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प्रवीण नारायण चौधरी

सद्गृहस्थ सन्त जगन्नाथ चौधरी पुण्य स्मृति समारोह सुल्तानपुर मे सम्पन्न

25 अप्रैल 2023 । मैथिली जिन्दाबाद!! रिपोर्ट साभार: दीप नारायण विद्यार्थी सुलतानपुर गाममे मनाओल गेल सद्गृहस्थ सन्त जगन्नाथ चौधरी पुण्य-पर्व समारोह काल्हि 24 अप्रैल 2023केँ कुशेश्वरस्थानक सुलतानपुर गाममे सद्गृहस्थ सन्त जगन्नाथ चौधरीक पुण्य-पर्व समारोहक आयोजन आइ जय-राम शोध संस्थान, सुलतानपुर द्वारा आयोजित भेल। एहि सारस्वत समारोहमे लब्धप्रतिष्ठ विद्वान् सभक जुटान भेल। जय-राम शोध संस्थान, सुलतानपुर सद्गृहस्थ सन्त जगन्नाथ चौधरी पुण्य स्मृति समारोह सुल्तानपुर मे सम्पन्न

रामचरितमानस मोतीः राम-भरत संवाद, पादुका प्रदानक संग भरतजीक बिदाइ

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री राम-भरत-संवाद, पादुका प्रदान, भरतजीक बिदाइ १. ऐगला (छठम्) दिन भोरे स्नान कयकेँ भरतजी, ब्राह्मण समाज, राजा जनक और अन्य समस्त समाज आबि जुटलथि। आइ सबकेँ विदा करबाक लेल नीक दिन अछि, ई मोन मे जानि कृपालु श्री रामजी कहय मे सकुचा रहल छथि। श्री रामचन्द्रजी गुरु वशिष्ठजी, रामचरितमानस मोतीः राम-भरत संवाद, पादुका प्रदानक संग भरतजीक बिदाइ

पिंकी के ओ लभ लेटर मन्टू के नाम – मैरी झाक कलम सँ

प्रेम पत्र – मिथिला मे केहेन प्रेम होइत छैक तेकर जीवन्त चित्रण – मैरी झा हमर जानेमन मंटू, अहाँ के चिठ्ठी आय भेटल . जखन स पढ़लौ हमर #लभलाइटिस बैढ़ गेल…। बोरसी में आयग जकाँ आय हमर दिल सुनैग रहल अईछ।… कते बेर दिल बना क अहाँ के नाम लिखू… कतेक बेर ओई पर तीर पिंकी के ओ लभ लेटर मन्टू के नाम – मैरी झाक कलम सँ

हम आबि रहल छी – मैथिली धारावाहिक भाग ५ एवं ६

उपन्यास पर आधारित मैथिली धारावाहिक  उपन्यासकारः रबीन्द्र नारायण मिश्र हम आबि रहल छी- भाग 5 5 दुपहरिआमे  डेराक घंटी बाजल । हम औंघाइत रही । अकचका गेलहुँ । जाबे उठी-उठी ताबे तँ तरातर-तरातर कैकबेर घंटी बाजि गेल । “खोलि रहल छी ।” हम ससरि कए केबार लग जाइत छी । केबार खोलबाक प्रयास करैत छी हम आबि रहल छी – मैथिली धारावाहिक भाग ५ एवं ६

बुद्धिनाथ मिश्रक लिखल पोथी भेटल ‘पुरना सतघरवा मे बैसल’ – प्रदीप बिहारी

साहित्य चर्चा – प्रदीप बिहारी (साभार फेसबुक पोस्ट) पोथी भेटलः पुरना सतघरवा मे बैसल मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल 2023, मुम्बई मे भेंट भेल छलाह हिंदी-मैथिली गीतक आइकन बुद्धिनाथ मिश्र। “पुरना सतघरवा मे बैसल” नव-गीत संग्रह सनेस मे देलनि। ओना छन्द-भास-मात्रा विधानक बेसी ज्ञान हमरा नहि अछि, जेहो किछु बूझै छी से बहुत आरंभिक स्तरक। गद्य लिखैत बुद्धिनाथ मिश्रक लिखल पोथी भेटल ‘पुरना सतघरवा मे बैसल’ – प्रदीप बिहारी

