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प्रवीण नारायण चौधरी

मिथिलावासी लेल आर्थिक विकासक गूढ़ सूत्र

आलेख – मणिकांत झा ‘मणि अमारुपी’ मिथिलाक विकास कोना “ज अपने माय भेलिह मिथिला फेर कियाक एतेक शिथिला जखन ओ अपन माय कियाक बनेलहुँ हम सतमाय” हमर चर्चा इतिहास / पुरखाक बखान / खिद्यांश पर नैं अछि । चर्चा वर्तमानक संग भविष्य कोनाक सँवारी मिथिला बौद्धिक रूप स’ समृद्ध त’ सबदिन रहल, मुदा आर्थिक रूप मिथिलावासी लेल आर्थिक विकासक गूढ़ सूत्र

मिथिलाभाषा रामायण – उत्तरकाण्ड पहिल अध्यायः रावणक जन्म केर कथा

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण अथ उत्तरकाण्ड उत्तरकाण्ड – प्रथम अध्याय रावणक जन्म केर कथा ।दोबय छन्द। जय रघुवंश-तिलक कौशल्या-नन्दन-दशरथ-बालक ॥१॥ दशमुख-नाशक पङ्कज-लोचन, जय मुनिजन-प्रतिपालक ॥२॥ भावार्थः रघुवंश केर तिलक (रघुकुल केर श्रेष्ठ), कौशल्या ओ दशरथ केर पुत्र, दशमुख (रावण) केर विनाशकर्ता, ऋषि-मुनि केर प्रतिपालक पंकजलोचन (कमलनयन) राम केर जय हो मिथिलाभाषा रामायण – उत्तरकाण्ड पहिल अध्यायः रावणक जन्म केर कथा

मिथिलाभाषा रामायण – लङ्काकाण्ड – सोलहम अध्यायः राज्याभिषेक पर इनाम बाँटब, विभीषण आदि केँ विदा करब, रामायणक माहात्म्य

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण लङ्काकाण्ड – सोलहम अध्याय राज्याभिषेक केर उपलक्ष मे इनाम बाँटब, विभीषण आदि केँ विदा करब, रामायणक माहात्म्य ।चौपाइ। रामक भेल जखन अभिषेक । महाराज काँ नीति विवेक ॥१॥ सकल लोक काँ अति सुख प्राप्त । सकल शस्य सौँ धरणी व्याप्त ॥२॥ भल भल सुफल महीरुह लाग मिथिलाभाषा रामायण – लङ्काकाण्ड – सोलहम अध्यायः राज्याभिषेक पर इनाम बाँटब, विभीषण आदि केँ विदा करब, रामायणक माहात्म्य

मैथिली जिन्दाबाद – उद्देश्य, योगदान, वर्तमान आ भविष्य

मिथिला मिरर सम्पादक ललित नारायण झा जी द्वारा राखल गेल गोटेक सन्दर्भ पर ‘मैथिली जिन्दाबाद’ लेल हमर विचार निम्नानुसार अछि, अपने सब सेहो पढ़ब त निश्चय एकर उपयोगिता बढ़त । मैथिली जिन्दाबाद वेब पत्रिका रूप मे ११ अप्रैल २०१५ केँ विराटनगरक जानकी सदन मे आयोजित अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली कवि सम्मेलन २०१५ सँ शुभारम्भ कयल गेल । मैथिली जिन्दाबाद – उद्देश्य, योगदान, वर्तमान आ भविष्य

सिरहा मे आरम्भ भेल ३५म अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन तथा सिरहा साहित्य संगम कार्यक्रम

विराटनगर, २१ दिसम्बर २०२४ । मैथिली जिन्दाबाद !! सिरहा मे आरम्भ भेल अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन एवं सिरहा साहित्य संगम कार्यक्रम काल्हि २० दिसम्बर २०२४, सिरहाक चन्द्र माध्यमिक विद्यालय प्रांगण मे अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली परिषदक अगुवाई मे आयोजन होइत आबि रहल ‘अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन’क ३५मा प्रभाग आरम्भ भेल अछि । एकर उद्घाटन नेपालक पूर्व प्रधानमंत्री डा. बाबूराम सिरहा मे आरम्भ भेल ३५म अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली सम्मेलन तथा सिरहा साहित्य संगम कार्यक्रम

