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प्रवीण नारायण चौधरी

दहेज मुक्त मिथिला – नेपाल केर नियमित मासिक बैसार संपन्न

निराजन झा, राजविराज। जुलाई १०, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! राजविराज वार्ड नंबर ७ गणेश मन्दिर समीप स्थित ‘दहेज मुक्त मिथिला – नेपाल’ केर पंजीकृत कार्यालय मे अध्यक्ष श्रीमती वंदना मिश्राक अध्यक्षता मे आइ एकटा बैसार कैल गेल। एहि संस्थाक नवीकरण करेबाक निर्णय सहित किछु रिक्त पद पर सदस्यक मनोनयन लेल दुइ गोट कार्यकारिणी सदस्य जाहि मे दहेज मुक्त मिथिला – नेपाल केर नियमित मासिक बैसार संपन्न

कानपुर मे होयत मिथिला महोत्सव आ दोसर अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली कवि सम्मेलन नवम्बर मे

कानपुर, जुलाई १०, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! काल्हि 9 जुलाई 2015क साँझ स्थानीय होटल रिलेशनमे मिथिलांचल महासभा केर बैसार भेल जाहिमे आगामी 1 नवम्बर 2015 केँ आयोजित हुअवला ‘मिथिला महोत्सव’क संदर्भमे विस्तृत योजना बनल । एहि अवसर पर विभिन्न मिथिला विभूतिक सम्मान, परिचर्चा, द्वितीय अन्तर्राष्ट्रीय कवि सम्मेलन, सांस्कृतिक कार्यक्रमक विस्तृत प्रस्तुति होयत । एहि अवसर पर कानपुर मे होयत मिथिला महोत्सव आ दोसर अन्तर्राष्ट्रीय मैथिली कवि सम्मेलन नवम्बर मे

मैथिली जिन्दाबाद विशेष साक्षात्कार: स्टार कवि आदित्य भूषण मिश्र

व्यक्तित्व परिचय एवं साक्षात्कार – प्रवीण नारायण चौधरी आदित्य भूषण मिश्र – मैथिली एवं हिन्दी कवि १. जन्म –  18/07/1989 , दरभंगा २. शिक्षा-दीक्षा –  कक्षा बारहवीं तक दरभंगा, CBSE board B.A. LL.B (H), AMITY LAW SCHOOL, DELHI ३. माता-पिता-परिजन –  पितामह – श्री चन्द्रनाथ मिश्र ”अमर” , वयोवृद्ध साहित्यकार, मैथिली माता – श्रीमती अपर्णा मैथिली जिन्दाबाद विशेष साक्षात्कार: स्टार कवि आदित्य भूषण मिश्र

डीडी बिहार पर प्रदर्शित होयत मैथिली धारावाहिक: एस. एन. झा के गजबे दुनिया

दिल्ली. जुलाई ९, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! क्रमश: मैथिली भाषाक उत्कर्ष ऊपरमुखी बनि रहल अछि। डीडी बिहार पर १६ जुलाई सँ प्रत्येक वृहस्पति दिन संध्या ६ बजे सँ देखायल जायत एकटा मैथिली धारावाहिक – “एस. एन. झा के गजबे दुनिया”। एहि धारावाहिक मे मुख्य भूमिका मे छथि ‘डमरू उस्ताद’ केर हिरो ‘अनिल मिश्र’ तथा ‘मुखियाजी’ केर डीडी बिहार पर प्रदर्शित होयत मैथिली धारावाहिक: एस. एन. झा के गजबे दुनिया

अरुणा मिश्रा – विश्व बौक्सिंग चैम्पियन मैथिलानी केर जमशेदपुर आगमन पर भव्य स्वागत

रविन्द्र कुमार चौधरी, जमशेदपुर। जुलाई ९, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिल महिला अरुणा मिश्रा केँ विश्व चैम्पियन बनि गृह-जिला जमशेदपुर आगमन भेला पर भव्य स्वागत कैल गेल अछि। लगातार १९९९ सँ भारतक सर्वश्रेष्ठ मुक्केबाज अरुणा मिश्रा झारखंड राज्यक सेहो चैम्पियन छथि। हालहि संपन्न राष्ट्रीय स्तरक मुकाबला मे सेहो अपन प्रतिद्वंद्वी इलांबम मेमथोइ केँ केरल मे पहिने अरुणा मिश्रा – विश्व बौक्सिंग चैम्पियन मैथिलानी केर जमशेदपुर आगमन पर भव्य स्वागत

