स्वाभिमान आ अभिमान मे कि अन्तर होइछ
विचार – प्रवीण नारायण चौधरी स्वाभिमानक अर्थ भेल अपन गरिमा – अपन स्वत्व (प्रतिष्ठा) प्रति साकांक्ष होयब । एहि मे दोसर हमरा मान दियए तेकर अपेक्षा नहि छैक । बल्कि अपन मान केर रक्षा हो से सतर्कता छैक । ‘हमरा कियो मान दियए तेकर हमरा कोनो आवश्यकता नहि अछि, मुदा हमर कियो अपमान नहि करय … स्वाभिमान आ अभिमान मे कि अन्तर होइछ




