पत्रकार तथा साहित्यकार अर्चना झा “राष्ट्रिय धरोहर नारीरत्न” सम्मान सँ विभूषित
काठमाण्डू, १८ पुष —
मैथिली “अर्चनाकृत रामायण” केर लेखिका, साहित्यकार तथा पत्रकार अर्चना झा केँ २०८२ सालक प्रतिष्ठित “राष्ट्रिय धरोहर नारीरत्न” सम्मान सँ सम्मानित कएल गेल अछि । ई सम्मान राष्ट्रिय धरोहर संरक्षण प्रतिष्ठान नेपाल द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रममे प्रदान कएल गेल । १३म राष्ट्रीय पोशाक दिवस तथा अन्तर्राष्ट्रीय टोपी दिवस क अवसर पर पर्यटन बोर्डक सभाहल, काठमाण्डू कार्यक्रमक प्रमुख अतिथि नेपाल सरकारक प्रवक्ता एवं सूचना तथा सञ्चारमन्त्री माननीय जगदीश खरेल अर्चना झाकेँ सम्मानपत्र, दोसल्ला आ सम्मानचिन्ह प्रदान कए सम्मानित कएलाह ।
सम्मान प्रदान करैत मन्त्री खरेल कहलाह जे राष्ट्रिय पहिचानक संरक्षण सभ नेपालीक साझा दायित्व अछि । ओ कहलाह “राष्ट्रिय पोशाक आ टोपी नेपाली पहिचानक प्रतीक अछि । जतय नेपाली छथि, ततय नेपाली पहिचान सुरक्षित रहबाक चाही । एकर संरक्षण आ प्रवर्द्धनमे सरकार पूर्ण रूप सँ प्रतिबद्ध अछि ।” ओ कहलाह जे संस्कृति आ धरोहरक संरक्षण बिना राष्ट्रक मौलिक अस्तित्व सुरक्षित नहि रहि सकैत अछि ।
एहिसँ पहिने सेहो अर्चना झा साहित्य, मैथिली भाषा आ संस्कृतिक क्षेत्रमे पुरायल गेल योगदानक कदर स्वरूप संस्कृति तथा नागरिक उड्डयनमन्त्री माननीय बद्रीप्रसाद पाण्डे क हाथ सँ ‘सीताक उपाधि’ सम्मान सँ सम्मानित भ’ चुकल छथि । मैथिली साहित्यमे धार्मिक, सांस्कृतिक आ सामाजिक चेतनाक प्रस्तुति देनिहार हुनकर कृति ‘अर्चनाकृत रामायण’ पाठक आ साहित्यिक जगतमे विशेष स्थान बनौने अछि ।
सम्मान ग्रहण कएला बाद अपन मन्तव्य रखैत अर्चना झा आयोजक संस्था, सभाध्यक्ष तथा सम्पूर्ण पदाधिकारीसभ प्रति हृदय सँ आभार व्यक्त कएलनि । संगहि ओ एहि अवसर पर संग-संग सम्मानित सभ विशिष्ट व्यक्तित्वसभकेँ हार्दिक बधाई आ सम्मान व्यक्त कएलनि । ओ कहलनि— “नेपालक मौलिक पहिचान देखौनिहार राष्ट्रिय पोशाक हमर गौरव छै । अन्तर्राष्ट्रिय टोपी दिवस नेपाली टोपीक माध्यम सँ विश्वभर नेपालीपन चिनाबयकेँ अवसर दैत अछि । एहन दिवस सभ संस्कृति, परम्परा आ पहिचान जोगाबय लेल सभकेँ प्रेरित करैत अछि ।”
अर्चना झा प्राप्त सम्मानकेँ व्यक्तिगत उपलब्धि सँ बेसी शुभेच्छुक, परिवारजन, नारी, सहकर्मी आ समाजक साझा सम्मान मानैत छथि । ओ आगू दिनमे राष्ट्रिय धरोहर संरक्षण, संस्कृति प्रवर्द्धन तथा नारी सशक्तीकरण क’ पक्षमे आओर जिम्मेवार आ सक्रिय भ’ कए काज करबाक प्रतिबद्धता व्यक्त कएलनि । कार्यक्रममे साहित्य, कला, पत्रकारिता, संस्कृति तथा सामाजिक क्षेत्रमे उल्लेखनीय योगदान देनिहार विभिन्न विशिष्ट व्यक्तित्वसभक उल्लेखनीय सहभागिता रहल । सहभागीसभक अनुसार कार्यक्रम नेपाली मौलिक पहिचान, संस्कृति आ धरोहर संरक्षण प्रति नव ऊर्जा आ प्रतिबद्धता जोड़ने अछि ।
