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प्रवीण नारायण चौधरी

रामचरितमानस मोतीः सीता स्वयंवर व परशुराम क्रोध

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती जयमाला पहिरेनाय, परशुरामक आगमन व क्रोध पैछला अध्याय मे श्री रामजी द्वारा शिवधनुष केँ क्षणहि मे भंग करबाक प्रकरण पढ़लहुँ। सभक प्रसन्नताक सीमा नहि रहबाक बात हमहुँ-अहाँ बुझि सकैत छी, जतय कियो घुसकइयो नहि सकल रहय आ जनक उदास भ’ गेल रहथि… ताहि ठाम जानकी जीक व्याकुलता केँ रामचरितमानस मोतीः सीता स्वयंवर व परशुराम क्रोध

रामचरितमानस मोतीः धनुष-भंग प्रसंग

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती धनुषभंग १. श्री रामजी सभक दिश तकलनि आर सब केँ चित्र मे अंकित समान बुझैत कृपाधाम श्री रामजी सीताजी दिश देखलनि आर हुनका बेसी व्याकुल बुझि अत्यन्त विकल भेल सेहो बुझलनि। हुनकर एक-एक क्षण कल्प समान बीति रहल छल। *यदि प्यासा आदमी पानि बिना शरीर छोड़ि दियए त रामचरितमानस मोतीः धनुष-भंग प्रसंग

नहि रहलाह बटुक भाइ: रेडियो संसार के बेताज बादशाह केँ श्रद्धांजलि

16 सितम्बर 2022, मैथिली जिन्दाबाद!! साभार: सतीरमण झा, उजान, दरभंगा। नहि रहलाह छत्रानन्द सिंह झा, आकाशवाणी पटनाक ‘बटुकभाइ ‘ । आइ 1-30 मध्याह्न पटना स्थित पाटलिपुत्रा काॅलोनीक न्यू रोड नम्बर तीन, वसुंधरा अपार्टमेंट, 222 (पाटलीपुत्र गेस्ट हाउस लग)मे 77 वर्षक आयु मे अन्तिम श्वास छोड़ि देल । ज्ञातव्य जे छत्रानन्द सिंह झा प्रसिद्ध बटुकभाइ क नहि रहलाह बटुक भाइ: रेडियो संसार के बेताज बादशाह केँ श्रद्धांजलि

प्रदेश-१ नेपाल मे मैथिली आ लिम्बू भाषा बनत सरकारी कामकाज के भाषा

प्रदेश-१ नेपाल मे मैथिली आ लिम्बू भाषा बनत सरकारी कामकाज के भाषा विराटनगर, १५ सितम्बर 2022 । प्रदेश-१ सरकार के पर्यटन तथा संस्कृति मंत्रालय द्वारा गठित ९ सदस्यीय मस्यौदा सुझाव कार्यदल अन्तर्गत मैथिली भाषाभाषी सरोकार वाला संघ-संस्था केर प्रमुख व्यक्तित्व सभक बैसार आइ मंत्रालय मे सम्पन्न भेल अछि। एकर अध्यक्षता कार्यदल सदस्य एवं मैथिली सेवा प्रदेश-१ नेपाल मे मैथिली आ लिम्बू भाषा बनत सरकारी कामकाज के भाषा

रामचरितमानस मोतीः लक्ष्मणजीक क्रोध आ श्री रामजीक धनुष तोड़बाक तैयारी

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री लक्ष्मणजीक क्रोध जनकजीक वचन सुनिकय चारूकात चुप्पी पसैर गेल अछि लेकिन ओतय मौजूद रघुवंशी राजकुमार आ ऋषि-मुनि लोकनि सहित सीताजी, रानी आ अन्य लोक सभक कि स्थिति अछि तेकर वर्णन तुलसीदासजी सन चतुर कविक दृष्टि सँ देखू – १. जनकक वचन सुनिकय सब स्त्री-पुरुष जानकीजी दिशि देखिकय रामचरितमानस मोतीः लक्ष्मणजीक क्रोध आ श्री रामजीक धनुष तोड़बाक तैयारी

