रामचरितमानस मोतीः विभीषणजीक प्रार्थना, श्री रामजी द्वारा भरतजीक प्रेमदशाक वर्णन, शीघ्र अयोध्या पहुँचबाक अनुरोध
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती विभीषणजीक प्रार्थना, श्री रामजी द्वारा भरतजीक प्रेमदशाक वर्णन, शीघ्र अयोध्या पहुँचबाक अनुरोध देवता, इन्द्र, ब्रह्मा आ शिवजी द्वारा श्री रामजीक स्तुति उपरान्त – १. जखन शिवजी विनती कयकेँ चलि गेलाह, तखन विभीषणजी प्रभु लग अयलाह आ चरण मे मस्तक नमाकय कोमल स्वर मे बजलाह – हे शार्गं धनुष … रामचरितमानस मोतीः विभीषणजीक प्रार्थना, श्री रामजी द्वारा भरतजीक प्रेमदशाक वर्णन, शीघ्र अयोध्या पहुँचबाक अनुरोध


