मिथिलाभाषा रामायणः अरण्यकाण्ड दोसर अध्याय – शरभंग ऋषिक मुक्ति एवं सुतीक्ष्ण मुनिक आश्रम पहुँचब
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी मिथिलाभाषा रामायण – अरण्यकाण्ड अध्याय दोसर – शरभंग ऋषिक मुक्ति तथा सुतीक्ष्ण मुनिक आश्रम पहुँचब ।चौपाइ। स्वर्गत भेला जखन विराध । तखन गगन सुरजन सम्बाध ॥१॥ प्रभु सानुज वैदेही सङ्ग । गेला ततय जतय शरभङ्ग ॥२॥ आयल छथि वन श्रीभगवान । मुनि जानल साधन विज्ञान ॥३॥ सत्वर विधि विष्टर देल … मिथिलाभाषा रामायणः अरण्यकाण्ड दोसर अध्याय – शरभंग ऋषिक मुक्ति एवं सुतीक्ष्ण मुनिक आश्रम पहुँचब








