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प्रवीण नारायण चौधरी

सन्दर्भ जितिया-खरजितियाक – निर्जला व्रत (उपवास) केर निजी संस्मरण

संस्मरण-कथा – प्रवीण नारायण चौधरी निर्जला व्रत (उपासना) केर अपन अनुभव   आइ विक्रम संवत साल २०८१ (ईश्वी संवत् २०२४) केर जितिया व्रतक विशिष्ट रूप ‘खरजितिया’ केर दोसर दिन थिक । एहि वर्षक व्रत अवधि लगभग ३६ घन्टाक अछि । हमर माय सहित कतेको माय हम सन्तान व परिजनक खातिर एतेक कठिन व्रत रखने छथि सन्दर्भ जितिया-खरजितियाक – निर्जला व्रत (उपवास) केर निजी संस्मरण

मिथिलाभाषा रामायण – लङ्काकाण्ड चारिम अध्यायः रामेश्वर शिव केर स्थापना

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण – लङ्काकाण्ड चारिम अध्याय रामेश्वर शिव केर स्थापना, गुप्तचर शुक केर मुँह सँ रामजीक सेनाक वर्णन ।सवैया छन्द। बाँधल भेल बाँध वारिधि मे, दशवदनक विजयक मन काज ॥१॥ शिवरामेश्वर तत संस्थापन, कयल सविधि प्रभु श्रीरघुराज ॥२॥ रामेश्वरक करथि जे दर्शन, सेतुबन्ध काँ करथि प्रणाम ॥३॥ ब्रह्मघात-आदिक मिथिलाभाषा रामायण – लङ्काकाण्ड चारिम अध्यायः रामेश्वर शिव केर स्थापना

महापुरुषक जीवनी आ हमरा लोकनिक जीवन

महापुरुषक जीवन सँ हम मानव केना प्रेरणा ग्रहण करैत छी विचार  – प्रवीण नारायण चौधरी एहि संसारमे अनेकों महापुरुषसब अवतरित भेलाह । हमरा सभक बीच सेहो कतेको लोक महापुरुष हेताह । महापुरुष महान कर्म कयला सँ मात्र बनि सकैछ । विश्वभरिमे कतेको लोक एहेन महापुरुष भेलाह जिनकर बारेमे हम-अहाँ पढ़ने छी, आरो पढ़बे करब । महापुरुषक जीवनी आ हमरा लोकनिक जीवन

जातीय अवधारणाक गलत उपयोग सँ मानव समाजक कल्याण सम्भव नहि

याद राखू जन-गण-मन   कटुता सँ कथमपि कल्याण नहि होइछ केकरहु, तेँ हमेशा श्रेष्ठ आचरण करनिहारक अनुकरण करबाक प्रेरणा ग्रहण करू । समाज मे ब्राह्मण प्रति जाहि तरहें कटुताक प्रसार सत्तालोभी दुर्जन सब करैत अछि, ओ किन्नहुं अनुकरण योग्य कर्म नहि थिक । एहि तरहक हरमुठाई कयला सँ सत्तालोभी किछु दिनक वास्ते अहाँक मत पाबि जातीय अवधारणाक गलत उपयोग सँ मानव समाजक कल्याण सम्भव नहि

आत्मशान्ति – कियैक आ केना ?

अत्यन्त मननीय लेख आत्मशान्ति – कियैक आ केना ? हरेक मानव केँ आत्मशान्तिक अभिलाषा रहैत छैक । ओना त आत्मशान्ति आत्माक स्वभावहि मे निहित छैक, मुदा जाहि तरहें स्वयं केर नाभि मे रहल कस्तुरी सँ हिरण अनभिज्ञ रहैत अछि, तहिना अन्तरंगक आत्मशान्तिक हम सब अनुभव नहि कय पबैत छी । समुद्रक मध्यबिन्दु मे लहरक उथल-पुथल आत्मशान्ति – कियैक आ केना ?

