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प्रवीण नारायण चौधरी

मिथिलाभाषा रामायण – उत्तरकाण्ड – छठम अध्यायः कुश-लव केर गीत रामक कान मे पड़ब…

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण उत्तरकाण्ड – छठम अध्याय कुश आ लव केर गीत रामक कान मे पड़ब, राम द्वारा हुनका दुनू गोटेक पहिचान करब, सीताक धरती मे प्रवेश, उदास राम केर आध्यात्म-चिन्तन मे लीन होयब तथा माता सब केँ उपदेश देब ।जयकरी छन्द। काज न करब एक अगुताय । ई मिथिलाभाषा रामायण – उत्तरकाण्ड – छठम अध्यायः कुश-लव केर गीत रामक कान मे पड़ब…

शाश्वत मिथिला भवनः लोकार्पण ९ मार्च २०२५ केँ

अहमदाबाद, १२ जनवरी २०२४ । मैथिली जिन्दाबाद!! वार्षिक महोत्सव मे भवन उद्घाटन संग विद्यापतिक मूर्त्ति अनावरण आ स्मारिका विमोचनक कार्यक्रम करबाक योजना महोत्सव मे साहित्यिक विमर्श, कवि सम्मेलन, कतेक जिबैए मैथिली तथा सांस्कृतिक सन्ध्याक संग स्वरुचि भोज केर समावेश भारतक पश्चिमी राज्य गुजरातक राजधानी अहमदाबाद – गान्धीनगरक डाभोरा गाम मे बनि रहल शाश्वत मिथिला भवन शाश्वत मिथिला भवनः लोकार्पण ९ मार्च २०२५ केँ

मिथिलापुत्र बी. के. कर्णा – मिथिला टु ग्लोब, ग्लोब टु मिथिला (साक्षात्कार)

साक्षात्कार विशिष्ट व्यक्तित्व परिचय आ साक्षात्कार – मैथिली जिन्दाबाद सम्पादक प्रवीण नारायण चौधरी संग बी. के. कर्णा जीक साक्षात्कार  दक्षिण भारतक एक तीव्र विकासशील राज्य तेलंगानाक राजधानी ‘हैदराबाद’ मे अपन मिथिलाक एक कर्मठ सपूत – नामः बी के कर्णा द्वारा विश्वस्तरीय पैकेजिंग क्लिनीक केर स्थापना कयल गेल अछि । एहेन संस्थान पूरे भारत मे विरले मिथिलापुत्र बी. के. कर्णा – मिथिला टु ग्लोब, ग्लोब टु मिथिला (साक्षात्कार)

मिथिलाभाषा रामायण – उत्तरकाण्ड – पाँचम अध्यायः सीताक विरह मे राम केर आध्यात्मिक चिन्तन व अन्य

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण उत्तरकाण्ड – पाँचम अध्याय सीताक विरह मे राम केर आध्यात्मिक चिन्तन, शत्रुघ्न द्वारा लवणासुर केर वध आ मथुरा मे राजधानी बनायब, कुश आ लव केर जन्म एवं शिक्षा-दीक्षा, राम केर अश्वमेध यज्ञ करब, गुरुक संग कुश-लव आगमन ।सोरठा। नहि अछि ककरो काज, राजकाज मन्त्री करथु ॥१॥ मिथिलाभाषा रामायण – उत्तरकाण्ड – पाँचम अध्यायः सीताक विरह मे राम केर आध्यात्मिक चिन्तन व अन्य

मंत्र साधनाक सहज स्वरूप आ महत्व पर प्रवीण प्रकाश

मंत्र शक्ति – साधना केना करी – प्रवीण नारायण चौधरी   बहुते लोक ई अनुभव कएने होयब जे कोनो शब्दक उच्चारण बेर-बेर करैत रहला सँ ओकर प्रभाव हमर-अहाँक मन-मस्तिष्क होइत आत्मा धरि पहुँचैत निश्चय परमात्मा धरि पहुँचि जाइछ । शब्दक निरन्तर उच्चारण सँ ओकर भाव केर सम्प्रेषण जहिना मन-मस्तिष्क आ आत्मा-परमात्मा धरि पहुँचैत अछि – मंत्र साधनाक सहज स्वरूप आ महत्व पर प्रवीण प्रकाश

