रामचरितमानस मोतीः सीता स्वयंवर व परशुराम क्रोध
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती जयमाला पहिरेनाय, परशुरामक आगमन व क्रोध पैछला अध्याय मे श्री रामजी द्वारा शिवधनुष केँ क्षणहि मे भंग करबाक प्रकरण पढ़लहुँ। सभक प्रसन्नताक सीमा नहि रहबाक बात हमहुँ-अहाँ बुझि सकैत छी, जतय कियो घुसकइयो नहि सकल रहय आ जनक उदास भ’ गेल रहथि… ताहि ठाम जानकी जीक व्याकुलता केँ … रामचरितमानस मोतीः सीता स्वयंवर व परशुराम क्रोध