मिथिला मे खच्चरहि केर अद्भुत दर्शन – भाग २

व्यंग्य प्रसंग एहि खच्चरहि केर कि जबाब? – संतोष कुमार संतोषी बरकी भौजी -चाहक कप हाथ में पकरेलैनि कि अकस्मात् हम पुछि देलियैन….. हम–: भौजी बच्चा सब स्कूल जाई अई की नै…. भौजी –: उँ,,,जाऊ जरलाहा के…. . जेहने गेने -तेहने विनु गेने, ओ त, दू दू टा टीशन लागल छै तैँ बड बढियाँ .. मिथिला मे खच्चरहि केर अद्भुत दर्शन – भाग २

महान् पुरुष डा. सर गंगानाथ झा व परिवार: एक छोट चर्चा

आलेख – प्रकाश नारायण झा मिथिलाक विभूति शिर्षक अंतर्गत मिथिला मंथनक सौजन्य सँ प्राप्त अहि दुर्लभ छविक लेल हुनका धन्यवाद दैत मित्रगण, अहि महान परिवार के विषय में उपलब्ध किछु जानकारी प्रस्तुत कय रहल छी । सर गंगानाथ झा (1871-1941) :- अपन समयक एक महान प्राच्यविद् छलाह । हिनक जन्म एवं लालन पालन ताहि युग महान् पुरुष डा. सर गंगानाथ झा व परिवार: एक छोट चर्चा

मैथिली मंथन आइएएस एकेडमी आ गुरु डा. शेखर झा: सफलताक गारंटर

विशिष्ट व्यक्तित्व परिचय: डा. शेखर झा, मैथिली आइएएस गुरु – अमित आनन्द, महिषीधाम, सहरसा। संघ लोक सेवा आयोग २०१४ केर परिणाम आबि गेल आ मैथिली लेल शुभ समाचार सेहो सुनबा लेल भेटय लागल। कुल १५ गोटे मैथिली ऐच्छिक विषय सँ सफलता प्राप्त केलनि। समाचार संकलन करबाक क्रम मे पता चलैत अछि जे एहि समस्त मैथिली मैथिली मंथन आइएएस एकेडमी आ गुरु डा. शेखर झा: सफलताक गारंटर

मैथिली साहित्य महासभा दिल्लीक नियार: २ अगस्त केँ होयत डा. उषा किरण खाँ केर व्याख्यानमाला

नई दिल्ली, ८ जुलाई, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! आइ संध्या ५ बजे सँ कफी हाउस मे मैथिली साहित्य महासभा दिल्ली द्वारा राखल गेल बैसार करीब २ घंटा धरि चलल। एहि बैसार मे आगामी २ अगस्त, २०१५ केँ कन्स्टीच्युशन क्लब मे राखल गेल पद्मश्री डा. उषा किरण खाँ केर व्याख्यानमाला कार्यक्रमक प्रारूपक संग-संग आवश्यक तैयारी तथा कोष-प्रबंधन मैथिली साहित्य महासभा दिल्लीक नियार: २ अगस्त केँ होयत डा. उषा किरण खाँ केर व्याख्यानमाला

ई नहि देब, ओ नहि देब, तऽ कि देब, ‘बाबाजी का ठुल्लू’??

व्यंग्य प्रसंग – राकेश झा, ठाढी, मधुबनी। आइ भोरुकवा मे एकटा सपना देखलौं कि एकटा बाबाजी हमरा लंग ऐला आ कहला जे माँग तोरा कि चाही । आय जे सब मंगबैं से मिल जेतौ, हम अकचका क पुछलौं बाबाजी हमरे पर ई मेहरबानी कियैक । त कहला जो रे मुर्ख तुहीं सब त सबसं पिछ्ङल ई नहि देब, ओ नहि देब, तऽ कि देब, ‘बाबाजी का ठुल्लू’??