रामचरितमानस मोतीः लक्ष्मणजीक क्रोध आ श्री रामजीक धनुष तोड़बाक तैयारी
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री लक्ष्मणजीक क्रोध जनकजीक वचन सुनिकय चारूकात चुप्पी पसैर गेल अछि लेकिन ओतय मौजूद रघुवंशी राजकुमार आ ऋषि-मुनि लोकनि सहित सीताजी, रानी आ अन्य लोक सभक कि स्थिति अछि तेकर वर्णन तुलसीदासजी सन चतुर कविक दृष्टि सँ देखू – १. जनकक वचन सुनिकय सब स्त्री-पुरुष जानकीजी दिशि देखिकय … रामचरितमानस मोतीः लक्ष्मणजीक क्रोध आ श्री रामजीक धनुष तोड़बाक तैयारी



