मिथिलाभाषा रामायण – बालकाण्ड – तेसर अध्यायः दशरथक पुत्रेष्टि यज्ञ और चारि पुत्रधनक प्राप्ति
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कवि चन्द्र विरचित मिथिला भाषा रामायण बालकाण्डः तेसर अध्याय दशरथ केर पुत्रेष्टि-यज्ञ आर चारि पुत्रधनक प्राप्ति ।चौपाइ। राजा दशरथ बड़ श्रीमान । सत्य-पराक्रम एहन न आन ॥१॥ पुरी-अयोध्याधिप अति वीर । सकल-लोक-विश्रुत रणधीर ॥२॥ पुत्र-हीन चिन्तातुर चित्त । गुरु-समीप-गत तकर निमित्त ॥३॥ कयल सविधि गुरु-चरण प्रणाम । कहलनि पुत्र-हीन धिक … मिथिलाभाषा रामायण – बालकाण्ड – तेसर अध्यायः दशरथक पुत्रेष्टि यज्ञ और चारि पुत्रधनक प्राप्ति






