रसुवा बाढ़िक त्रासदी सँ सभक रक्षा हो
नेपाल-तिब्बत (चीन) सीमा पर अवस्थित रसुवा कस्टम्स प्वाइन्ट होइत ‘भोटेकोशी’ नदी मे आयल भीषण बाढ़ि – एकाएक खतरा स्तर सँ ऊपर केर – लगभग ७ मीटर उंचाइ स्तर केर – जेकरा अंग्रेजी मे ‘फ्लैश बाढ़ि’ कहल जाइछ, जाहि मे लोक केँ सोचइयो-विचार करबाक समय नहि बचि जाइत छैक – तेहेन खतरनाक बाढ़ि काल्हि भोरे लगभग ८ः४० सँ ९ः०० बजे भोरे प्रवेश कयलक । आर भीषण तबाही – जानमाल आ भौतिक संरचना सब केँ ध्वस्त करैत लगभग ४ः०० बजे सन्ध्या नेपाल-भारत सीमा मे त्रिशूली-नारायणी-गंडक होइत प्रवेश कयलक । साँझ ६ बजे पानिक बहाव केर स्तर सामान्य – अर्थात् खतराक सूचक स्तरांक सँ कम, ४ मीटर ऊँचाइ केर बहाव नोट कयल गेल ।
एहि फ्लैश बाढ़ि सँ जानमाल केर कतेक नुकसानी भेल, तेकर सही आकलन करब मोस्किल अछि । विभिन्न स्रोत सँ विभिन्न तथ्य सब प्राप्त भ’ रहल अछि, तेँ ई कहनाय दुर्लभ आ जल्दबाजी होयत कि एतेक-न-एतेक लोक आ जीव संग एतेक सम्पत्तिक नुकसान भेल अछि । तैयो एखन धरि ई संख्या सरकारक आंकड़ा अनुसार १०० सँ नीचाँ अछि, जखन कि ‘सम्पर्कविहीन’ अर्थात् खोजी कयल जायवला लोक जे सम्पर्क मे नहि आबि पेला अछि, हुनका सभक संख्या भिन्न-भिन्न पहाड़ी बाजार क्षेत्र आ नदीक किनार पर अवस्थित दु-बगली लोक मध्य सँ हरायल लोक केर संख्या लगभग एक हजार सँ उपर बुझाइत अछि । मुदा ई सब आकलन (अन्दाज) मात्र थिक ।
दूरदराजक लोक मे त्रास
ई समाचार दूरदराजक क्षेत्र मे सेहो भय केर माहौल बना देने अछि । हमरा लग कम सँ कम २० गोटे फोन-मैसेज कयलनि आ हालचाल पुछलनि ।
कहैत चली जे नेपालक मध्यभाग सँ बहयवाली नदी थिक ‘नारायणी’ जे भारत मे प्रवेशोपरान्त गंडक कहाइत अछि, जे बिहारक चम्पारण क्षेत्र सँ होइत शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर आदिक क्षेत्र केँ छुबैत गंगा मे मिलि जाइछ ।
बाढ़िक कारणक आकलन कि अछि ?
एहि फ्लैश बाढ़ि केर कारण अछि हिमताल केर विस्फोट । अर्थात् जखन पहाड़ी क्षेत्र मे दुइ पहाड़क बीच सँ नदीक मार्ग कोनो कारणे (भूकंप, भूस्खलन, आदि) सँ प्राकृतिक रूप सँ बन्हा जाइछ, त ओहि बान्हक कारण एकटा निश्चित भूभाग (हिमक्षेत्र वा पहाड़ी भूभाग सब मे) जलक ठहराव बनि जाइछ । एहि तरहें बड़का-बड़का झील व ताल सभक निर्माण भ’ जाइछ । पुनः दोबारा कहियो भूकंप, भूस्खलन आदिक कारण – अथवा मानवीय भूल केर कारण पहाड़ सब मे कोनो मानव-निर्मित भौतिक संरचना सभक कारण जे विस्फोट सब करायल जाइछ, ताहि सभक कारण ओ हिमताल फूटबाक सम्भावना बनैछ ।
काल्हि सेहो ८ः३७ नेपाली समय मे भूकंप आयल छल ओहि क्षेत्र मे । तदोपरान्त तिब्बती क्षेत्र मे अवस्थित कोनो हिमताल फुटल कहल जाइछ । आर एहि तरहें २ करोड़ क्यूसेक जल केर बहाव भेल । एतेक भारी मात्राक जल जाहि बाट सँ गुजरल, मानू सब किछु समेटने चलि गेल ।
क्षतिक आकलन चिन्तित करयवला अछि
