रामचरितमानस मोतीः अंगद-राम संवाद, युद्ध केर तैयारी
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती अंगद-राम संवाद, युद्ध केर तैयारी १. एम्हर सुबेल पर्वत पर श्री रामजी अंगद केँ बजौलनि। ओ आबिकय चरणकमल मे सिर नमौलनि। बहुत आदर सँ ओ लग मे बैसिकय खर (राक्षस) केर शत्रु कृपालु श्री रामजी हँसिकय बजलाह – हे बालि केर पुत्र! हम बहुत उत्सुक भ’ रहल छी। … रामचरितमानस मोतीः अंगद-राम संवाद, युद्ध केर तैयारी







