मिथिलाक लोकसंस्कृति विलोपोन्मुखः कारण कि?
आत्मसमीक्षा एखनहि मैथिली तथा हिन्दी साहित्यक प्रसिद्ध व्यक्तित्व आर हमरा लोकनिक आदर्श श्री प्रदीप बिहारी द्वारा लिखल गेल किछु मर्मस्पर्शी बात पढबाक अवसर भेटल। इच्छा भेल जे हुनकर ओ बात अहाँ सबकेँ सेहो पढाबी आर तखन शुरु करी एकटा आत्मसमीक्षा। विषय शीर्षक मे लिखल अछि। मिथिलाक लोकसंस्कृति पर खतरा सुस्पष्ट ढंग सँ देखल जा रहल … मिथिलाक लोकसंस्कृति विलोपोन्मुखः कारण कि?









