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प्रवीण नारायण चौधरी

बौआ भगवान् – अद्भुत संकल्पशक्तिक धनी – सन्त परम्परा केँ जिवन्त रखनिहार मैथिल ब्रह्मचारी

मिथिला मात्र नहि अपितु सम्पूर्ण भारतवर्षक महान सन्त बौआ भगवान् दरभंगा जिलाक लगमा कुटी पर श्री लक्षचण्डी महायज्ञ एवं अतिविष्णु यज्ञक अद्भुत आयोजन सफलतापूर्वक सम्पन्न भेल । दिनांक १ मार्च २०२५ सँ १६ मार्च २०२५ धरि आयोजित एहि महायज्ञ मे अनेकों विशेषता देखल गेल । समूचा इलाकाक लोक एहि तरहक महायज्ञक अवलोकन पहिल बेर कयलनि बौआ भगवान् – अद्भुत संकल्पशक्तिक धनी – सन्त परम्परा केँ जिवन्त रखनिहार मैथिल ब्रह्मचारी

फगुआ आयल, फगुआ गेल, फगुआ चलियो गेल

होली शुभकामना प्रति कृतज्ञताक सन्देश आदरणीय सहयात्री – श्रेष्ठ एवं अनुज सहित सम्बन्ध विशेषक स्वजन-परिजन लोकनि! ‘फगुआ आयल, फगुआ गेल, फगुआ चलियो गेल’ – मोन पड़ैछ ई लाइन । भरि साल विशेष इन्तजार उपरान्त अबैत छल/अछि होली, आ फेर देखिते-देखिते ई बीति जाइत छल/अछि । त मैथिल कवि बड नीक गीत लिखलनि जेकरा कतेको लोकगायक फगुआ आयल, फगुआ गेल, फगुआ चलियो गेल

होली पर्व आ शुभकामनाक मर्म

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी होली पर्व आ शुभकामनाक मर्म प्रत्येक वर्ष बसन्त ऋतुक चरम यौवनमे मनायल जायवला पर्व (पाबनि) थिक होली । फागुन पूर्णिमाक राति होलिका दहन आ तेकर भोरे रंग-अबीरक खेल खेलाइत, एक-दोसरकेँ रंग-अबीर लगबैत पूर्ण उत्साह सँ होली पर्व मनायल जाइछ । हम सब अपन परिवारक संगहि टोल-पड़ोस, समाज आ मित्रमंडली संग होली पर्व आ शुभकामनाक मर्म

सहज सुमति वर दिअ’ हे गोसाउनि

विशेष सम्पादकीय सहज सुमति वर दिअ’ हे गोसाउनि ‘ग्लोबल मैथिल’ समूह पर दुइ विशिष्ट आयोजनक चर्चा आ मीडिया कवरेज काफी आह्लादित करयवला अछि । पटना मे चेतना समिति द्वारा विभिन्न क्षेत्र मे योगदान देनिहाइर मातृशक्ति केर सम्मान – बिहारक राज्यपाल माननीय आरिफ मोहम्मद खान द्वारा मिथिलाक समृद्ध ऐतिहासिक वृत्तान्तक वर्णन, विदुषी उभया भारतीक जीवन पर सहज सुमति वर दिअ’ हे गोसाउनि

शाश्वत मिथिला भवनक उद्घाटन भारतक गृहमंत्री अमित शाह द्वारा कयल गेल

१० मार्च २०२५ । मैथिली जिन्दाबाद !! शाश्वत मिथिला अहमदाबाद द्वारा गुजरातक राजधानी गाँधीनगरक डाभोड़ा मे बनायल गेल बहुमंजिला-बहुउद्देश्यीय ‘शाश्वत मिथिला भवन’क उद्घाटनग भारतक गृहमंत्री माननीय अमित शाह जी द्वारा कयल गेल । शाश्वत मिथिला भवनक उद्घाटन संग महाकवि विद्यापतिक मूर्ति अनावरण तथा एहि अवसर पर प्रकाशित स्मारिकाक विमोचन कार्यक्रम सफलतापूर्वक काल्हि ९ मार्च केँ शाश्वत मिथिला भवनक उद्घाटन भारतक गृहमंत्री अमित शाह द्वारा कयल गेल