शकुन्तला-भुवनेश्वरी मैथिली-संस्कृत संवर्धन न्यास द्वारा २ मैथिली साहित्यकार केँ पुरस्कार

२३ अप्रैल २०२३ । मैथिली जिन्दाबाद!! ‘मैथिली साहित्य मंच’ हैदराबादक संस्थापक तथा मैथिली भाषा-साहित्य ओ समाज प्रति निरन्तर सेवा पहुँचेनिहार चन्द्र मोहन कर्ण हर्षक संग मैथिली साहित्य-प्रेमी लोकनि केँ सूचित कयलनि अछि जे ‘शकुन्तला-भुवनेश्वरी मैथिली-संस्कृत संवर्धन न्यास’ हैदराबाद द्वारा २०२३ के पुरस्कार मैथिली साहित्यक दुइ गोट मूर्धन्य विद्वान डॉ. सुभाष चन्द्र यादव (सुपौल) आ श्री शकुन्तला-भुवनेश्वरी मैथिली-संस्कृत संवर्धन न्यास द्वारा २ मैथिली साहित्यकार केँ पुरस्कार

मैथिली धारावाहिकः हम आबि रहल छी (भाग ३ एवं ४)

मैथिली उपन्यास पर आधारित धारावाहिक “हम आबि रहल छी” – रबीन्द्र नारायण मिश्र भाग २ एतय पढ़ू – https://maithilijindabaad.com/?p=20190 भाग ३ एवं भाग ४ हम आबि रहल छी (समाजमे बूढ़क दुखद स्थितिक जीवन्त चित्रण करैत उपन्यास) 3 आइ दू दिन भए गेल । शंकर वापस नहि अएलाह । हम असगरे फ्लैटमे हुनकर प्रतीक्षा कए रहल मैथिली धारावाहिकः हम आबि रहल छी (भाग ३ एवं ४)

मिथिलाक यात्राः रिंकू झा अपन छुट्टी मे कतय-कतय घुमलीह

यात्रा संस्मरणः मिथिलाक यात्रा – रिंकू झा, ग्रेटर नोएडा मनुष्य सामाजिक प्राणी होइछ जेकरा भिन्न-भिन्न‌‌‌ स्थानक भ्रमण केनाइ आर ओहि ठामक कला-संस्कृति सभक बारे मे जानकारी प्राप्त केनाइ बहुत नीक लगैत छैक। ठीक ओहि तरहें हमरो यात्रा केनाइ बहुत पसंद अछि, आर कोशिश करैत छी कि बच्चा सब केँ जखन गर्मी छुट्टी होइ तऽ ओहि मिथिलाक यात्राः रिंकू झा अपन छुट्टी मे कतय-कतय घुमलीह

रामचरितमानस मोतीः भरतजी द्वारा तीर्थजल स्थापन संग चित्रकूट वन भ्रमण

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती भरतजीक तीर्थजल केर स्थापन तथा चित्रकूट भ्रमण १. (श्री रामचन्द्रजीक आज्ञा भेलाक बाद) अत्रिजी भरतजी सँ कहलखिन – एहि पहाड़क कात मे एकटा सुन्दर इनार अछि। अहाँ ई पवित्र, अनुपम आ अमृत जेहेन तीर्थजल केँ ओहि मे स्थापित कय देल जाउ। २. भरतजी अत्रिमुनिक आज्ञा पाबि जल केर रामचरितमानस मोतीः भरतजी द्वारा तीर्थजल स्थापन संग चित्रकूट वन भ्रमण

भोज-भात सँ आगुओ हमर समाजक समृद्ध लोकक किछु कर्तव्य बनैत अछि

श्रेष्ठ आचरण ओ उदाहरणक अनुकरण सँ पाछू पड़ल समाज आगू बढ़ैत अछि। – ई उक्ति गीता मे श्रीकृष्णक सुन्दर कथन पर आधारित अछि। सन्दर्भ राखय चाहब आजुक ‘बब्बर सिंह देव कुमारी थापा सेवा गुठी’ द्वारा प्रत्येक वर्ष देल जायवला दुइ गोट महत्वपूर्ण साहित्यिक सेवा पुरस्कार पर। आइ मैथिलीभाषी समाज केँ एकर अनुकरण लेल हम ई भोज-भात सँ आगुओ हमर समाजक समृद्ध लोकक किछु कर्तव्य बनैत अछि