बेसहारा माय-पिताक एकलौता बेटा भवेश केँ ताकय मे मदति करय जाउ – अपील

अपील – प्रवीण नारायण चौधरी भवेश – अहाँ जेतय छी, कृपया अपन माँ-बाबू सँ सम्पर्क करू !   दरभंगा जिलाक नदियामी (बड़कीगाछी टोल) निवासी श्री शिव झा – सम्प्रति रायपुर (छत्तीसगढ़) मे नौकरी करैत छथि, हुनक एकमात्र पुत्र श्री भवेश कुमार झा फरवरी २०२३ सँ सम्पर्कविहीन छन्हि । पुलिस इन्वेस्टिगेशन मे भवेशक मोबाइल भुवनेश्वर (उड़ीसा) बेसहारा माय-पिताक एकलौता बेटा भवेश केँ ताकय मे मदति करय जाउ – अपील

प्रेम, विवाह आ दाम्पत्य जीवन

लेख-विचार – प्रवीण नारायण चौधरी प्रेम, विवाह आ दाम्पत्य जीवन   कनी विचारू त !   आइ-काल्हि युवातुर केँ ‘प्रेम-विवाह’ प्रति बहुत पैघ झुकाव देखल जाइछ । युवातुर केँ प्रभावित-प्रेरित करयवला कतेको तरहक सामग्री (कन्टेन्ट्स) प्रेमक पैकेज मे ततबे आकर्षक रूप मे बाँटल जा रहल छैक जे ‘विवाह’ जेहेन अति संवेदनशील विषय संग एकर जुड़ाव प्रेम, विवाह आ दाम्पत्य जीवन

भैरवस्थान, भैरवनाथ आ बाबा बैद्यनाथधामक कमरथुआ यात्राक अद्भुत इतिहास

भैरवस्थान – मधुबनी   कहबी कहैछ जे एक बेर भैरवनाथ बाबा मिथिला भ्रमण मे आबि गेलाह आ ततबे पहुनाइ नीक लगलनि जे भोलेनाथ लग समय पर नहि घुरि सकलाह कैलाश ! तखन एक दिन स्वप्न मे देखलनि जे भोला बाबा रुष्ट भ’ गेल छथि समय पर नहि घुरबाक कारण । सपने मे हाथ-पैर जोड़लनि जे भैरवस्थान, भैरवनाथ आ बाबा बैद्यनाथधामक कमरथुआ यात्राक अद्भुत इतिहास

मिथिलाभाषा रामायण – उत्तरकाण्ड – चारिम अध्यायः रावण केर श्वेतद्वीप जायब आ पराजित हेबाक उपरान्त….

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण उत्तरकाण्ड – चारिम अध्याय रावण केर श्वेतद्वीप जायब आ पराजित भ’ रामक हाथे मरबाक कामना करब, शम्बूक केर वध, लोकापवाद केर पसरब आ सीता केँ वनवास, सीताक वाल्मीकिक आश्रम मे जायब ।चौपाइ। एक समय उन्मद लङ्केश । युद्धार्थी सञ्चर कत देश ॥१॥ नारद मुनि सौँ दरशन मिथिलाभाषा रामायण – उत्तरकाण्ड – चारिम अध्यायः रावण केर श्वेतद्वीप जायब आ पराजित हेबाक उपरान्त….

मिथिलाभाषा रामायण – उत्तरकाण्ड – तेसर अध्यायः बालि ओ सुग्रीवक जन्मक कथा, सनत्कुमार द्वारा रावण केँ उपदेश

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण उत्तरकाण्ड – तेसर अध्याय बालि ओ सुग्रीवक जन्मक कथा, सनत्कुमार द्वारा रावण केँ उपदेश ।चौपाइ। कह सानुज बालिक उतपत्ति । जनिका छल अति बल सम्पत्ति ॥१॥ रावण तनि तट तृणक समान । बालिक सदृश शूर के आन ॥२॥ राम-प्रश्न मुनि शुनल अगस्त्य । चरित कहय लगलाह मिथिलाभाषा रामायण – उत्तरकाण्ड – तेसर अध्यायः बालि ओ सुग्रीवक जन्मक कथा, सनत्कुमार द्वारा रावण केँ उपदेश