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प्रवीण नारायण चौधरी

मिथिला सौन्दर्य प्रतियोगिताक दोसर औडिसन आषाढ़ १८ गते होयत जलेश्वर मे

२९ जून २०२४ । मैथिली जिन्दाबाद!! पीआरजेड ग्रुप द्वारा आयोजित मिथिला सौन्दर्य प्रतियोगिताक दोसर औडिसन कार्यक्रम जलेश्वर मे आषाढ़ १८ गते मंगल दिन कयल जेबाक सूचना सम्प्रेषित कयल गेल अछि । आयोजक द्वारा एहि औडिसन मे प्रतियोगी सभक रजिस्ट्रेशन वास्ते आह्वान सेहो कयल गेल अछि । जलेश्वर स्थित नेपाल पत्रकार महासंघ केर सभागार मे औडिसन मिथिला सौन्दर्य प्रतियोगिताक दोसर औडिसन आषाढ़ १८ गते होयत जलेश्वर मे

मिथिलाक नगण्य कुचक्री-कुटिलक कथा – प्रत्येक सफल आयोजन उपरान्त लेंगड़ी पिलुआक बहरायब

घरबैया क’ जान जाय, खबैया क’ स्वादे नहि मैथिली भाषा प्राचीनतम् भाषा मे सँ एक अछि। आधुनिक समय एकरा भाषा रूप मे मान्यता दिएबाक लेल बड़ा भारी बौद्धिक संघर्ष करैत भाषाक प्रत्येक मानदंड पर मैथिली केँ ठाढ़ करैत लम्बा संघर्ष उपरान्त बोली सँ भाषा रूप मे स्थापित कयल गेल। जे सब एहि संघर्ष मे भाग मिथिलाक नगण्य कुचक्री-कुटिलक कथा – प्रत्येक सफल आयोजन उपरान्त लेंगड़ी पिलुआक बहरायब

जनकपुर मे दुइ दिवसीय मैथिली अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल सम्पन्न

जनकपुरधाम, 27 जून 2024 । मैथिली जिन्दाबाद!! जनकपुर मे दुइ दिवसीय मैथिली अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल सम्पन्न – प्रवीण नारायण चौधरी, जनकपुरधाम । १३ आषाढ़ २०८१ । ‘लोकसंचार’ आ ‘जनकपुर उपमहानगरपालिका’क संयुक्त तत्त्वावधान मे जनकपुरधामक गिरिजा सिनेमाघर मे दुइ दिवसीय मैथिली अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल सम्पन्न भेल अछि। एकर सूत्रधार नेपालक जानल-मानल फिल्मी हस्ती एवं मैथिली भाषा-साहित्यक वरिष्ठ जनकपुर मे दुइ दिवसीय मैथिली अन्तर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल सम्पन्न

मिथिलाभाषा रामायणः अरण्यकाण्ड दसम अध्याय – शबरी सँ भेंट आ ओकर मोक्ष प्राप्त करब

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण अरण्यकाण्ड – दसम अध्याय शबरी सँ भेंट आ ओकर मोक्ष प्राप्त करब ।चौपाइ। ओ वन छोड़ि वनान्तर प्राप्त । सीता-विरह – अग्नि मन व्याप्त ॥१॥ शबरी देखल प्रभुक स्वरूप । आइलि आनन्दमयि चुप चूप ॥२॥ मन एकाग्र सनक सन केश । दिनकर – कान्ति तपस्विनि – मिथिलाभाषा रामायणः अरण्यकाण्ड दसम अध्याय – शबरी सँ भेंट आ ओकर मोक्ष प्राप्त करब

मिथिला सौन्दर्य प्रतियोगिताक औडिशन कार्यक्रम जनकपुर मे सम्पन्न – ६० प्रतियोगी सहभागिता देलनि

जनकपुरधाम, २५ जून २०२४ । मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिला सौन्दर्य प्रतियोगिताक औडिशन कार्यक्रम जनकपुरधाम मे सम्पन्न भेल । एहि मे कुल ६० प्रतियोगी लोकनि मिथिला पहिरन-ओढ़न मे आ मैथिली भाषा व शैलीक विशेष प्रतिभाक प्रदर्शन करैत सहभागिता जनौलीह । शनि दिन ८ गते आषाढ़ (२२ जून २०२४) क्राउन प्लाजा जनकपुर मे आयोजित भेल एहि औडिसनक निर्णायक मिथिला सौन्दर्य प्रतियोगिताक औडिशन कार्यक्रम जनकपुर मे सम्पन्न – ६० प्रतियोगी सहभागिता देलनि