मिथिलाभाषा रामायणः लङ्काकाण्ड तेसर अध्याय – विभीषणक रामक शरण मे आयब आ अभिषेक पायब

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण लङ्काकाण्ड तेसर अध्याय विभीषणक रामक शरण मे आयब आ अभिषेक पायब ।हरिपद छन्द। नाम विभीषण जन कहइत छथि, दशमुख-सोदर-भाय ॥१॥ चरण-शरण मे राखु दयानिधि, अयलहुँ विकल पड़ाय ॥२॥ बहुत कहल हम नीति सभा मे, नहि मानल दशभाल ॥३॥ मेघनाद रावण-सुत मन्त्री, रावण-मत वाचाल ॥४॥ विश्वजननि वैदेही मिथिलाभाषा रामायणः लङ्काकाण्ड तेसर अध्याय – विभीषणक रामक शरण मे आयब आ अभिषेक पायब

नेपाल मे नव संविधान जारी करबाक ९म् वर्षगांठ

संविधान दिवस नेपाल आइ ‘संविधान दिवस’ थिक । समस्त नेपाली मे प्रवीणक शुभकामना !! आइ सँ 9 साल पूर्व आजुक दिवस नेपालदेशक नव संविधान घोषित भेल छल । विभिन्न विरोध आ असंतोष केर बीच नव संविधान नेपाल केँ संघीय लोकतांत्रिक गणतंत्र रूप मे घोषित कयलक । समावेशीकरण केर नीक परिकल्पना राखल गेल हमरा बुझने, तथापि नेपाल मे नव संविधान जारी करबाक ९म् वर्षगांठ

संस्मरण संग सन्ततिप्रति सन्देश

लेख-विचार – प्रवीण नारायण चौधरी पिता सँ पुत्र धरि आइ ‘काका’ (पिताजी) केँ फेर सँ मोन पाड़ि रहल छियनि । पितृपक्ष मे पितर प्रति सम्मोहन कोनो नव बात नहि छैक, लेकिन ताहू मे कारण जँ आध्यात्मिक उन्नति सँ जुड़ल हो त अपने आप विशेष भ’ जाइत छैक । पिताक तिथि त ओना सप्तमी दिन पड़ैत संस्मरण संग सन्ततिप्रति सन्देश

मिथिलाभाषा रामायण – लङ्काकाण्ड दोसर अध्यायः रावण केर हितैषी सब संग विचार-विमर्श, विभीषणक चेतावनी

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण लङ्काकाण्ड – दोसर अध्याय रावण केर हितैषी सब संग विचार-विमर्श, विभीषणक चेतावनी ।चौपाइ। रावण मन मन कर अनुमान । लङ्का डाहि गेल हनुमान ॥१॥ बड़ आश्चर्य कहू की आन । अक्षयकुमार लेलक प्राण ॥२॥ सभा कयल निज लोक हकारि । रावण-वचन देथि के टारि ॥३॥ तखन मिथिलाभाषा रामायण – लङ्काकाण्ड दोसर अध्यायः रावण केर हितैषी सब संग विचार-विमर्श, विभीषणक चेतावनी

जितिया जमघट – विराटनगर महिला समूह केर भव्य आयोजनक चहुंदिश चर्चा

सोनी कर्ण, विराटनगर । १८ सितम्बर २०२४, मैथिली जिन्दाबाद !! भादव ३१ गते, २०८१ तदनुसार १६ सितम्बर, २०२४ ई. (सोमदिन) विराटनगर (नेपाल) स्थित कञ्चनजंगा पार्टी पैलेस मे श्रीमती वन्दना चौधरीक अध्यक्षता मे जितिया पाबनि समारोह आयोजित भेल । ई समारोह ६५ – ७० महिला सभक गरिमापूर्ण उपस्थिति एवं सहभागिताक संग नीक जेकाँ सम्पन्न भेल। मिथिलाक जितिया जमघट – विराटनगर महिला समूह केर भव्य आयोजनक चहुंदिश चर्चा