कुम्भमेलाक खेला – ई केहेन भ’ गेल झमेला

मैथिली कथा – हेमन्त झा महाकुम्भ आ भ्रम मुरारी बाबू – हे सुनू, शोर नै मचबै जाउ, आब जे निर्णय भ’ गेलै ताहि पर कायम रहू सब गोटे । श्याम – हँ कक्का जी, फेर लिस्ट बनाउ, सामान सभक ओरियान करू, अहू सब मे त समय लगतै । मुरारी बाबू – हँ, सुनै जाउ सब कुम्भमेलाक खेला – ई केहेन भ’ गेल झमेला

महाकुम्भः सनातनी संस्कृतिक उत्कर्ष अभिव्यक्ति

साहित्यः कुम्भ यात्रा संस्मरण – धर्मेन्द्र विह्वल (कुम्भमेला – प्रयागराज सँ वापसी पर) महाकुम्भः सनातनी संस्कृतिक उत्कर्ष अभिव्यक्ति पृष्ठभूमि – कुम्भक चर्च पौराणिक आ आध्यात्मिक मान्यता छैक जे कुम्भस्नान केलासँ जीवनमे नीक आ सकारात्मक प्रभाव पडै़ छै । एहि प्रभावक परीक्षण तँ के केने अइछ जाइन ने, मुदा धर्मग्रंथसबमे एकर महत्वक मादे वेश चर्चा कएल महाकुम्भः सनातनी संस्कृतिक उत्कर्ष अभिव्यक्ति

गीताक आठम् अध्याय – अक्षर ब्रह्मं योग

स्वाध्याय श्रीमद्भागवद्गीताक आठम् अध्याय – अक्षर ब्रह्म योग अध्याय ८ – अक्षर ब्रह्मं योग (अर्जुनक सात प्रश्नक उत्तर) अर्जुन उवाच किं तद्ब्रह्म किमध्यात्मं किं कर्म पुरुषोत्तम। अधिभूतं च किं प्रोक्तमधिदैवं किमुच्यते॥ (१) भावार्थ : अर्जुन पुछलनि – हे पुरुषोत्तम! ई “ब्रह्म” कि अछि ? “अध्यात्म” कि अछि ? “कर्म” कि अछि ? “अधिभूत” केकरा कहल गीताक आठम् अध्याय – अक्षर ब्रह्मं योग

अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर विराटनगर मे मैथिली गतिविधि

विराटनगर, २२ फरवरी २०२५ । मैथिली जिन्दाबाद!! अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर मैथिली गतिविधि काल्हि २१ फरवरी ‘अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस’ पर विराटनगरक गोटेक मैथिली भाषासेवी संस्थाक प्रतिनिधित्व मे नुक्कड़ सभा आ नगर परिक्रमा करैत मातृभाषा जिन्दाबाद संगहि कोशी प्रदेश मे सरकारी कामकाजी भाषा (राजभाषा) रूप मे भाषा आयोगक सिफारिश अनुरूप मैथिली ओ लिम्बू केँ शीघ्रताशीघ्र लागू अन्तर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर विराटनगर मे मैथिली गतिविधि

राम रक्षा स्तोत्रम् – मैथिली भावार्थ सहित

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी !!श्रीसीतारामचन्द्राभ्यां नमः!! रामरक्षा – स्तोत्रम् विनियोगः – अस्य श्रीरामरक्षास्तोत्रमन्त्रस्य बुधकौशिक-ऋषिः, श्रीरामचन्द्रो देवता, अनुष्टुप्‌छन्दः, सीताशक्तिः, श्रीमद्धनुमत्कीलकम् । श्रीरामचन्द्रप्रीत्यर्थे रामरक्षास्तोत्रजपे विनियोगः ॥ श्रीसीताजी तथा श्रीरामचन्द्रजी केँ नमस्कार अछि । एहि श्रीरामरक्षास्तोत्र केर ‘बुधकौशिक’ ऋषि छथि । श्रीसीताजी एवं श्रीरामचन्द्रजी देवता छथि । एकर वर्णन अनुष्टुप्‌छन्द मे अछि । श्रीसीताजी शक्ति छथि । राम रक्षा स्तोत्रम् – मैथिली भावार्थ सहित