मिथिलाभाषा रामायण – लङ्काकाण्ड दसम अध्यायः रावणक शुक्राचार्य सँ मंत्र लय साधना करब तथा राम द्वारा विघ्न
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी मिथिलाभाषा रामायण – लङ्काकाण्ड दसम अध्याय रावणक शुक्राचार्य सँ मंत्र लय साधना करब तथा राम द्वारा विघ्न ।चौपाइ। रावण मन मन मानल हारि । महि नहि रहल शूर शक्रारि ॥१॥ मारुत-सुत-बल हृदय विचारि । जनिक मुष्टि शत-अशनि प्रहारि ॥२॥ शुक्रक निकट गेला अति दीन । बद्धाञ्जलि राजस-रस-हीन ॥३॥ शुक्र पुछल … मिथिलाभाषा रामायण – लङ्काकाण्ड दसम अध्यायः रावणक शुक्राचार्य सँ मंत्र लय साधना करब तथा राम द्वारा विघ्न






