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प्रवीण नारायण चौधरी

मिथिलाभाषा रामायणः अयोध्याकाण्ड आठम अध्याय – भरत द्वारा राज्य अस्वीकृति आ राम केँ घुरेबाक प्रयास

कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण अयोध्याकाण्ड – अध्याय आठम भरत द्वारा राज्य अस्वीकृति आ राम केँ घुरेबाक प्रयास ।चौपाइ। मुनि वसिष्ठ मंत्री-गण सहित । नृपतिक सभा गेला नृप-रहित ॥१॥ सुरपति-सभा समान विराज । अतिशय शोभित विबुध समाज ॥२॥ ब्रह्मा सन आसन-आसीन । धर्म्म-कर्म्म-रत धर्म्म-धुरीण ॥३॥ भरतहु काँ तत लेल बजाय । देश काल विधि कहल बुझाय मिथिलाभाषा रामायणः अयोध्याकाण्ड आठम अध्याय – भरत द्वारा राज्य अस्वीकृति आ राम केँ घुरेबाक प्रयास

मैथिली केँ नहि बन्हियौ आशा उषा आ निशा के दुपट्टा मे

फेसबुक पर मैथिली साहित्यकार केर एहि उक्ति पर ध्यान दियौक (संलग्न तस्वीर फेसबुक पोस्ट के स्क्रीन शौट पर देखू) – अपने थिकहुँ मैथिली भाषा-साहित्य प्रति सब दिन सक्रिय चिन्तन करनिहार आ यथायोग्य सृजनकर्म कयनिहार स्रष्टा लक्ष्मण झा सागर – हमर आदरणीय आ सम्माननीय श्रेष्ठ अग्रज। प्रणाम निवेदन संग किछु आर बात कहय चाहब – १. मैथिली केँ नहि बन्हियौ आशा उषा आ निशा के दुपट्टा मे

मोक्ष दुर्लभ नहि छैक जँ एतबे बात बुझि जाय तँ – भाग १

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी ज्ञान कर्म संन्यास योग (कर्म, अकर्म आ विकर्म केर निरुपण) – भाग १ (गीताक चारिम अध्याय पर आधारित स्वाध्याय आलेख) – प्रवीण नारायण चौधरी गीताक चारिम अध्याय केँ ‘ज्ञान कर्म संन्यास योग – कर्म, अकर्म आ विकर्म केर निरुपण’ शीर्षक मे विद्वान् लोकनि प्रस्तुत कयलनि अछि। विगत किछु समय सँ मोक्ष दुर्लभ नहि छैक जँ एतबे बात बुझि जाय तँ – भाग १

ज्ञानप्राप्तिक सर्वोत्कृष्ट मार्गः आत्मचिन्तन

ज्ञानप्राप्तिक सर्वोत्कृष्ट मार्ग – आत्मचिन्तन ब्रह्माण्ड रचयिता द्वारा पृथ्वीक रचना आ ताहि पर जीव रचना व प्रकृति परिकल्पनाक अद्भुत स्वरूप सँ भला के नहि परिचित होयब! अपन रचना पर निरन्तर चिन्तन सेहो करिते होयब। मायक कोखि सँ जन्म भेल, फल्लाँ हमर पिता भेलाह, फल्लाँ-फल्लाँ हमर सर-कुटुम्ब-परिजन-पुरजन भेलाह, आदि। ई सोचनाइये बहुत पैघ चिन्तन भेलय। आत्मचिन्तन ज्ञानप्राप्तिक सर्वोत्कृष्ट मार्गः आत्मचिन्तन

सत्याग्रह व्यक्ति विरूद्ध नहि प्रवृत्ति विरूद्ध होइत छैक

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी सत्याग्रह व्यक्ति विरूद्ध नहि प्रवृत्ति विरूद्ध होइत छैक भारत मे हालहि ९ जनवरी २०२४ केँ ‘प्रवासी दिवस’ मनायल गेल। ई ओ ऐतिहासिक तारीख थिक जहिया दक्षिण अफ्रीका सँ महात्मा गाँधी स्वदेश भारत वापस आयल छलाह। अपोलो बन्दरगाह, बम्बई (आब मुम्बई) पर भारतीय कांग्रेस के हजारों कार्यकर्ता हुनकर जोरदार स्वागत कएने सत्याग्रह व्यक्ति विरूद्ध नहि प्रवृत्ति विरूद्ध होइत छैक