मिथिलाभाषा रामायणः अरण्यकाण्ड नवम अध्याय – कबन्ध बध

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित ‘मिथिलाभाषा रामायण’ अरण्यकाण्डः नवम अध्याय कबन्ध बध ।दोबय छन्द। रामचन्द्र वैदेही-विरही प्राप्त वनान्तर जखना ॥१॥ घोर कबन्ध बाहु योजन भरि राक्षस देखल तखना ॥२॥ पड़ला तकरा बाहुपाशमे सानुज देखल आँखी ॥३॥ की कर्त्तव्य कहू कहु लक्ष्मण प्रभु उठला ई भाखी ॥४॥ चरण – मौलि सौँ रहित लोथ अछि, वक्ष-स्थलमे मिथिलाभाषा रामायणः अरण्यकाण्ड नवम अध्याय – कबन्ध बध

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवसः नमो केर विशेष योगदान

अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवसः नमो केर विशेष योगदान आइ भारतक लोकप्रिय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (नमो) काश्मीरक सुन्दर वादी मे योग शिविर मे स्थानीय जनताक संग आनन्द विभोर भेल छथि। यैह ओ महान नेता भेलाह जे भारतवर्षीय योग केर अन्तर्राष्ट्रीयकरण लेल एकटा पैघ डेग उठौलनि। एहने नहि छैक जे भारतवर्षीय योग-प्रशिक्षक सब एहि सँ पहिने अन्तर्राष्ट्रीय स्तर अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवसः नमो केर विशेष योगदान

मिथिलाभाषा रामायण – अरण्यकाण्ड आठम अध्याय – जटायुक मृत्यु

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी मिथिलाभाषा रामायण – अरण्यकाण्ड आठम अध्याय जटायुक मृत्यु ।रूपमाला। कपट – मृग मारीच मारल, घुरल घर रघुराय ॥१॥ देखल अबइत दूरसौँ, मन-विकल लक्ष्मण भाय ॥२॥ कयल लीला सकल अपनहिँ, करथि अपनहिँ शोच ॥३॥ ई मनुष्य – चरित्र विस्तृत, करथि लोकक रोच ॥४॥ त्यागि कैँ प्राणेशि अयलहुँ, वत्स कहु की काज मिथिलाभाषा रामायण – अरण्यकाण्ड आठम अध्याय – जटायुक मृत्यु

किशोर अनुवादक विमर्श झा द्वारा ‘नहि सीता नहि’ केर अंग्रेजी अनुवाद ‘क्राई नो मोर सीता’पर अन्तर्क्रिया

विजेता कर्ण, काठमांडू। ८ जून २०२४, मैथिली जिन्दाबाद!! समाचार स्रोतः राष्ट्रीय समाचार समिति (रासस) काठमांडू – जेठ २४ । मैथिली साहित्यक किशोर अनुवादक विमर्श झाक कृतिपर अन्र्तक्रिया मैथिली साहित्यक सबसँ कम उमेरक अनुवादक विमर्श झाद्वारा अंग्रेजीमे अनुदित ‘क्राइ नो मोर सीता’ कविता संग्रहपर अन्तर्क्रिया कयल गेल । काठमांडूमे आयोजित एक कार्यक्रममध्य मूल मैथिलीमे रहल कवयित्री किशोर अनुवादक विमर्श झा द्वारा ‘नहि सीता नहि’ केर अंग्रेजी अनुवाद ‘क्राई नो मोर सीता’पर अन्तर्क्रिया

मिथिलाभाषा रामायणः अरण्यकाण्ड सातम अध्याय – रावण द्वारा सीताक हरण

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण – अरण्यकाण्ड सातम अध्याय रावण द्वारा सीताक हरण ।चौपाइ। राम बुझल दशवदन – प्रपञ्च । वैदेहीकेँ कहलनि शञ्च ॥१॥ अहँ एक माया – देह बनाउ । कुटी – मध्य कल कौशल जाउ ॥२॥ एक वर्ष रहु अग्नि समाय । पुन आयब लेब सङ्ग लगाय ॥३॥ रावण मिथिलाभाषा रामायणः अरण्यकाण्ड सातम अध्याय – रावण द्वारा सीताक हरण