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प्रवीण नारायण चौधरी

मिथिला लोकदेवः खेदन महाराज

मिथिला लोकदेवः खेदन महाराज ११म शताब्दी मे मधेपुरा सँ लगभग १० किलोमीटर पूरब-दक्षिण सुखासन गामवासी एक लोकदेव भेलाह “खेदन महाराज”। शिवदत्त मंडल केर धर्मपत्नी धनावती देवीक कोखि सँ हिनक जन्म भेल छलन्हि। ई एक कीर्तिमूर्धन्य जीवन आ लोककल्याणकारी मृत्यु केँ अवगाहन कयनिहार महान लोक के रूप मे आइ धरि सुपरिचित छथि। आवेश-विग्रह (भगताय विधि सँ मिथिला लोकदेवः खेदन महाराज

मिथिला मे लोकदेवक उत्पत्ति गाथा

मिथिला मे लोकदेवक उत्पत्ति – प्रवीण नारायण चौधरी अपन मिथिला मे वीर पुरुष व स्त्री सभक जन्म होइत रहलनि अछि जे अपन अनेकों प्रभाव-प्रेरणा सँ लोककल्याण निमित्त योगदान दैत रहल छथि, तिनका लोकदेव कहल जाइत छन्हि आ हुनका प्रसन्न करय वास्ते अनेकों तरहक लोकविधान सँ पूजा-वन्दना सेहो कयल जाइत छन्हि। ई लोकदेवक उत्पत्ति विपरीत परिस्थिति मिथिला मे लोकदेवक उत्पत्ति गाथा

गांव गांव लोकल प्रोडक्ट्स इस्तेमाल कियै आवश्यक छैक ?

विचार – मैथिल जीन्स के निर्माता श्री केशव मिश्र मैथिल गांव गांव लोकल प्रोडक्ट्स इस्तेमाल कियै आवश्यक छैक ? आबै वला समय में बड़का बड़का विदेशी कंपनी अहांक मिथिला के नोटिस क रहल अछि। अहांक पास लोकल ब्रांड के गुच्छा रहनाय आवश्यक अछि अन्यथा ओ लगभग सभ चीज पर जबरदस्त प्रहार करत और ओकरा पास गांव गांव लोकल प्रोडक्ट्स इस्तेमाल कियै आवश्यक छैक ?

जानकी मन्दिर जनकपुर केँ विश्व सम्पदा सूची में सूचीबद्ध करबाक मांग कयलथि मधेशी आयोग प्रमुख

काठमांडू, 6 फरवरी 2022 । मैथिली जिन्दाबाद!! जानकी मन्दिर कें विश्व सम्पदा सूचीमे सूचीकृत करबाक हेतु एवम् अन्य सांस्कृतिक स्थलसभक व्यवस्थापन करबाक हेतु संस्कृति मन्त्रीकें मधेशी आयोग अध्यक्षक पत्र सौंपल गेल अछि।   मधेशी आयोगक अध्यक्ष डा.विजयकुमार दत्त आजुक दिन संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उड्डयन मन्त्री प्रेम आले कें जानकी मन्दिर कें विश्व सम्पदा सूचीमे जानकी मन्दिर जनकपुर केँ विश्व सम्पदा सूची में सूचीबद्ध करबाक मांग कयलथि मधेशी आयोग प्रमुख

मैथिल समाज नेपाल काठमांडू में कतय हेरायल अछि

नेपाल मैथिल समाज काठमांडू कतय अछि? मिथिला के सीमा पर पुरातत्व विभाग नेपाल के तकनीकी अन्वेषक (अभियन्ता) आ मैथिली भाषा संग मिथिला राज्य के सुपरिचित समर्थक श्री गोपाल झा संग चर्चा कय रहल छलहुँ। पता चलल जे पश्चिम में गण्डकी नदी हाल समय मे परसा जिला सँ 100 किमी पश्चिम दिशा सँ बहि रहल अछि। मैथिल समाज नेपाल काठमांडू में कतय हेरायल अछि

