मिथिलाभाषा रामायणः अरण्यकाण्ड तेसर अध्याय – रामजीक अगस्त्य मुनिक आश्रम पर पहुँचब
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी मिथिलाभाषा रामायण – अरण्यकाण्ड तेसर अध्याय रामजीक अगस्त्य मुनिक आश्रम पर पहुँचब ।चौपाइ। मुनि सभकाँ जानल व्यवहार । सत – स्वागत फलमूलाहार ॥१॥ प्रभु एक दिन तहि थल रहलाह । प्रात भेल कहि कहि चललाह ॥२॥ मुनि अगस्ति – मण्डली प्रवेश । सभ ऋतु फल फुल लागल बेश ॥३॥ मृग … मिथिलाभाषा रामायणः अरण्यकाण्ड तेसर अध्याय – रामजीक अगस्त्य मुनिक आश्रम पर पहुँचब