आर्ट डायरेक्टर सुमित मिश्रा प्रति श्रद्धाञ्जलि सन्देश

श्रद्धाञ्जलि सन्देश – प्रवीण नारायण चौधरी हे भगवान् – ई की भ’ गेल ? सुमित मिश्र – आर्ट डायरेक्टर, बौलिवुड (मुम्बई) एक अत्यन्त ‘उपयोगी, लोकप्रिय, परोपकारी, आ आर कतेक विशेषण सँ अलंकृत व्यक्तित्व’ काल्हि केना न केना एहि संसार सँ विदाह भ’ गेलाह । काल्हि संजीव पूनम मिश्र जीक पोस्ट देखलहुँ, आइ भोरे नीरज कुमार आर्ट डायरेक्टर सुमित मिश्रा प्रति श्रद्धाञ्जलि सन्देश

‘मिथिला मिथक’ हर घर लेल उपयोगी आ जरूरी पोथीः पुस्तक चर्चा कार्यक्रम विराटनगर मे सम्पन्न

विराटनगर, २० दिसम्बर २०२४ । मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिला मिथक पुस्तक पर चर्चा कार्यक्रम – मैथिली एसोसिएशन नेपाल द्वारा विराटनगर मे आयोजित भेल  श्री धर्मेन्द्र विह्वल केर लिखल पुस्तक मिथिला मिथक केर विमोचन कोशी प्रदेश मुख्यमंत्री हिकमत कुमार कार्की द्वारा मंगल दिन पूस 2 गते भेल छल, एहि पुस्तक पर केन्द्रित चर्चा पूस 4 गते वृहस्पति ‘मिथिला मिथक’ हर घर लेल उपयोगी आ जरूरी पोथीः पुस्तक चर्चा कार्यक्रम विराटनगर मे सम्पन्न

गायक तेजू मैथिलक भजन अभियान – जरूरत मे सहयोगक अपील

असहायक सहाय स्वयं विश्वम्भर – दीनक नाथ दीनानाथ मैथिली गायक तेजू यादव ‘मैथिल’ केर बाल्यकालहि सँ आँखिक दृष्टि हेरा गेलनि । परञ्च अन्तर्दृष्टि सँ एकदम फरिच्छ लोक, गला आ गायन मे अत्यन्त लोकप्रिय बनि अपन रोजी-रोटी कमाइत रहथि । हालहि एकटा खद्धा मे पैर पड़ि गेलनि आ जाँघक हड्डी टूटि गेलनि । जेना-तेना औपरेशन आ गायक तेजू मैथिलक भजन अभियान – जरूरत मे सहयोगक अपील

मिथिलाभाषा रामायण – लङ्काकाण्ड – पन्द्रहम अध्यायः राम-राज्याभिषेक, देवगन्धर्व आदि द्वारा स्तुति

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण लङ्काकाण्ड – पन्द्रहम अध्याय राम-राज्याभिषेक, देवगन्धर्व आदि द्वारा स्तुति ।चौपाइ। केकयि-तनय विनय-सम्पन्न । किछु नहि मानस छल प्रच्छन्न ॥१॥ भरत कहल शुनु बड़का भाय । अपनैँ नृपति दुखी वन जाय ॥२॥ चौदह बरष छलहुँ वनवास । अयलहुँ अवधि पुराओल आस ॥३॥ जे कृति कयलनि केकयि माय मिथिलाभाषा रामायण – लङ्काकाण्ड – पन्द्रहम अध्यायः राम-राज्याभिषेक, देवगन्धर्व आदि द्वारा स्तुति

राजा कुशध्वज जनक

राजा कुशध्वज जनक – प्रवीण नारायण चौधरी के छलाह राजा कुशध्वज ? राजा जनक जिनक अन्य नाम विदेहराज सीरध्वज छलन्हि, हुनकर छोट भाइ छलाह कुशध्वज । विदेहवंशी राजा ह्रस्वरोमाक दुइ पुत्र मध्य जेठ मिथिलाक राजा जनक कहेलनि, अनुज कुशध्वज रहथि । नेपालक एक प्रसिद्ध जिला सप्तरीक मुख्यालय ‘राजविराज’ क्षेत्रक राज्य कुशध्वज केँ भेटल छलन्हि । राजा कुशध्वज जनक