहकार्य करैत एहेन महत्वपूर्ण लोकक १०० व्यक्तिक सूची सहित प्रस्तुत हेबाक संकल्प लय रहल छी । पिछला साल जे साक्षात्कारक बात कयलहुँ आ बी के कर्णा सर सहित आर-आर लोक केँ सम्पर्क कयलहुँ, बहुत लोक मजाके उड़ेलनि, अपन आत्मकथा कि लिखितथि-कहितथि । तखन त…. जे जतेक पार लगैत रहत, करैत रहब । बम बम महादेव !! सादर प्रणाम,
हरिः हरः!!
