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प्रवीण नारायण चौधरी

गोपाल मोहन मिश्र केर दुइ गोट लघुकथा

*एक निश्चय-ठोस परिणाम* एक लड़का एक दिन बहुत धनी आदमी के देखलक। ओहि धनी आदमीक ठाठ-बाठ  देखि कs लड़का के दिमाग में आयल कि वाह ! ज़िंदगी एहने हेबाक चाही आ फेर ओ सोचि लेलक कि आब   ओकरो धनवान बनबाक अछि। ओ कतेक दिन तक एकरा बारे में सोचलक आ फेर एकटा बिजनेस शुरू गोपाल मोहन मिश्र केर दुइ गोट लघुकथा

घर फूटे गँवार लूटे – मैथिलीक दुर्दशाक जिम्मेदार स्वयं मैथिलीभाषी

विचार – गौरी शंकर झा कहबी अछि “घर फुटय गमार लूटैय”। से  चरितार्थ  भेल।  हमर  मनतब  मंत्रीजीक  कथन  असंतोषजनक थिक किन्तु अनर्गल नहिं थिक। कियैक त ओ जैह देखथिन किंवा  सुनथिन सैह  तँ  बजथिन ।  अकाट्य सत्यकेॅं   कोनो    प्रमाणक आवश्यकता नहिं थिक। हमरालोनिमे आत्मतत्वक व्यवहारिक ज्ञान रहितो, आत्मविश्लेषणक घोर  आभाव  थिक। प्रपंचक  व्यंजनामे  दिन-राति  एक-दोसराक  घर फूटे गँवार लूटे – मैथिलीक दुर्दशाक जिम्मेदार स्वयं मैथिलीभाषी

ई मंत्रीक गलती नहि बल्कि नीतिगत त्रुटि थिक – मैथिली संग विभेद आ शत्रुता थिक

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी भारत सरकार के शिक्षा राज्यमंत्री डा. सुभाष सरकार द्वारा दरभंगाक सांसद गोपाल जी ठाकुर द्वारा पुछल गेल प्रश्न जे सीटीईटी परीक्षा मे अन्य २० भाषाक संग मैथिली मे सेहो परीक्षा कियैक नहि आयोजित होइत अछि, एकर लिखित जवाब मे स्पष्टतः ई बात लिखल गेल अछि जे मैथिली हिन्दीक उप भाषा ई मंत्रीक गलती नहि बल्कि नीतिगत त्रुटि थिक – मैथिली संग विभेद आ शत्रुता थिक

सीटीईटी परीक्षा मे मैथिली कियैक नहि – मंत्रीक जवाब पर विवादक समग्र व्याख्या

१० फरवरी २०२२, मैथिली जिन्दाबाद!! मंत्री दोखी कि हम मैथिली भाषाभाषी? भारत के संविधान में कुल 22 गोट भाषा केँ मान्यता देल गेल छैक। एहि 22 भाषा केँ संविधान के अष्टम अनुसूची में सूचीकृत कयल गेल छैक। सौभाग्य सँ मैथिली सेहो 2003 में 92म संशोधन द्वारा संविधान के अष्टम अनुसूची में जोड़ल गेलैक। मुदा जाहि सीटीईटी परीक्षा मे मैथिली कियैक नहि – मंत्रीक जवाब पर विवादक समग्र व्याख्या

मिथिला लोकदेवः खेदन महाराज

मिथिला लोकदेवः खेदन महाराज ११म शताब्दी मे मधेपुरा सँ लगभग १० किलोमीटर पूरब-दक्षिण सुखासन गामवासी एक लोकदेव भेलाह “खेदन महाराज”। शिवदत्त मंडल केर धर्मपत्नी धनावती देवीक कोखि सँ हिनक जन्म भेल छलन्हि। ई एक कीर्तिमूर्धन्य जीवन आ लोककल्याणकारी मृत्यु केँ अवगाहन कयनिहार महान लोक के रूप मे आइ धरि सुपरिचित छथि। आवेश-विग्रह (भगताय विधि सँ मिथिला लोकदेवः खेदन महाराज