जी, पहाड़ मे जीवन नदीक किनारे-किनारे सड़क निर्माण सम्भव हेबाक कारण बेस आबादी (जनसंख्या) वला होइत छैक । बाजार सेहो सड़क सँ सटले दु-बगली विकसित भेल देखाइत छैक । हालांकि आरो लोक सब पहाड़क विभिन्न सतह सब पर घर-मकान बनबैत आ बसैत छैक, मुदा मुख्य सड़क नदीक सहारे बनल छैक । एहि तरहक बाढ़ि जखन कतेको मीटर ऊँच तरंग सँ हुहुआइत-फुफुआइत अबैत छैक त लोक केँ भागइयो केर समय नहि भेटैत छैक । घर-मकान, पुल, सड़क आदि त बहिये टा जाइछ ।
याद करू बाबा केदारनाथ मे आयल ओ भीषण बाढ़ि केँ
२०१३ मे जे केदारनाथ महादेव मन्दिरक पछुऐत देने ओ विकराल बाढ़ि आयल छल, जेना-जेना नीचाँ सरकैत गेल, गंगा आदि नदी सब केँ बाढ़िक पानि सँ बाढ़ैत दु-बगली रहल नागरिक संरचना सब केँ ढाहैत-भसियाबैत आ सड़क मार्ग सँ चलि रहल हजारों-लाखों तीर्थयात्री सब केँ दहबैत-रोकैत बेतरतीब नुकसान कएने छल । हालांकि ताहि समय उत्तराखंड सरकार आ भारत सरकार द्वारा बाढ़ि जेहेन आपदा सँ निबटबाक लेल तत्क्षण कोशिश करैत लोकक जानमाल बचायल गेल छल ।
नेपाल सरकार तदारुकता सँ राहत कार्य मे लागल अछि
नेपालक वर्तमान सरकार आइ एकटा सर्वदलीय बैसार सेहो कयलक अछि । उपयुक्त हेल्पलाइन जारी कएने अछि । नेपाली सेना व सशस्त्र प्रहरी एवं अन्य सुरक्षा दस्ता सब परिचालित कयल गेल अछि । बिजली सुचारू करबाक लेल सेहो टीम कार्य कय रहल अछि । चेतावनी सूचना मात्र १५ मिनट पहिने भेटि गेला सँ काफी लोकक जान बचल समाचार सेहो पढ़लहुँ । जारी सूचना मुताबिक लगभग ६ लाख लोक केँ नेपाल टेलिकौम आ एनसेल मार्फत मोबाइल पर एसएमएस पठायल गेल छलैक । समय-समय पर एलर्ट – रिंगटोन आदिक मार्फत सूचना दैत लोकक जान-माल केर रक्षा भेलैक ।
भारत, चीन, अमेरिका, राष्ट्रसंघ आदि द्वारा राहत
नेपाल सरकार केँ भारत, चीन, आदि विभिन्न राष्ट्र सँ राहत पठेबाक कार्य सेहो आरम्भ भ’ गेल छैक । भारतीय एयरफोर्स काल्हिये सँ रेडी अवस्था मे छैक, एम्हर भारतीय राजदूतावास द्वारा लगभग १० टन राहत सामग्री काल्हिये हस्तान्तरित कय देल गेलैक । काल्हि लगभग ४९ टा राहत वितरण हवाई साधन (हेलिकौप्टर आदि) खटलैक । कतेको लोकक जान बचायल जेबाक सूचना अछि । कतेक घायल सब केँ काठमांडू स्थित विभिन्न अस्पताल मे इलाज करायल जा रहल छैक ।
जोखिम एखनहुँ बनले छैक
चीन द्वारा जारी एलर्ट अनुसार ओहि हिमताल सँ जल-रिसाव आंशिक मात्र भेल छैक एखन । आरो बहाव केर जोखिम बनले छैक । नेपाल सरकार संग काल्हि भेल सहमति मे मौसम सम्बन्धी सूचना आदान-प्रदान करबाक आ संगहि सीमा क्षेत्र मे चाइनीज पुलिस व अन्य राहत प्रबन्धन सब कयल जेबाक समाचार अछि । येन-केन-प्रकारेन फँसल जिबित लोक सभक उद्धार होइक, सब चाहि रहल अछि ।
आशा करैत छी जे एहि अपडेट सँ अपने सब आश्वस्त होयब । विराटनगर नेपालक पूर्वी क्षेत्र मे पड़ैत छैक, एम्हर ओहि जल-बहाव (बाढ़ि) केर प्रभाव नहि पड़बाक चाही ।
हरिः हरः!!
