मिथिलाक इतिहास आ वर्तमान समाज: शास्त्र-पुराण सँ वर्तमान धरि

मिथिला के राजा एक नहि बल्कि अनेक! (पौराणिक तथा शास्त्रोक्त इतिहास पर आधारित शोध-विचार) - प्रवीण नारायण चौधरी एक जनक - एक दरभंगा महाराजा! जनकजी के समयक...

सावधान मिथिला!! कि एहेन घटना अहुँक समाज मे घटय लागल अछि?

दहेजक लीला - पंकज झा, धनौजा (मधुबनी) (हाल: मुम्बई) एक टा बेरोजगार आ कामचोर बेटा(केदार) के बाप(लीलाधर बाबु) बहुत चिंतित छैथ, बेटा जवान भ गेल मुदा...

दरभंगिया हिन्दी (एकांकी नाटक)

भूमिका: मिथिलावासीक भाषिक पहिचान मैथिली भाषा सँ मैथिल होइत अछि। राजा हरसिंह देवक समय मे कहाँ दैन मैथिल मूल जाति आ उपजातिक रूप मे अन्य...

घुरि आउ मान्या – श्याम दरिहरेक नव मैथिली उपन्यास

बाल मुकुन्द पाठक, पटना। अगस्त २१, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! कथा संग्रह 'सरसों मे भूत' आ 'बड़की काकी एट हाॅटमेल डाॅट काॅम' सँ मैथिली साहित्य मे...

रातिकेर चनबा पसरबा सँ पहिने

- सियाराम झा सरस   कालकेर कागत ससरबा सँ पहिने गीत कते लीखब जरूरी अछि भाइ रे! रातिकेर चनबा पसरबा सँ पहिने आतुरता होइछ जेना पाँतर टपाइ रे!   कत'-कहाँ नान्हिटा-टा...

सुनु-सुनु मुरलिया केर तान सजनी – आहाँ बसय छी हमरे प्राण सजनी

गीत - मनीष झा, द्वालक, मधुबनी (हाल: मुम्बई) (मैथिली गीतकार, कवि एवं कलाकार - अभिनेता) सुनू-सुनू मुरलिया केर तान सजनी आहाँ ब'सै छी हमरे प्राण सजनी आनल लहठी नै...

सुरुजक छाहरि मे (मैथिली पोथी: कविता संग्रह): लेखक मनोज शाण्डिल्य

उलहन   - मनोज शाण्डिल्य   धुर केहन बड़द सन मनसा हमरा देलें ताकि गे नहि बाजै छै अप्पन भासा जीह गेल छै पाकि गे..........   ढउआ कैंचा हम की करबै हमरा लेल बलाय...

मिथिला: मार्कण्डेय काटजू

मिथिला- मार्कण्डेय काटजूहमर पूर्वक पोस्ट द्वारा महान न्यायिक दार्शनिक उद्यानाचार्य, सुविख्यात नीतिशास्त्र 'न्याय कुसुमाञ्जलि' केर रचयिता जे मिथिला सँ छलाह तिनकर...

कविताक सत्य

आलेख - राम चैतन्य धीरज *एहि भूमण्डलीकरणक युग मे कविताक सीमा व्यापक भऽ गेल अछि। तेँ एहि व्यापकता मे संघर्षक आयाम केँ प्रस्तुत करब आवश्यक अछि। *क्षेत्रीय...

मैथिलीक महान् पुरोधा स्रष्टा ‘मधुकांत मधुकर’ साहित्य अकादमी सम्मान सँ वंचित

विजय झा, कहरा, सहरसा। मैथिली जिन्दाबाद! जुन ३१, २०१५.   हजारों मैथिली गीत आ कतेको रास पोथीक रचनाकार ९२ बसंत पार कय चुकल चैनपुर निवासी पं....