मिथिला मे लोकदेवक उत्पत्ति गाथा

मिथिला मे लोकदेवक उत्पत्ति – प्रवीण नारायण चौधरी अपन मिथिला मे वीर पुरुष व स्त्री सभक जन्म होइत रहलनि अछि जे अपन अनेकों प्रभाव-प्रेरणा सँ लोककल्याण निमित्त योगदान दैत रहल छथि, तिनका लोकदेव कहल जाइत छन्हि आ हुनका प्रसन्न करय वास्ते अनेकों तरहक लोकविधान सँ पूजा-वन्दना सेहो कयल जाइत छन्हि। ई लोकदेवक उत्पत्ति विपरीत परिस्थिति मिथिला मे लोकदेवक उत्पत्ति गाथा

गांव गांव लोकल प्रोडक्ट्स इस्तेमाल कियै आवश्यक छैक ?

विचार – मैथिल जीन्स के निर्माता श्री केशव मिश्र मैथिल गांव गांव लोकल प्रोडक्ट्स इस्तेमाल कियै आवश्यक छैक ? आबै वला समय में बड़का बड़का विदेशी कंपनी अहांक मिथिला के नोटिस क रहल अछि। अहांक पास लोकल ब्रांड के गुच्छा रहनाय आवश्यक अछि अन्यथा ओ लगभग सभ चीज पर जबरदस्त प्रहार करत और ओकरा पास गांव गांव लोकल प्रोडक्ट्स इस्तेमाल कियै आवश्यक छैक ?

जानकी मन्दिर जनकपुर केँ विश्व सम्पदा सूची में सूचीबद्ध करबाक मांग कयलथि मधेशी आयोग प्रमुख

काठमांडू, 6 फरवरी 2022 । मैथिली जिन्दाबाद!! जानकी मन्दिर कें विश्व सम्पदा सूचीमे सूचीकृत करबाक हेतु एवम् अन्य सांस्कृतिक स्थलसभक व्यवस्थापन करबाक हेतु संस्कृति मन्त्रीकें मधेशी आयोग अध्यक्षक पत्र सौंपल गेल अछि।   मधेशी आयोगक अध्यक्ष डा.विजयकुमार दत्त आजुक दिन संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मन्त्री प्रेम आले कें जानकी मन्दिर कें विश्व सम्पदा सूचीमे जानकी मन्दिर जनकपुर केँ विश्व सम्पदा सूची में सूचीबद्ध करबाक मांग कयलथि मधेशी आयोग प्रमुख

मैथिल समाज नेपाल काठमांडू में कतय हेरायल अछि

नेपाल मैथिल समाज काठमांडू कतय अछि? मिथिला के सीमा पर पुरातत्व विभाग नेपाल के तकनीकी अन्वेषक (अभियन्ता) आ मैथिली भाषा संग मिथिला राज्य के सुपरिचित समर्थक श्री गोपाल झा संग चर्चा कय रहल छलहुँ। पता चलल जे पश्चिम में गण्डकी नदी हाल समय मे परसा जिला सँ 100 किमी पश्चिम दिशा सँ बहि रहल अछि। मैथिल समाज नेपाल काठमांडू में कतय हेरायल अछि

बाबाधाम यात्राक इतिहास किछु खास प्रसंग सँ

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी फोटो सहित परिचय – समूह केर नियम   दहेज मुक्त मिथिलाक समस्त सदस्यगण केँ कहल जाइत छन्हि जे सब कियो अपन-अपन परिचय फोटो सहित समूह पर जरूर राखू। आर समय-समय पर एकर औचित्य पर हम लिखैत आबि रहल छी, फेर लिखि रहल छीः   फोटो सहित परिचय केर अर्थ भेल बाबाधाम यात्राक इतिहास किछु खास प्रसंग सँ