रामचरितमानस मोतीः राजा लोकनि सँ धनुष नहि टरब आ राजा जनकक आक्रोश

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती मंगलगान कयनिहार ‘भाट’ द्वारा जनकप्रतिज्ञाक घोषणा आ राजा लोकनि सँ धनुष नहि उठब, जनक केर निराशाजनक वाणी धनुष यज्ञशाला मे सीता जीक प्रवेश उपरान्तः १. राजा जनक भाट लोकनि केँ बजौलनि। ओ सब वंश केर कीर्ति (विरुदावली) गबिते आबि गेलाह। राजा कहलखिन – जाय केँ हमर प्रण सब रामचरितमानस मोतीः राजा लोकनि सँ धनुष नहि टरब आ राजा जनकक आक्रोश

रामचरितमानस मोतीः श्री सीताजी केर धनुष यज्ञशाला मे प्रवेश

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री सीताजी केर धनुष यज्ञशाला मे प्रवेश सुअवसर जानि जनकजी सीताजी केँ बजेबाक लेल आदेश देलनि। सब चतुर आ सुन्दर सखी लोकनि हुनका आरदपूर्वक आनय लेल विदाह भेलीह। १. रूप आ गुण केर खान जगज्जननी जानकी जीक शोभाक वर्णन नहि कयल जा सकैछ। हुनका लेल कवि तुलसीदासजी केँ रामचरितमानस मोतीः श्री सीताजी केर धनुष यज्ञशाला मे प्रवेश

रामचरितमानस मोतीः श्री राम-लक्ष्मण संग विश्वामित्र जीक धनुष यज्ञशाला मे प्रवेश

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री राम-लक्ष्मण संग विश्वामित्र जीक धनुष यज्ञशाला मे प्रवेश गुरुजी कहि रहल छथि जे हे राम – हे लक्ष्मण, चलू! जनकजी के बोलाहट आबि गेल अछि। आगू – चलिकय सीताजीक स्वयंवर केँ देखबाक चाही। देखी जे ईश्वर किनका बड़ाई दैत छथि। १. लक्ष्मणजी कहलखिन – हे नाथ! जिनका रामचरितमानस मोतीः श्री राम-लक्ष्मण संग विश्वामित्र जीक धनुष यज्ञशाला मे प्रवेश

केहेन रहल जितिया पर्व समारोह २०७९ः विराटनगर सँ रचल इतिहास पर संछिप्त प्रतिवेदन

विराटनगर, ११ सितम्बर २०२२ । मैथिली जिन्दाबाद!! – प्रवीण नारायण चौधरी जितिया पर्व समारोह २०७९ भव्यता सँ सम्पन्न ११म आयोजन केँ ऐतिहासिक महत्वक सिद्ध कयलनि नेपालक पूर्व प्रधानमंत्री के पी ओली प्रमुख आतिथ्य प्रदान कय केँ। सन्तान के दीर्घायु संग सुख-समृद्धि वास्ते माता सब जे कठोर व्रत साधना करैत छथि तथा ई पाबनि मनेबाक परम्परा केहेन रहल जितिया पर्व समारोह २०७९ः विराटनगर सँ रचल इतिहास पर संछिप्त प्रतिवेदन

जितिया पाबनि आ नव परम्परा मे जितिया पाबनि महोत्सव

जितिया पर्व महोत्सव विराटनगर मे काल्हि आयोजित होयत महेन्द्र मोरंग कैम्पस के हाता मे सब साल जेकाँ अहु बेर वृहत् स्तर पर जितिया पर्व महोत्सव केर आयोजन ‘अपन विराटगढ़ परोपकार समाज’ एवं सामाजिक नेतृ वसुन्धरा झाक अगुवाई मे कयल जायत। एहि बेर नेपालक पूर्व प्रधानमंत्री श्री के पी ओली एहि महोत्सवक मुख्य अतिथि हेताह। जन-जन जितिया पाबनि आ नव परम्परा मे जितिया पाबनि महोत्सव