रामचरितमानस मोतीः मानस केर रूप आर माहात्म्य
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती १३. मानस केर रूप और माहात्म्य ई रामचरितमानस जेहेन अछि, जाहि प्रकारे बनल अछि और जाहि हेतु सँ जग भरि मे एकर प्रचार भेल, ओ सब कथा हम (तुलसीदास) श्री उमा-महेश्वर केँ स्मरण कय केँ कहैत छी। श्री शिवजीक कृपा सँ हुनकहि हृदय मे सुन्दर बुद्धि केर … रामचरितमानस मोतीः मानस केर रूप आर माहात्म्य




