रामचरितमानस मोतीः रावण केँ फेरो मन्दोदरी द्वारा बुझेनाय
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती रावण केँ फेरो मन्दोदरी द्वारा बुझेनाय १. अंगद श्री रामजीक दूत बनि आयल छलाह, रावण केँ खूब नीक सँ ओकर असल ओकादि देखाकय निडर-निःशंक भ’ रणभूमि मे रावण केँ देखि लेबाक चुनौती दैत वापस गेलाह। एम्हर रावण अपन सभा सँ सन्ध्या भेल बुझैत काफी उदास भ’ महल मे … रामचरितमानस मोतीः रावण केँ फेरो मन्दोदरी द्वारा बुझेनाय







