असहायक सहाय स्वयं विश्वम्भर – दीनक नाथ दीनानाथ
मैथिली गायक तेजू यादव ‘मैथिल’ केर बाल्यकालहि सँ आँखिक दृष्टि हेरा गेलनि । परञ्च अन्तर्दृष्टि सँ एकदम फरिच्छ लोक, गला आ गायन मे अत्यन्त लोकप्रिय बनि अपन रोजी-रोटी कमाइत रहथि । हालहि एकटा खद्धा मे पैर पड़ि गेलनि आ जाँघक हड्डी टूटि गेलनि । जेना-तेना औपरेशन आ इलाज सब कराकय हड्डी त जुटि गेलनि विगत ४-५ मास मे, मुदा चलय मे समस्या छन्हि आ एहि कारण सँ काज सेहो छुटि गेल छन्हि । परिवार, समाज, अस्पताल, डाक्टर, नियोक्ता आदिक सहयोग सँ येन-केन-प्रकारेण ई विपत्तिक समय कोहुना बितौलनि अछि । अपना अलावे पत्नी आ दुइ छोट बच्चा सहित लहान (सिरहा) मे भाड़ाक घर मे रहिकय जीवन गुदस्त कय रहल छथि, मुदा आर्थिक व्यवस्थापन मे आब बहुत समस्या होबय लागल छन्हि ।
जरूरी बखत मे संग देनिहार स्वयं जनार्दन कृष्ण होइत छथि । दीनक नाथ दीनानाथ होइत छथि । बीच मे कतेको बेर हालचाल पुछताछ मात्र भेल छल, कहियो किछु बजला तक नहि । मुदा समस्या चरम पर पहुँचि गेलनि त बस एतबे मुंह सँ निकललनि जे भाइजी दीनहुँ वास्ते किछु सहारा देखियौक । मैथिली-मिथिला लेल जतेक सकलहुँ से करिते रहल छी हमहुँ । मुदा एखन बहुत भारी समय बीति रहल अछि । परिवार, समाज, आदिक सहयोग पर कतेक दिन खेपब ? बात बुझय मे आयल आ समस्याक यथार्थता संग-संग ओकर गहिंराई थाहलहुँ, जेकरा भोगय पड़ैत छैक सैह बुझैत छैक वास्तव मे ।
आब एकर तत्काल समाधान की ? समाधान एक गायक-कलाकार लेल, एक रेडियोकर्मी लेल, एकटा ज्ञानी आ विवेकशील युवा लेल, एकटा बाल-बच्चेदार गृहस्थ लेल – घर बैसल अपन कलाक प्रदर्शन करू । भगवानक भजन करब त केहनो विपत्ति छू-मन्तर भ’ जायत । बस, यैह परम्परा सँ सीखल ज्ञान मुताबिक तेजू भाइ सँ कहलियनि जे बाबू अहाँक समस्या बड पैघ नहि अछि, अहाँ सँ बेसी समस्या मे फँसल करोड़ों लोक अछि । अहाँ हदरू जुनि । बस, प्रतिदिन १ घन्टा भजन करू घरे बैसल । आर से भजन सँ लाइव मार्फत हमरो सब केँ जोड़ू । देखियौ जे समस्या केना छू-मन्तर भ’ जायत अहाँक ।
कर्मठ आ वीर पुत्र – जिनका हम बेर-बेर कहल करैत छी जे अहाँक अन्तर्दृष्टि बाहरी दृष्टि सँ बेसी प्रखर अछि आर ज्ञानक पुञ्ज जेकर मस्तिष्क केँ प्रकाशित कएने रहैछ ओकरा त साक्षात् भगवान् कृष्ण सँ साक्षात्कार होइत रहैत छैक । उदाहरण सूरदास ! स्मरण करू त ! केना ओ बैसले-बैसल श्रीकृष्ण केर भजन गबैत रहथि आ कृष्ण बालक रूप धय सूरदास लग दुलार-मलार करय आबि जाइत रहथि । अहाँ बिल्कुल ओहि तर्ज पर आगू बढ़ू । स्वयं श्रीकृष्ण रूप मे अनेकों कदरदान-मेहरबान अहाँ लग आबि जेता । से तेजू मैथिल शुरू कय देलनि । भजन १ घन्टा प्रस्तुत करय लागल छथि । संगतिया रूप मे गुरुजी हारमोनियम पर आ एक गोट ढोलकिया सेहो संग देबय आबि रहल छथिन। सब कलाकार छथि आ सभक बालबच्चाक कल्याण आब कृष्णरूपी हम-अहाँ ‘जनता’ करबनि । जनता स्वयं जनार्दन होइत छथि, भगवान कृष्ण ई बात गीता मे स्पष्ट कहने छथिन ।
तेजू मैथिल लग बैंक खाता छन्हि । ओहि खाता मे अथवा ईसेवा – खल्ती – फोनपे आदि ऐप्प सेहो बना रहल छथि आइ । तदनुसार ओ सहयोगी सज्जन सब संग अपन बैंक डिटेल्स वा पेमेन्ट ऐप्प बारे जानकारी देता । हम सब हुनकर भजन सुनिकय स्वयं अपनहुँ दिन-दशा सुधार करब । संगहि दानशीलता देखबैत हुनका विशेष जरूरत केर समय सहयोग करबनि । यैह थिकैक वास्तव मे जीवन । हमर शुभकामना तेजू लेल आ अपनो सब लेल !!
हरिः हरः!!
