मिथिलाभाषा रामायण – सुन्दरकाण्ड पहिल अध्याय – हनुमानजीक लंका पहुँचब
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कवि चन्द्र विरचित मिथिला भाषा रामायण अथ सुन्दरकाण्ड पहिल अध्याय हनुमानजीक लंका पहुँचब; सुरसा, सिंहिका व लंकिनी सँ सामना ।द्रुतविलम्बित छन्दः। धुतनगेऽम्बरगे परमोत्सवे, चकितभानुगणे जितमन्मथे ॥१॥ जनकजाधिविनाशिमनोगतौ, प्रणतिरस्तु हनूमति मारुतौ ॥२॥ भावार्थः पहाड़ केँ हिलबयवला, आकाश मे उड़यवला, परम उत्साह भरल, सूर्य-चन्द्रादि केँ चकित करयवला, कामदेव केँ जितयवला, जानकी व्यथा … मिथिलाभाषा रामायण – सुन्दरकाण्ड पहिल अध्याय – हनुमानजीक लंका पहुँचब



