कलियुग वर्णन – तुलसीदासकृत रामचरितमानस सँ प्रेरित
कलियुग-वर्णन (तुलसीदासकृत् रामचरितमानस सँ प्रेरित) दोहाः युगक नाम एक कलियुग, सब अधर्मे बेहाल। धन मद मत्त लोक सब, उग्रबुद्धि वाचाल॥ पाप खेलक सब धर्म केँ, लुप्त भेल सदग्रंथ। दंभीक मति आ कल्पना, प्रगट भेल बहुपंथ॥ भेल लोक सब मोहक वश, लोभ खेलक शुभ कर्म। सुनु भगत आ ज्ञानक खान, कहब गोटेक कलिधर्म॥ … कलियुग वर्णन – तुलसीदासकृत रामचरितमानस सँ प्रेरित









