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प्रवीण नारायण चौधरी

स्त्री विमर्शः महिले महिलाक दुश्मन

लेख – संगीता मिश्र स्त्री विमर्शः महिले महिलाक दुश्मन (महिला सच मे दोसर महिलाक दोस्त होइत छथि आ कि दुश्मन? हमर कटु अनुभव) आइ जतेक टूटल-बिखड़ल परिवार देखाइत अछि तेकर जड़ि मे महिलाक भूमिका रहिते टा छैक। आ सब सँ दुखद बात ई जे बेसी केस मे कोनो महिले दोसर महिलाक हक-अधिकार आ इच्छा-मनोरथ विपरीत स्त्री विमर्शः महिले महिलाक दुश्मन

विवाहेतर सम्बन्ध – दाम्पत्य जीवन लेल जहर (स्त्री दृष्टिकोण)

दृष्टि-विचार (लेख) – संगीता मिश्र विवाहेतर सम्बन्ध – दाम्पत्य जीवन लेल जहर (स्त्री दृष्टिकोण) विवाह ओ थिक जे स्त्री-पुरुष दुनू केँ बंधन मे बान्हि एकजुट करैत अछि । एहि बंधन केँ “विवाह” कहल जाइत छैक आ एकर बादक जीवन केँ वैवाहिक जीवन कहल जाइत छैक । दंपति माने स्त्री-पुरुषक जोड़ी, जे धार्मिक, पारिवारिक, सामाजिक, नैतिक, विवाहेतर सम्बन्ध – दाम्पत्य जीवन लेल जहर (स्त्री दृष्टिकोण)

दुष्चरित्र मानवक सन्तान सभक संघर्ष आ जीवन

लेख – संगीता मिश्र दुष्चरित्र मानवक सन्तान सभक संघर्ष आ जीवन एकटा बच्चा लेल माता-पिता दुनिया के सबसे अनमोल रत्न होयत अछि, हुनक प्रेम आ आशीर्वादक बिना संसार मे किछु संभव नहि अछि । बच्चाक लेल पहिल आ सब सँ पैघ आदर्श ओकर माता-पिता अछि जिनका सँ जीवन मे बहुत किछु सिखैत छथि। बच्चाक उचित दुष्चरित्र मानवक सन्तान सभक संघर्ष आ जीवन

टुटैत परिवार और समाजक भूमिका

लेख – संगीता मिश्र टुटैत परिवार और समाजक भूमिका प्रत्येक मनुष्य लेल अनुशासन आ सामाजिक मान-सम्मान लेल बनल नियम-कायदा पालन करब आवश्यक छैक। स्त्री लेल समाज बेसी बन्धन आ लाज-पर्दा आदिक विधान बनेने अछि। लेकिन समाज पर गोटेक सवाल अपनहि बनायल नियम के विपरीत जेबाक आरोप सेहो लगैत छैक। अपन जीवनक कठिन संघर्षपूर्ण दिन मे टुटैत परिवार और समाजक भूमिका

विपत्ति मे सिवाये भगवान् दोसर के?

लेख – संगीता मिश्र विपत्ति मे सिवाये भगवान् दोसर के? प्रत्येक मनुष्य के जीवन मे कोनो तरहक आपदा-विपदा पड़ि जाइत छैक, ओकर पीड़ा मे असगरे ओ तड़पैत आ छटपटाइत रहैत अछि, समाधान के बाट तक नहि सुझाइत रहैत छैक, एहेन दुरावस्था मे कियो संग देनिहार विरले अभरि पबैत छैक…. हमर अनुभव एहने कड़ू आ तीत विपत्ति मे सिवाये भगवान् दोसर के?

महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगारः कमजोर नारी व पति-पीड़िता लेल परमावश्यक

लेख – संगीता मिश्र महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगारः कमजोर नारी व पति-पीड़िता लेल परमावश्यक लेखन कार्य हमरा लेल नव शक्ति बनि रहल अछि। वास्तव मे मोनक बात लिखब हमरा एकटा नया व्यक्तित्व प्रदान कय रहल अछि से अनुभव कयलहुँ एहि बीच मे। लगातार अपन जीवनक पीड़ा आ कटु अनुभव सब राखि पाठक सब केँ बहुत महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगारः कमजोर नारी व पति-पीड़िता लेल परमावश्यक

गठन होयत मिथिलावादी संयुक्त मोर्चा आ ओ लड़त आम चुनाव मिथिला मे

काल्हिक मिथिला यात्रा – प्रवीण नारायण चौधरी (सन्दर्भ ८ जुलाई २०२३ केँ कयल गेल एक दिवसीय मिथिला यात्रा वृत्तान्त) बहुत दिनक बाद काल्हि ८ जुलाई १ दिवसीय मिथिला यात्रा पर गेल रही। मैडम क्यूरी के ओ पंक्ति हमरा बहुत प्रभावित कएने छल जाहि मे ओ अपन पिता केँ चिठ्ठी मार्फत कहने रहथि कि जीवन बड गठन होयत मिथिलावादी संयुक्त मोर्चा आ ओ लड़त आम चुनाव मिथिला मे

जनक संग सपना मे भेंट आ वार्ता (नाटकीय कथा)

स्वर्गलोक मे जनक संग भेंट – प्रवीण नारायण चौधरी राति सपना देखलहुँ। स्वर्गलोक मे मिथिलाक राजा जनकजीक दरबार के दृश्य सोझाँ छल। राजा जनक अपन गद्दी पर विराजमान रहथि। दुनू तरफ मंत्री लोकनि आ विभिन्न सचिव सहित सभासदगण सब अपन-अपन आसन पर बैसल रहथि। राजाक सोझाँ फरियादी सब तरह-तरह के फरियाद लयकय पहुँचल छल। सिलसिलेवार जनक संग सपना मे भेंट आ वार्ता (नाटकीय कथा)

रामचरितमानस मोतीः हनुमान्‌जी द्वारा अशोक वाटिका मे विध्वंस आ तदोपरान्त

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती हनुमान्‌जी द्वारा अशोक वाटिका विध्वंस, अक्षय कुमार वध और मेघनाद द्वारा हनुमान्‌जी केँ नागपाश मे बान्हिकय सभा मे लय जायब प्रसंग सुन्दरकाण्ड के आ अशोक वाटिका मे सीताजी संग हनुमान्‌जी केर भेंट आ प्रभु श्री रामजीक सन्देश सुना सीताजी केँ बोल-भरोस दय आशीर्वाद लेलाक बाद वाटिका मे फल रामचरितमानस मोतीः हनुमान्‌जी द्वारा अशोक वाटिका मे विध्वंस आ तदोपरान्त

आम चुनाव २०२४ मे मिथिलावादीक भूमिका

विशेष सम्पादकीय आम चुनाव २०२४ मे मिथिलावादीक भूमिका आजादीक ७५ वर्ष बीतल। अमृत महोत्सव मनि रहल अछि। देश-विदेश घुमि-घुमिकय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भारत आ भारतीयताक सन्दर्भ मे ‘आजादीक अमृत महोत्सव’ पर जोरदार वक्तव्य सब दय रहल छथि। अपन ९ वर्षक राजकाज आ भारतीय अर्थतंत्र केँ विश्वस्तर पर पाँचम शक्तिशाली अर्थतंत्र बनेबाक विन्दु सँ लैत जनधन आम चुनाव २०२४ मे मिथिलावादीक भूमिका