विद्यापति गीतः जाइत देखलि पथ नागरि सजनि गे
विद्यापति गीत (नखशिख) जाइत देखलि पथ नागरि सजनि गे आगरि सुबुधि सेयानि ॥१॥ कनक-लता सनि सुन्दरि सजनि गे बिहि, निरमाओल आनि ॥२॥ हस्ति-गमन जकाँ चलइत सजनि गे देखइत राज-कुमारि ॥३॥ जिनकर एहनि सोहागिनि सजनि गे पाओल पदारथ चारि ॥४॥ नील बसन तन घेरल सजनि गे सिर लेल चिकुर सँभारि ॥५॥ तापर भमरा पिबए रस सजनि … विद्यापति गीतः जाइत देखलि पथ नागरि सजनि गे