चिन्ता नहि, चिन्तन करूः पठनीय-विचारनीय लेख

लेख – प्रवीण नारायण चौधरी चिन्तन करू – चिन्ता नहि करू चित्त मे जाहि बातक उच्चारण बेर-बेर होइत रहैछ, वैह सहज भाषा मे चिन्तन थिक। आ चित्त मे शंका-अविश्वासक चलते जे डर होइछ से चिन्ता छी। चिन्तन सदैव सुन्दर सोच-विचार आ सकारात्मकता प्रदान करैछ, तेँ सुख-शान्तिक घर छी। चिन्ता सदैव भय-दुविधा आ नकारात्मकता उत्पन्न करैछ, चिन्ता नहि, चिन्तन करूः पठनीय-विचारनीय लेख

पुरुषसुक्तः – सहस्रशीर्षा पुरुषः (अत्यन्त मननीय पाठ मैथिली-अंग्रेजी भावानुवाद सहित)

आजुक स्वाध्याय – सहस्रशीर्षा पुरुष पर मन्थन (पुरुषसुक्तम् – सहस्रशीर्षा पुरुषः – अत्यन्त रोचक आ बेर-बेर मननीय पाठ) (मूल स्रोतः ऋग्वेद, मंडल १०, सुक्त ९०) आइ भोरे-भोर माँ शारदाक दर्शन भेल। ओना त माता सरस्वतीक बीणा सदिखन बजिते रहैत अछि, तेँ हम सब विद्या-अविद्या बीच भेद करैत अपन कर्तव्य-कर्म उचित ढंग सँ कय पबैत छी, पुरुषसुक्तः – सहस्रशीर्षा पुरुषः (अत्यन्त मननीय पाठ मैथिली-अंग्रेजी भावानुवाद सहित)

मैथिली फिल्म ‘लेबर’ के तैयारी जोर पर

मैथिली फिल्म ‘लेबर’ – जबरदस्त तैयारी संग टीम निर्माण भ’ रहल अछि मैथिली फिल्म जगत सँ एकटा आर बड पैघ खुशखबरी अछि। कौलीवुड (काठमांडू) सँ फिल्म निर्देशक पूर्णेन्दु के. झा द्वारा ‘लेबर’ सिनेमाक आधारभूत तैयारी लगभग पूरा कय लेल जेबाक जनतब भेटल अछि। बहुत जल्द पात्र चयन लेल अडिसन आ सूटिंग सब आरम्भ होयत। तदनुसार मैथिली फिल्म ‘लेबर’ के तैयारी जोर पर

प्रिया मल्लिक – चर्चित मैथिली गायिका

पोस्ट साभार फेसबुकः श्री अनूप नारायण सिंह जीक वाल सँ (हिन्दी सँ मैथिली मे रूपान्तरित – प्रवीण नारायण चौधरी) #मिलिए_पटना_की_फुलझड़ी_प्रिया_मल्लिक_से – मूल शीर्षक मे प्रकाशित ई लेख अत्यन्त आकर्षक आ गर्वबोध करबयवला लागल, तेँ साभार फेसबुक एकर मैथिली रूपान्तरण एतय राखि रहल छी। खनक आ मखमली आवाज केर मल्लिका प्रिया मल्लिक आइ के तारीख मे प्रिया मल्लिक – चर्चित मैथिली गायिका

किछु गूढ़ चिन्तन (कर्मयोग – गीताक तेसर अध्याय)

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी किछु गूढ़ चिन्तन (कर्मयोग – गीताक तेसर अध्याय)   गीताक तेसर अध्याय मे भगवान् कृष्ण मनुष्य द्वारा कर्म केना-केना कयल जाइछ, ताहि पर विशद चर्चा कएने छथि। आइ हम बड़ा संछेप मे एहि अध्यायक समग्रता पर चर्चा करैत किछु बात राखय चाहैत छी –   अध्याय २ मे भगवान् कृष्ण किछु गूढ़ चिन्तन (कर्मयोग – गीताक तेसर अध्याय)