बाबाधाम यात्राक इतिहास किछु खास प्रसंग सँ

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी फोटो सहित परिचय – समूह केर नियम   दहेज मुक्त मिथिलाक समस्त सदस्यगण केँ कहल जाइत छन्हि जे सब कियो अपन-अपन परिचय फोटो सहित समूह पर जरूर राखू। आर समय-समय पर एकर औचित्य पर हम लिखैत आबि रहल छी, फेर लिखि रहल छीः   फोटो सहित परिचय केर अर्थ भेल बाबाधाम यात्राक इतिहास किछु खास प्रसंग सँ

भाषा-विमर्शः मैथिली सँ अलग हेबाक रवैया सम्बन्धित

भाषा विमर्श भाषा विमर्शः नुक्सान केकर हेतैक? काल्हिक लेख ‘मिथिलाक मतलब सिर्फ मैथिली नहि थिक’ (लिंकः https://www.facebook.com/pravin.choudhary/posts/10160461465013492) पर नीक भाषा-विमर्श चलि रहल अछि। किछु नवतुरिया भाषा-बोली बीच के अन्तर्सम्बन्ध बिना बुझने अन्हेरक शंका-आशंका सेहो राखि रहल छथि। किछु विज्ञ-विद्वान् अन्हेरक चिन्ता सेहो कय रहल छथि। आइ वैह लेख (भाषा-विमर्श) केँ हम आगू बढा रहल छी। भाषा-विमर्शः मैथिली सँ अलग हेबाक रवैया सम्बन्धित

मिरानिसे बैठक मदनपट्टी स्कूल पर सम्पन्न भेल

5 फरवरी 2022, मैथिली जिन्दाबाद!! राजेश कुमार झा, महासचिव, मिथिला राज्य निर्माण सेना ठाढ़ी, मधुबनी। अंधराठाढ़ी प्रखंड अध्यक्ष विक्रम मंडल जी, उपाध्यक्ष द्वय सुजीत जी आ अनंत जी, महासचिव राज नारायण राय जी( ठाढ़ी मुखिया) तथा बैजू यादव जी( जलसैन मुखिया) के उपस्थिति में आई मिरानिसे के बैठक मदनपट्टी स्कूल पर संपन्न भेल। बैठक में मिरानिसे बैठक मदनपट्टी स्कूल पर सम्पन्न भेल

१९वीँ पुण्य तिथि पर खुशीलाल बाबू याद कयल गेलाह

हटनी, मधुबनी। 5 फरवरी 2022, मैथिली जिन्दाबाद!! १९वीँ पुण्य तिथि पर खुशीलाल बाबू याद कयल गेलाह बसंत पंचमी शुक्लपक्ष शिशिर ऋतुमे बिहारक मधुबनी जिला स्थित घोघरडीहा प्रखंड केर सरौती पैतृक गांवमे समारोह पूर्वक याद कयल गेलाह खुशी बाबू। भुतपूर्व चियरमैन साहेब श्री खुशी लाल कामत निर्पेक्ष शिक्षाप्रेमी, स्वाधिनता सेनानी, समाजवादी सोचक व्यक्तित्वक समाजसेवी रहथि ओ। १९वीँ पुण्य तिथि पर खुशीलाल बाबू याद कयल गेलाह

प्रगतिशील किसान गोष्ठी

लाल देव कामत, हटनी, मधुबनी। 5 फरवरी 2022, मैथिली जिन्दाबाद!! प्रगतिशील किसान गोष्ठ पंचायतमे एकठामक सामुहिक बैसार संभव नहिँ हुअय तँ विकेंद्रीकरण कय गामे-गाम कृषि जागरूकता अभियान लेल विभाग जागृति आनत। बिहार क’ ऐ ग्लोबल वार्मिंग केर दौड़मे एक्टा नव डेग आगू बढ़त। एक सिंचाई सँ आ सुखा पड़त तैयो गहुंममे नीक उपज संभव होयत। प्रगतिशील किसान गोष्ठी